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गंगा का जलस्तर बढ़ने से किसानों व ग्रामीणों में बेचैनी
Updated Sat, 08 Jul 2017 11:35 PM IST
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प्रति घंटे दो सेंमी. बढ़ रहा गंगा का जलस्तर
डलमऊ (रायबरेली)। पहाड़ों पर लगातार हो रही भारी बारिश के कारण गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे किसानों और ग्रामीणों में दहशत है। गंगा का चेतावनी बिंदु 98.360 मीटर तथा खतरे का निशान 99.360 मीटर है। केंद्रीय जल आयोग की सूचना के अनुसार गंगा का जलस्तर दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार शनिवार को गंगा का जलस्तर 96.600 मीटर नापा गया।
डलमऊ कस्बा निवासी मोहम्मद नसीर, जहांगीराबाद ग्राम निवासी राम प्रसाद, देवीदीन, सर्जन यादव आदि ने बताया की गंगा का जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो तो जल्दी ही कटरी क्षेत्र में लगी सब्जियों की फसल नष्ट हो जाएगी। ग्रामीणों ने बताया कि प्रत्येक वर्ष गंगा की बाढ़ से हजारों हेक्टेअयर फसल डूब जाती है, जिससे किसानों को काफी नुकसान होता है, लेकिन प्रशासन से उसका मुआवजा तक नहीं मिलता।
किसानों का कहना है कि प्रशासन एक और बाढ़ से निपटने के लिए कागजी घोड़ा दौड़ा रहा है, वहीं धरातल पर बाढ़ से निपटने की तैयारियां पूरी नजर नहीं आ रही हैं। उप जिलाधिकारी प्रदीप कुमार वर्मा ने बताया कि चेतावनी बिंदु पार होने के बाद ही बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है। अभी ऐसी कोई बात नहीं है। जलस्तर पर लगातार नजररखी जा रही है। बाढ़ से निपटने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
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डलमऊ (रायबरेली)। पहाड़ों पर लगातार हो रही भारी बारिश के कारण गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे किसानों और ग्रामीणों में दहशत है। गंगा का चेतावनी बिंदु 98.360 मीटर तथा खतरे का निशान 99.360 मीटर है। केंद्रीय जल आयोग की सूचना के अनुसार गंगा का जलस्तर दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार शनिवार को गंगा का जलस्तर 96.600 मीटर नापा गया।
डलमऊ कस्बा निवासी मोहम्मद नसीर, जहांगीराबाद ग्राम निवासी राम प्रसाद, देवीदीन, सर्जन यादव आदि ने बताया की गंगा का जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो तो जल्दी ही कटरी क्षेत्र में लगी सब्जियों की फसल नष्ट हो जाएगी। ग्रामीणों ने बताया कि प्रत्येक वर्ष गंगा की बाढ़ से हजारों हेक्टेअयर फसल डूब जाती है, जिससे किसानों को काफी नुकसान होता है, लेकिन प्रशासन से उसका मुआवजा तक नहीं मिलता।
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किसानों का कहना है कि प्रशासन एक और बाढ़ से निपटने के लिए कागजी घोड़ा दौड़ा रहा है, वहीं धरातल पर बाढ़ से निपटने की तैयारियां पूरी नजर नहीं आ रही हैं। उप जिलाधिकारी प्रदीप कुमार वर्मा ने बताया कि चेतावनी बिंदु पार होने के बाद ही बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है। अभी ऐसी कोई बात नहीं है। जलस्तर पर लगातार नजररखी जा रही है। बाढ़ से निपटने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
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