फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   1700 Milk in schools not divided

1700 स्कूलों में नहीं बंटा दूध

Wed, 06 Jan 2016 11:20 PM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 06 Jan 2016 11:20 PM IST
विज्ञापन
ये हाल तब है जब परिषदीय स्कूलों में लगातार दाखिला लेने वाले बच्चों की संख्या घट रही है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से लिए गए 10 नमूनों की अभी रिपोर्ट नहीं आई है।
विज्ञापन


शासन ने पूर्व में परिषदीय स्कूलों के बच्चों में दूध बंटवाने के आदेश दिए थे। तमाम खामियां होनेे के कारण आदेश पर एमडीएम के मेन्यू में संशोधन करके नया आदेश जारी किया गया।
विज्ञापन


इसके तहत हर बुधवार को दूध बांटने के लिए बजट की भी व्यवस्था की गई। लेकिन स्कूलों में बच्चों को दूध नहीं बंट रहा है। 2,467 स्कूलों में मात्र 729 स्कूलों में पिछले बुधवार को दूध बांटा गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


यानी 30 प्रतिशत ही बच्चों को दूध मिला। 70 प्रतिशत बच्चे दूध के लिए तरस रहे हैं। आज 2,467 में से पड़रई, चांदपुर, रुकुनपुर, हैमूपुर समेत 1700 स्कूलों में बच्चों को दूध नहीं मिला।

जबकि मामले को गंभीरता से लेते हुए बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को नोटिस जारी कर स्कूलों में हर बुधवार को शत प्रतिशत बच्चों में दूध बंटवाने के आदेश दे रखे हैं।

हेडमास्टरों का कहना है कि दूध की व्यवस्था नहीं होने से वितरण नहीं हो पा रहा है। जिले में एक हजार से अधिक स्कूलों में राशन न मिलने के कारण एमडीएम ठप है।

कुछ स्कूलों में कन्वर्जन कॉस्ट तक नहीं पहुंची है। इससे करीब डेढ़ लाख बच्चे बिना भोजन के ही घर लौट रहे हैं। प्राथमिक स्कूल उड़वा, बरेथा, चिचौली, सिंहापुर भटौली, गढ़ी मनिहर, टिकरिया, तिवारीपुर, कजियाना, कोड़िया समेत एक हजार से अधिक स्कूलों में कोटेदार राशन उपलब्ध नहीं करा है।

इससे बच्चों को एमडीएम नहीं मिल पा रहा है। वहीं परिषदीय स्कूलों में एमडीएम की गुणवत्ता की जांच के लिए सितंबर 2015 के बाद भरे गए 10 नमूनों की जांच रिपोर्ट नहीं आई है। इससे पूर्व भरे गए 30 नमूने जांच में सही मिले थे।

एडीएम प्रशासन एससी चौधरी का कहना है कि परिषदीय स्कूलों में शासन के निर्देश पर एमडीएम में बनवाए गए भोजन का नमूना भरवाया गया था।

इसमें कुछ की जांच रिपोर्ट आ गई है, कुछ की रिपोर्ट अभी नहीं आई है। हालांकि अब तक इस संबंध में न्यायालय में कोई मुकदमा नहीं किया गया है। अब राशन का नमूना भरवाया जा रहा है।

अभिहित अधिकारी शशांक त्रिपाठी ने बताया कि वर्ष 2015 में परिषदीय स्कूलों में टीम भेजकर एमडीएम के 40 नमूने भरवाए गए थे। इसमें 30 नमूनों की रिपोर्ट आ गई है।


एक भी नमूना जांच में फेल नहीं आया है। 10 नमूनों की रिपोर्ट अभी नहीं आई है। हालांकि नमूने भरने का काम चल रहा है। फेल आने पर मुकदमा किया जाएगा।

बीएसए रामसागर पति त्रिपाठी बोले कि एमडीएम की गुणवत्ता पर खास ध्यान दिया जा रहा है। सभी बीईओ को सभी स्कूलों में बच्चों को बुधवार को दूध उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।

लापरवाही करने वाले हेडमास्टरों पर कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही व्यवस्था सुधरेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed