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169 प्रसूताओं की होगी जांच व इलाज
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 29 Jan 2016 12:12 AM IST
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प्रसूताओं की देखभाल व सुरक्षित प्रसव कराने के लिए मातृत्व सप्ताह बृहस्पतिवार को शुरू हो गया। पहले दिन 2,598 प्रसूताओं की जांच की गई। जिसमें 169 प्रसूताओं को जांच व इलाज के लिए चिह्नित किया गया।
हाई रिस्क प्रिगनेंसी मिलने के कारण इनकी जांच व इलाज 5 फरवरी को सीएचसी व जिला अस्पताल में किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मातृत्व सप्ताह शुरू किया गया है।
इसके तहत जिले में 27,256 प्रसूताओं की जांच करनी हैं। इसमें कमजोर व बीमारी से ग्रसित प्रसूताओं को चिह्नित किया जा रहा है। प्रसव से पहले इनका इलाज कराकर सेहतमंद बनाया जाएगा।
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पहले दिन जिले में 2,598 प्रसूताओं की जांच हुई। जिसमें 169 प्रसूताओं को जांच व इलाज के लिए चिह्नित किया गया है। सीएमओ डॉ. राकेश कुमार यादव ने बताया कि यह अभियान सात दिनों तक चलेगा।
एएनएम, आशा बहू व अन्य महिला स्वास्थ्यकर्मी गांवों में प्रसूताओं को चिह्नित कर रही है। 5 फरवरी को हाई रिस्क प्रिगनेंसी वाली मिलने वाली प्रसूताओं को सीएचसी, पीएचसी व जिला अस्पताल में लाकर जांच व इलाज कराया जाएगा।
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हाई रिस्क प्रिगनेंसी मिलने के कारण इनकी जांच व इलाज 5 फरवरी को सीएचसी व जिला अस्पताल में किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मातृत्व सप्ताह शुरू किया गया है।
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इसके तहत जिले में 27,256 प्रसूताओं की जांच करनी हैं। इसमें कमजोर व बीमारी से ग्रसित प्रसूताओं को चिह्नित किया जा रहा है। प्रसव से पहले इनका इलाज कराकर सेहतमंद बनाया जाएगा।
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पहले दिन जिले में 2,598 प्रसूताओं की जांच हुई। जिसमें 169 प्रसूताओं को जांच व इलाज के लिए चिह्नित किया गया है। सीएमओ डॉ. राकेश कुमार यादव ने बताया कि यह अभियान सात दिनों तक चलेगा।
एएनएम, आशा बहू व अन्य महिला स्वास्थ्यकर्मी गांवों में प्रसूताओं को चिह्नित कर रही है। 5 फरवरी को हाई रिस्क प्रिगनेंसी वाली मिलने वाली प्रसूताओं को सीएचसी, पीएचसी व जिला अस्पताल में लाकर जांच व इलाज कराया जाएगा।