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हड़ताल पर रहे 400 लेखपाल, तहसीलों में ठप रहा कामकाज
Updated Wed, 18 Oct 2017 12:02 AM IST
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हड़ताल पर रहे 400 लेखपाल, कामकाज ठप
रायबरेली। विभिन्न मांगों को लेकर जिले भर के करीब 400 लेखपाल मंगलवार को हड़ताल पर रहे। लेखपालों ने न सिर्फ तहसील दिवस का बहिष्कार किया, बल्कि नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। लेखपालों की हड़ताल से समस्त तहसीलों में कामकाज ठप रहा। आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र नहीं बन पाए। लेखपालों का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर सरकार अनदेखी कर रही है।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की ओर से जिलेभर की तहसीलों में हड़ताल की गई। सदर, महराजगंज, ऊंचाहार, डलमऊ, सलोन तहसीलों में सुबह से ही लेखपाल धरने पर बैठ गए और अपनी मांगों को जोरदारी के साथ उठाया। सदर तहसील परिसर में धरने में बैठे संघ के अध्यक्ष धर्मेद्र कुमार द्विवेदी, मंत्री राम अनुज दीक्षित ने कहा कि लेखपाल की शैक्षिक अर्हता स्नातक करने व पदनाम राजस्व उप निरीक्षक करने एवं प्रारंभिक वेतनमान ग्रेड पे दो हजार से बढ़ाकर ग्रेड पे 2800 किया जाए। वेतन विसंगति दूर किए जाने समेत अन्य मांगें शामिल हैं, जिस पर विचार नहीं किया जा रहा है। धर्मेद्र मिश्रा, मेवालाल वर्मा, प्रवीण मिश्रा, दीपाली, अलका, प्रज्ञा शुक्ला आदि का कहना है कि मांगें पूरी की जाएं, वरना तीखा आंदोलन छेड़ा जाएगा। सभी ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मांगें पूरा किए जाने की मांग की। लेखपालों की हड़ताल से आय, निवास, जाति प्रमाणपत्र बनाने समेत अन्य कार्य ठप रहे, जिससे फरियादियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बिबियापुर के रहने वाले कैलाश, खुरेहटी के सुंदरला, जमालपुर के घुरऊ और खुरेहटी के पूर्व प्रधान श्यामलाल तहसील में आए थे, लेकिन लेखपालों की हड़ताल की वजह से उनका कार्य नहीं हो सका। इससे सभी को बैरंग लौटना पड़ा। इनका कहना था कि हड़ताल की जानकारी नहीं थी, वरना तहसील न आता।
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रायबरेली। विभिन्न मांगों को लेकर जिले भर के करीब 400 लेखपाल मंगलवार को हड़ताल पर रहे। लेखपालों ने न सिर्फ तहसील दिवस का बहिष्कार किया, बल्कि नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। लेखपालों की हड़ताल से समस्त तहसीलों में कामकाज ठप रहा। आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र नहीं बन पाए। लेखपालों का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर सरकार अनदेखी कर रही है।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की ओर से जिलेभर की तहसीलों में हड़ताल की गई। सदर, महराजगंज, ऊंचाहार, डलमऊ, सलोन तहसीलों में सुबह से ही लेखपाल धरने पर बैठ गए और अपनी मांगों को जोरदारी के साथ उठाया। सदर तहसील परिसर में धरने में बैठे संघ के अध्यक्ष धर्मेद्र कुमार द्विवेदी, मंत्री राम अनुज दीक्षित ने कहा कि लेखपाल की शैक्षिक अर्हता स्नातक करने व पदनाम राजस्व उप निरीक्षक करने एवं प्रारंभिक वेतनमान ग्रेड पे दो हजार से बढ़ाकर ग्रेड पे 2800 किया जाए। वेतन विसंगति दूर किए जाने समेत अन्य मांगें शामिल हैं, जिस पर विचार नहीं किया जा रहा है। धर्मेद्र मिश्रा, मेवालाल वर्मा, प्रवीण मिश्रा, दीपाली, अलका, प्रज्ञा शुक्ला आदि का कहना है कि मांगें पूरी की जाएं, वरना तीखा आंदोलन छेड़ा जाएगा। सभी ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मांगें पूरा किए जाने की मांग की। लेखपालों की हड़ताल से आय, निवास, जाति प्रमाणपत्र बनाने समेत अन्य कार्य ठप रहे, जिससे फरियादियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बिबियापुर के रहने वाले कैलाश, खुरेहटी के सुंदरला, जमालपुर के घुरऊ और खुरेहटी के पूर्व प्रधान श्यामलाल तहसील में आए थे, लेकिन लेखपालों की हड़ताल की वजह से उनका कार्य नहीं हो सका। इससे सभी को बैरंग लौटना पड़ा। इनका कहना था कि हड़ताल की जानकारी नहीं थी, वरना तहसील न आता।
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