{"_id":"59beca674f1c1b26688b52bb","slug":"161505675879-raebareli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाम बड़े और दर्शन थोड़े, स्वास्थ्य विभाग की पहचान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नाम बड़े और दर्शन थोड़े, स्वास्थ्य विभाग की पहचान
Updated Mon, 18 Sep 2017 12:47 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में 264 में से 205 डॉक्टर तैनात
रायबरेली। स्वास्थ्य विभाग स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। यहां पर जब चिकित्सक ही भरपूर नहीं हैं तो फिर आम आदमी की सेहत कैसे ठीक हो। खास बात ये है कि 23 डॉक्टर तनख्वाह तो ले रहे हैं, लेकिन वे सालों से अनुपस्थित चल रहे हैं। कई बार इसको लेकर लिखापढ़ी की गई, लेकिन नतीजा सिफर रहा। सर्जन, चाइल्ड स्पेशलिस्ट और स्किन के चिकित्सकों के न होने से रोगियों को प्राइवेट अस्पताल की शरण लेनी पड़ रही है।
पुरुष जिला अस्पताल और महिला जिला अस्पताल के अलावा यहां पर 16 सीएचसी का संचालन किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो अस्पतालों में 264 पद डॉक्टरों के हैं। मौजूदा समय में 205 डॉक्टर तैनात हैं। इन डॉक्टरों में 23 डॉक्टर ऐसे हैं, जो लंबे समय से अनुपस्थित है, जबकि 16 डॉक्टर पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहे है। मतलब जिले में कार्यरत 205 डॉक्टरों में भी टोटा है। ये सब वेतन तो ले रहे हैं, लेकिन अस्पतालों में अपनी सेवाएं नहीं दे रहे हैं। यह हाल तब है, जब जिला मुख्यालय से लेकर सीएचसी-पीएचसी में प्रति माह हजारों की तादाद में रोगी इलाज कराने पहुंचते हैं, लेकिन डॉक्टरों की कमी से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं। जिला अस्पताल में स्टेचर की कमी होने से तीमारदारों को रोगियों को गोदी पर ले जाकर इलाज कराना पड़ रहा है। बावजूद समस्या को दूर नहीं कराया जा रहा है।
स्टाफ नर्स और एएनएम की भी कमी
जिले में स्टाफ नर्स की भारी कमी है। जिले में स्टाफ नर्स के 65 पद हैं, लेकिन 11 स्टाफ नर्स ही कार्यरत हैं। 54 पद खाली है। जिले में टीकाकरण सहित सरकार के विभिन्न योजनाओं को जिम्मेदारी संभाल रही एएनएम की कमी है। 408 पदों में से केवल 285 एएनएम कार्य कर रही हैं। वीआईपी जिले में शामिल रायबरेली में स्वास्थ्य विभाग जिस तरीके से स्टाफ की कमी से जूझ रहा है उससे एक बात तो तय कि जिले में स्वास्थ्य सेवाएं भगवान भरोसे ही चल रही है।
विज्ञापन
31 में से 18 डॉक्टर संभाल रहे मोर्चा
पुरुष जिला अस्पताल में प्रतिदिन 1500 से अधिक रोगी इलाज कराने पहुंचते हैं। बावजूद यहां पर डॉक्टरों की बेहद कमी है। आंकड़ों के मुताबिक यहां पर चिकित्सकों के 31 पद सृजित हैं। इसमें से 20 चिकित्सक तैनात थे। जिसमें से दो और डॉक्टरों का तबादला हो गया। नतीजतन अब 18 चिकित्सक ही बचे हैं। वहीं महिला जिला चिकित्सालय में 12 चिकित्सकों में से 11 चिकित्सक तैनात हैं।
स्वास्थ्य विभाग भले ही स्टाफ की कमी से जूझ रहा है, लेकिन जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। दवाओं की कोई कमी नहीं है। जो चिकित्सक अनुपस्थित चल रहे हैं, उनके खिलाफ उच्चाधिकारियों को लिखापढ़ी करके भेजा गया है। साथ ही चिकित्सकों की तैनात किए जाने की मांग की गई है। जल्द व्यवस्था सुधर जाएगी।- डॉ. डीके सिंह, सीएमओ
विज्ञापन
रायबरेली। स्वास्थ्य विभाग स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। यहां पर जब चिकित्सक ही भरपूर नहीं हैं तो फिर आम आदमी की सेहत कैसे ठीक हो। खास बात ये है कि 23 डॉक्टर तनख्वाह तो ले रहे हैं, लेकिन वे सालों से अनुपस्थित चल रहे हैं। कई बार इसको लेकर लिखापढ़ी की गई, लेकिन नतीजा सिफर रहा। सर्जन, चाइल्ड स्पेशलिस्ट और स्किन के चिकित्सकों के न होने से रोगियों को प्राइवेट अस्पताल की शरण लेनी पड़ रही है।
पुरुष जिला अस्पताल और महिला जिला अस्पताल के अलावा यहां पर 16 सीएचसी का संचालन किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो अस्पतालों में 264 पद डॉक्टरों के हैं। मौजूदा समय में 205 डॉक्टर तैनात हैं। इन डॉक्टरों में 23 डॉक्टर ऐसे हैं, जो लंबे समय से अनुपस्थित है, जबकि 16 डॉक्टर पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहे है। मतलब जिले में कार्यरत 205 डॉक्टरों में भी टोटा है। ये सब वेतन तो ले रहे हैं, लेकिन अस्पतालों में अपनी सेवाएं नहीं दे रहे हैं। यह हाल तब है, जब जिला मुख्यालय से लेकर सीएचसी-पीएचसी में प्रति माह हजारों की तादाद में रोगी इलाज कराने पहुंचते हैं, लेकिन डॉक्टरों की कमी से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं। जिला अस्पताल में स्टेचर की कमी होने से तीमारदारों को रोगियों को गोदी पर ले जाकर इलाज कराना पड़ रहा है। बावजूद समस्या को दूर नहीं कराया जा रहा है।
विज्ञापन
स्टाफ नर्स और एएनएम की भी कमी
जिले में स्टाफ नर्स की भारी कमी है। जिले में स्टाफ नर्स के 65 पद हैं, लेकिन 11 स्टाफ नर्स ही कार्यरत हैं। 54 पद खाली है। जिले में टीकाकरण सहित सरकार के विभिन्न योजनाओं को जिम्मेदारी संभाल रही एएनएम की कमी है। 408 पदों में से केवल 285 एएनएम कार्य कर रही हैं। वीआईपी जिले में शामिल रायबरेली में स्वास्थ्य विभाग जिस तरीके से स्टाफ की कमी से जूझ रहा है उससे एक बात तो तय कि जिले में स्वास्थ्य सेवाएं भगवान भरोसे ही चल रही है।
विज्ञापन
31 में से 18 डॉक्टर संभाल रहे मोर्चा
पुरुष जिला अस्पताल में प्रतिदिन 1500 से अधिक रोगी इलाज कराने पहुंचते हैं। बावजूद यहां पर डॉक्टरों की बेहद कमी है। आंकड़ों के मुताबिक यहां पर चिकित्सकों के 31 पद सृजित हैं। इसमें से 20 चिकित्सक तैनात थे। जिसमें से दो और डॉक्टरों का तबादला हो गया। नतीजतन अब 18 चिकित्सक ही बचे हैं। वहीं महिला जिला चिकित्सालय में 12 चिकित्सकों में से 11 चिकित्सक तैनात हैं।
स्वास्थ्य विभाग भले ही स्टाफ की कमी से जूझ रहा है, लेकिन जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। दवाओं की कोई कमी नहीं है। जो चिकित्सक अनुपस्थित चल रहे हैं, उनके खिलाफ उच्चाधिकारियों को लिखापढ़ी करके भेजा गया है। साथ ही चिकित्सकों की तैनात किए जाने की मांग की गई है। जल्द व्यवस्था सुधर जाएगी।- डॉ. डीके सिंह, सीएमओ