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एम्स में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए 24 फैकल्टी व सीटों को भरने की कवायद
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संकायों के लिए तीन जुलाई तक मांगे आवेदन, दिल्ली एम्स से मिलेगा पहला बैच
रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दरियापुर में अगस्त माह से शुरू होने वाली एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए स्टाफ और संसाधनों को जुटाने की कवायद तेज हो गई है। प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर समेत 24 संकायों (फैकल्टी) भरने के लिए तीन जुलाई तक आवेदन मांगे गए हैं।
इसके अलावा एम्स दिल्ली में काउंसलिंग के बाद पहले बैच के 50 एमबीबीएस छात्रों का एडमिशन यहां होगा। उम्मीद है कि जुलाई में संकाय और छात्रों के एडमिशन का काम पूरा हो जाएगा। एम्स दरियापुर में पिछली 13 अगस्त से ओपीडी चल रही है।
अब तक यहां मेडिसिन, डेंटल, अस्थि रोग, पीड्रियाटिक, ईएनटी आदि की सुविधाएं मिल रही हैं। इमरजेंसी व मरीजों को भर्ती करने के साथ ही सर्जरी की सुविधा शुरू नहीं कराई गई है। एम्स में अगस्त माह से एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू होने वाली है।
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पहले बैच में पढ़ाई के लिए 50 बच्चों का दाखिला होगा। दिल्ली एम्स में एमबीबीएस में एडमिशन के लिए प्रक्रिया चल रही है। परीक्षा व काउंसलिंग के बाद छात्रों का आवंटन होने के बाद यहां एडमिशन का काम पूरा किया जाएगा। पहले बैच को शुरू कराने के लिए प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर सहित 24 संकायों के लिए पीजीआई चंडीगढ़ ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।
तीन जुलाई तक आवेदन मांगे गए हैं। पीजीआई चंडीगढ़ और एम्स दरियापुर की वेबसाइट पर डिटेल डाला गया है। प्रयास किया जा रहा है। 25 जुलाई तक सभी संकायों को भरने का काम पूरा कर लिया जाएगा, जिससे अगस्त महीने से एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू हो सके।
30 जून तक लैब व अन्य व्यवस्था के आदेश
एमबीबीएस के पहले बैच की पढ़ाई को शुरू कराने के लिए मिनिस्ट्री ने लैब व अन्य उपकरणों की व्यवस्था करने के आदेश दिए हैं। एम्स के भवन का निर्माण कर रही एचएससीसी कंपनी को ही यह काम भी सौंपा गया है।
30 जून तक यह काम पूरा कराने के लिए कहा गया है। पहले बैच में बायोकेमेस्ट्री, एटॉमनी, फिजियालॉजी और कम्यूनिटी मेडिसिन की पढ़ाई होगी। इन चारों कोर्सों के लिए लैब व अन्य संसाधनों की व्यवस्था होगी।
दिल्ली एम्स के प्रोफेसरों की टीम ने सौंपी रिपोर्ट
पिछले सप्ताह दिल्ली एम्स की टीम यहां आई थी। निर्माणाधीन भवन के साथ ही अन्य तैयारियों की पड़ताल की है। टीम ने अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी है, जिसके बाद प्रक्रिया में तेजी आ गई है।
बीती दो जूून को दिल्ली एम्स की प्रोफेसर डॉ. राजेश्वरी सुब्रह्मण्यम, प्रो. मनीष सिंघल आदि की टीम ने यहां आकर हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज के भवनों के काम के साथ ही अन्य व्यवस्था को देखा था।
एमबीबीएस के पहले बैच की पढ़ाई अगस्त माह से शुरू कराने के लिए 24 संकायों को भराने का काम शुरू करा दिया गया है। पहले बैच के लिए 50 छात्रों का आवंटन दिल्ली एम्स से होने के कारण एडमिशन लिया जाएगा। जुलाई माह में सारी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
-समीर शुक्ला, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, एम्स रायबरेली
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रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दरियापुर में अगस्त माह से शुरू होने वाली एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए स्टाफ और संसाधनों को जुटाने की कवायद तेज हो गई है। प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर समेत 24 संकायों (फैकल्टी) भरने के लिए तीन जुलाई तक आवेदन मांगे गए हैं।
इसके अलावा एम्स दिल्ली में काउंसलिंग के बाद पहले बैच के 50 एमबीबीएस छात्रों का एडमिशन यहां होगा। उम्मीद है कि जुलाई में संकाय और छात्रों के एडमिशन का काम पूरा हो जाएगा। एम्स दरियापुर में पिछली 13 अगस्त से ओपीडी चल रही है।
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अब तक यहां मेडिसिन, डेंटल, अस्थि रोग, पीड्रियाटिक, ईएनटी आदि की सुविधाएं मिल रही हैं। इमरजेंसी व मरीजों को भर्ती करने के साथ ही सर्जरी की सुविधा शुरू नहीं कराई गई है। एम्स में अगस्त माह से एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू होने वाली है।
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पहले बैच में पढ़ाई के लिए 50 बच्चों का दाखिला होगा। दिल्ली एम्स में एमबीबीएस में एडमिशन के लिए प्रक्रिया चल रही है। परीक्षा व काउंसलिंग के बाद छात्रों का आवंटन होने के बाद यहां एडमिशन का काम पूरा किया जाएगा। पहले बैच को शुरू कराने के लिए प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर सहित 24 संकायों के लिए पीजीआई चंडीगढ़ ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।
तीन जुलाई तक आवेदन मांगे गए हैं। पीजीआई चंडीगढ़ और एम्स दरियापुर की वेबसाइट पर डिटेल डाला गया है। प्रयास किया जा रहा है। 25 जुलाई तक सभी संकायों को भरने का काम पूरा कर लिया जाएगा, जिससे अगस्त महीने से एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू हो सके।
30 जून तक लैब व अन्य व्यवस्था के आदेश
एमबीबीएस के पहले बैच की पढ़ाई को शुरू कराने के लिए मिनिस्ट्री ने लैब व अन्य उपकरणों की व्यवस्था करने के आदेश दिए हैं। एम्स के भवन का निर्माण कर रही एचएससीसी कंपनी को ही यह काम भी सौंपा गया है।
30 जून तक यह काम पूरा कराने के लिए कहा गया है। पहले बैच में बायोकेमेस्ट्री, एटॉमनी, फिजियालॉजी और कम्यूनिटी मेडिसिन की पढ़ाई होगी। इन चारों कोर्सों के लिए लैब व अन्य संसाधनों की व्यवस्था होगी।
दिल्ली एम्स के प्रोफेसरों की टीम ने सौंपी रिपोर्ट
पिछले सप्ताह दिल्ली एम्स की टीम यहां आई थी। निर्माणाधीन भवन के साथ ही अन्य तैयारियों की पड़ताल की है। टीम ने अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी है, जिसके बाद प्रक्रिया में तेजी आ गई है।
बीती दो जूून को दिल्ली एम्स की प्रोफेसर डॉ. राजेश्वरी सुब्रह्मण्यम, प्रो. मनीष सिंघल आदि की टीम ने यहां आकर हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज के भवनों के काम के साथ ही अन्य व्यवस्था को देखा था।
एमबीबीएस के पहले बैच की पढ़ाई अगस्त माह से शुरू कराने के लिए 24 संकायों को भराने का काम शुरू करा दिया गया है। पहले बैच के लिए 50 छात्रों का आवंटन दिल्ली एम्स से होने के कारण एडमिशन लिया जाएगा। जुलाई माह में सारी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
-समीर शुक्ला, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, एम्स रायबरेली