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अम्मी ने डांटा तो घर छोड़कर भागा आदिल
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घर में अम्मी ने किसी बात पर डांट दिया तो 13 साल का आदिल चुपके से भाग निकला। काफी देर तक जब वह घर नहीं लौटा तो परिवारीजनों ने उसकी तलाश शुरू की। वह भटकते हुए रेलवे स्टेशन पहुंच गया। जीआरपी ने संदेह होने पर पूछताछ की तो किशोर ने पूरी कहानी व घर का पता बताया।
नसीराबाद पुलिस की मदद से किशोर के परिवारीजनों से संपर्क हुआ। रविवार को जीआरपी थाने आए परिवारीजन आदिल को घर ले गए। जीआरपी थानाध्यक्ष रवींद्र कुमार पांडेय ने बताया कि वह अपनी टीम के साथ स्टेशन परिसर की चेकिंग कर रहे थे।
इसी बीच प्लेटफार्म नंबर एक पर 13 साल की उम्र का किशोर गुमसुम बैठा मिला। उसके आसपास कोई परिजन भी नजर नहीं आया। शक होने पर उससे पूछताछ की गई तो वह रोने लगा। उसने अपना नाम आदिल पुत्र हाफिज मोहम्मद वारिस बताया।
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वह परिवारीजनों का मोबाइल नंबर तो नहीं बता सका लेकिन घर का पता ग्राम पूरे मस्जिद जमालपुर हुरैया थाना नसीराबाद जिला रायबरेली बताया। उसने बताया कि शनिवार को अम्मी ने डांट दिया था जिससे गुस्से में आकर वह चुपके से घर से भाग निकला था। काफी दूर आने के बाद भटक गया।
एसओ ने बताया कि मोबाइल नंबर न मिल पाने के कारण किशोर के बताए गए पते पर संपर्क करने के लिए नसीराबाद थाने की मदद ली गई। नसीराबाद थाने की पुलिस की मदद से घर वालों से संपर्क हुआ तो उन लोगों ने तुरंत जीआरपी थाने पहुंचने की बात कही।
कुछ देर बाद आदिल के पिता हाफिज मोहम्मद वारिस, मामा मो. फैयाज जीआरपी थाने पहुंच गए जिन्हें देखकर आदिल रो पड़ा और गले लग गया। आदिल ने अपने पिता से कहा कि वह अब कभी भी बिना बताए घर के बाहर नहीं निकलेगा। जीआरपी थानाध्यक्ष ने भी उसके परिवारीजनों को समझाया कि इस तरह बच्चों को न फटकारें कि वे गलत कदम उठाएं। उन्हें समझाने की कोशिश करें।
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नसीराबाद पुलिस की मदद से किशोर के परिवारीजनों से संपर्क हुआ। रविवार को जीआरपी थाने आए परिवारीजन आदिल को घर ले गए। जीआरपी थानाध्यक्ष रवींद्र कुमार पांडेय ने बताया कि वह अपनी टीम के साथ स्टेशन परिसर की चेकिंग कर रहे थे।
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इसी बीच प्लेटफार्म नंबर एक पर 13 साल की उम्र का किशोर गुमसुम बैठा मिला। उसके आसपास कोई परिजन भी नजर नहीं आया। शक होने पर उससे पूछताछ की गई तो वह रोने लगा। उसने अपना नाम आदिल पुत्र हाफिज मोहम्मद वारिस बताया।
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वह परिवारीजनों का मोबाइल नंबर तो नहीं बता सका लेकिन घर का पता ग्राम पूरे मस्जिद जमालपुर हुरैया थाना नसीराबाद जिला रायबरेली बताया। उसने बताया कि शनिवार को अम्मी ने डांट दिया था जिससे गुस्से में आकर वह चुपके से घर से भाग निकला था। काफी दूर आने के बाद भटक गया।
एसओ ने बताया कि मोबाइल नंबर न मिल पाने के कारण किशोर के बताए गए पते पर संपर्क करने के लिए नसीराबाद थाने की मदद ली गई। नसीराबाद थाने की पुलिस की मदद से घर वालों से संपर्क हुआ तो उन लोगों ने तुरंत जीआरपी थाने पहुंचने की बात कही।
कुछ देर बाद आदिल के पिता हाफिज मोहम्मद वारिस, मामा मो. फैयाज जीआरपी थाने पहुंच गए जिन्हें देखकर आदिल रो पड़ा और गले लग गया। आदिल ने अपने पिता से कहा कि वह अब कभी भी बिना बताए घर के बाहर नहीं निकलेगा। जीआरपी थानाध्यक्ष ने भी उसके परिवारीजनों को समझाया कि इस तरह बच्चों को न फटकारें कि वे गलत कदम उठाएं। उन्हें समझाने की कोशिश करें।