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कहीं भाजपा के दबाव में तो कप्तान ने दिया गलत बयान
Updated Wed, 28 Jun 2017 01:08 AM IST
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रात को हादसा और फिर हो गई हत्या की रिपोर्ट
रायबरेली। अप्टा मजरे इटौरा बजुर्ग गांव में सोमवार रात ये कहा जाता रहा कि बिजली का पोल टूटने और सफारी पर तार गिरने से पांच लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई और उसके बाद हत्या की एफआईआर दर्ज कर ली गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी यही कह रही कि वाहन में सवार लोगों की हत्या की गई।
आखिर इस वारदात को कप्तान और उनके मातहत हादसा कैसे बताते रहे। कहीं ऐसा तो नहीं है कि भाजपा के कद्दावर नेता के दबाव में कप्तान और उनके मातहतों ने घटना को हादसा करार दे दिया हो। इस संबंध में एसपी गौरव सिंह का कहना है कि घटना के निरीक्षण के दौरान वहां मौजूद लोगों से बातचीत और सामने वाहन की हालात देखकर जो बात सामने आई, वहीं बताई गई थी। बाद में पीड़ित परिवार ने जो तहरीर दी है, अब उस पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अब इसकी विवेचना की जाएगी। कानून व्यवस्था में किसी के दबाव में का सवाल ही नहीं उठता।
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रायबरेली। अप्टा मजरे इटौरा बजुर्ग गांव में सोमवार रात ये कहा जाता रहा कि बिजली का पोल टूटने और सफारी पर तार गिरने से पांच लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई और उसके बाद हत्या की एफआईआर दर्ज कर ली गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी यही कह रही कि वाहन में सवार लोगों की हत्या की गई।
आखिर इस वारदात को कप्तान और उनके मातहत हादसा कैसे बताते रहे। कहीं ऐसा तो नहीं है कि भाजपा के कद्दावर नेता के दबाव में कप्तान और उनके मातहतों ने घटना को हादसा करार दे दिया हो। इस संबंध में एसपी गौरव सिंह का कहना है कि घटना के निरीक्षण के दौरान वहां मौजूद लोगों से बातचीत और सामने वाहन की हालात देखकर जो बात सामने आई, वहीं बताई गई थी। बाद में पीड़ित परिवार ने जो तहरीर दी है, अब उस पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अब इसकी विवेचना की जाएगी। कानून व्यवस्था में किसी के दबाव में का सवाल ही नहीं उठता।
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