{"_id":"57e02fd84f1c1b1a03a82870","slug":"15-hours-a-half-million-people-in-the-dark","type":"story","status":"publish","title_hn":"15 घंटे से अंधेरे में डेढ़ लाख लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
15 घंटे से अंधेरे में डेढ़ लाख लोग
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Tue, 20 Sep 2016 12:05 AM IST
विज्ञापन
पावर स्टेशन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खीरों ट्रांसमिशन त्रिपुला से विद्युत उपकेंद्र खीरों और देवगांव जाने वाली लाइन में फॉल्ट आने से ब्लॉक क्षेत्र की डेढ़ लाख आबादी 15 घंटे से अंधेरे में हैं। देर रात आई खराबी को पावर कॉर्पोरेशन नहीं खोज पाया है। इससे लोगों में जबरदस्त नाराजगी है।
उनका कहना है कि आए दिन तरह समस्या बनी रहती है। इसके बावजूद अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। रात से अब तक बिजली न आने से जहां लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ा, वहीं गर्मी और उमस से दो चार होना पड़ा।
खीरों और देवगांव विद्युत उपकेंद्र से ब्लॉक क्षेत्र के 51 गांवों में बिजली की आपूर्ति होेती है। रविवार देर रात रात करीब डेढ़ बजे त्रिपुला ट्रांसमिशन से खीरों को जाने वाली 33 केवी लाइन में फॉल्ट आ गया। उसके बाद आपूर्ति बंद हो गई।
विज्ञापन
उपकेंद्रों के जुड़े खीरों, अतरहर, देवगांव, निहस्था, सेमरी, पाहो, केतनापुर, भीतरगांव, केतनापुर, रमुवापुर, अजीतपुर, दिगपालगंज, दुमटहर समेत 51 गांवों में अंधेरा छा गया। रातभर लोग अंधेरे में रहे। सोमवार को सुबह पावर कॉर्पोरेशन के कर्मचारी फॉल्ट खोजना शुरू किया, लेकिन शाम तक खराबी नहीं मिली।
देर रात से बिजली न आने से डेढ़ लाख आबादी को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के दुमटहर के रामशरण पांडेय, सेमरी के अमर बहादुर, रमुवापुर के संजय तिवारी, खीरों के सुनील तिवारी, भीतरगांव के राम खेलावन यादव समेत अन्य ग्रामीणों ने पावर कॉर्पोरेशन के खिलाफ नाराजगी जताई।
कहा कि इस परेशानी के जिम्मेदार विभागीय अधिकारी हैं। लाइनों से लेकर अन्य सभी संसाधन जर्जर हो गए हैं। बावजूद उनसे काम लिया जा रहा है। यही वजह है कि आए दिन फॉल्ट आ जाता है। इसका दंश जनता को झेलना पड़ता है।
एसडीअाे गाोराबाजार उमेश सिंह त्रिपुला से खीरों को जाने वाली लाइन की लंबाई लगभग 65 किलोमीटर है। फॉल्ट कहां आया है। इसके लिए कर्मचारियों को लगाया गया है। खराबी मिलते ही आपूर्ति बहाल करा दी जाएगी।
विज्ञापन
उनका कहना है कि आए दिन तरह समस्या बनी रहती है। इसके बावजूद अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। रात से अब तक बिजली न आने से जहां लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ा, वहीं गर्मी और उमस से दो चार होना पड़ा।
विज्ञापन
खीरों और देवगांव विद्युत उपकेंद्र से ब्लॉक क्षेत्र के 51 गांवों में बिजली की आपूर्ति होेती है। रविवार देर रात रात करीब डेढ़ बजे त्रिपुला ट्रांसमिशन से खीरों को जाने वाली 33 केवी लाइन में फॉल्ट आ गया। उसके बाद आपूर्ति बंद हो गई।
विज्ञापन
उपकेंद्रों के जुड़े खीरों, अतरहर, देवगांव, निहस्था, सेमरी, पाहो, केतनापुर, भीतरगांव, केतनापुर, रमुवापुर, अजीतपुर, दिगपालगंज, दुमटहर समेत 51 गांवों में अंधेरा छा गया। रातभर लोग अंधेरे में रहे। सोमवार को सुबह पावर कॉर्पोरेशन के कर्मचारी फॉल्ट खोजना शुरू किया, लेकिन शाम तक खराबी नहीं मिली।
देर रात से बिजली न आने से डेढ़ लाख आबादी को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के दुमटहर के रामशरण पांडेय, सेमरी के अमर बहादुर, रमुवापुर के संजय तिवारी, खीरों के सुनील तिवारी, भीतरगांव के राम खेलावन यादव समेत अन्य ग्रामीणों ने पावर कॉर्पोरेशन के खिलाफ नाराजगी जताई।
कहा कि इस परेशानी के जिम्मेदार विभागीय अधिकारी हैं। लाइनों से लेकर अन्य सभी संसाधन जर्जर हो गए हैं। बावजूद उनसे काम लिया जा रहा है। यही वजह है कि आए दिन फॉल्ट आ जाता है। इसका दंश जनता को झेलना पड़ता है।
एसडीअाे गाोराबाजार उमेश सिंह त्रिपुला से खीरों को जाने वाली लाइन की लंबाई लगभग 65 किलोमीटर है। फॉल्ट कहां आया है। इसके लिए कर्मचारियों को लगाया गया है। खराबी मिलते ही आपूर्ति बहाल करा दी जाएगी।