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1400 छात्रों की क्षमता के छात्रावास व स्टाफ के आवास का काम पूरा
Updated Wed, 17 Jan 2018 11:33 PM IST
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278 करोड़ से बनेगा 600 बेड का एम्स हॉस्पिटल
रायबरेली। दिल्ली जैसी इलाज की सुविधा मुहैया कराने के लिए यहां भी एम्स को शुरू कराने की कवायद तेज हो गई है। 1400 छात्रों की क्षमता के हास्टल और एम्स के स्टाफ के लिए आवास बनाने का काम पूरा होने के बाद अब 600 बेड का एम्स हॉस्पिटल (चिकित्सीय परिसर) बनाने का काम शुरू हो गया है।
इसके लिए 278 करोड़ की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है। चिकित्सीय परिसर का काम सर्विस कंसलटेंसी कार्पोरेशन इंडिया लिमिटेड पूरा कराएगा।
शहर से सटे दरियापुर में एम्स प्रस्तावित है। अब तक आवासीय भवनों के निर्माण का काम चल रहा था। इसमें करीब 1400 छात्रों के लिए छात्रावास और एम्स के स्टाफ के लिए भवनों के निर्माण का काम चल रहा था।
आवासीय परिसर का काम लगभग पूरा हो गया है। चिकित्सीय कार्यों के लिए भवन की व्यवस्था न होने के कारण एम्स शुरू नहीं हो सका है।
हालांकि अस्थायी ओपीडी बनाकर काम शुरू करने का प्रयास हुआ लेकिन इलाज शुरू नहीं हो सका। अब सरकार एम्स को लेकर गंभीर है।
आवासीय परिसर का काम पूरा होने के बाद अब चिकित्सीय भवन के निर्माण के लिए 278 करोड़ की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है। सर्विस कंसलटेंसी कार्पोरेशन इंडिया लिमिटेड को निर्माण की जिम्मेदारी दी गई है।
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सर्विस कंसलटेंसी कार्पोरेशन इंडिया लिमिटेड के अधिशाषी अभियंता विक्रम सत्यपति ने बताया कि छात्रावास तथा एम्स के स्टाफ के लिए आवासीय भवन निर्मित किए जा चुके हैं।
278 करोड़ की लागत से बनने वाले चिकित्सीय व 600 बिस्तर के अस्पताल भवन के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। जल्द ही निर्माण का काम शुरू कराया जाएगा।
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रायबरेली। दिल्ली जैसी इलाज की सुविधा मुहैया कराने के लिए यहां भी एम्स को शुरू कराने की कवायद तेज हो गई है। 1400 छात्रों की क्षमता के हास्टल और एम्स के स्टाफ के लिए आवास बनाने का काम पूरा होने के बाद अब 600 बेड का एम्स हॉस्पिटल (चिकित्सीय परिसर) बनाने का काम शुरू हो गया है।
इसके लिए 278 करोड़ की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है। चिकित्सीय परिसर का काम सर्विस कंसलटेंसी कार्पोरेशन इंडिया लिमिटेड पूरा कराएगा।
शहर से सटे दरियापुर में एम्स प्रस्तावित है। अब तक आवासीय भवनों के निर्माण का काम चल रहा था। इसमें करीब 1400 छात्रों के लिए छात्रावास और एम्स के स्टाफ के लिए भवनों के निर्माण का काम चल रहा था।
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आवासीय परिसर का काम लगभग पूरा हो गया है। चिकित्सीय कार्यों के लिए भवन की व्यवस्था न होने के कारण एम्स शुरू नहीं हो सका है।
हालांकि अस्थायी ओपीडी बनाकर काम शुरू करने का प्रयास हुआ लेकिन इलाज शुरू नहीं हो सका। अब सरकार एम्स को लेकर गंभीर है।
आवासीय परिसर का काम पूरा होने के बाद अब चिकित्सीय भवन के निर्माण के लिए 278 करोड़ की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है। सर्विस कंसलटेंसी कार्पोरेशन इंडिया लिमिटेड को निर्माण की जिम्मेदारी दी गई है।
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सर्विस कंसलटेंसी कार्पोरेशन इंडिया लिमिटेड के अधिशाषी अभियंता विक्रम सत्यपति ने बताया कि छात्रावास तथा एम्स के स्टाफ के लिए आवासीय भवन निर्मित किए जा चुके हैं।
278 करोड़ की लागत से बनने वाले चिकित्सीय व 600 बिस्तर के अस्पताल भवन के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। जल्द ही निर्माण का काम शुरू कराया जाएगा।