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कई दिनों से लापता था व्यापम घोटाले में गिरफ्तार डॉक्टर
Updated Sun, 14 Jan 2018 12:49 AM IST
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व्यापम घोटाले की आंच रायबरेली तक पहुंची
रायबरेली। मध्य प्रदेश के चर्चित व्यापम घोटाले में बाराबंकी के हैदरगढ़ से गिरफ्तार किया गया आरोपी डॉक्टर वीरेंद्र कुमार मौर्या जिले की जतुआटप्पा सीएचसी में तैनात था।
वह पिछले कई दिनों से अस्पताल से लापता था। लगातार गैरहाजिर होने की सूचना शासन को भेजी जा रही थी। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। गिरफ्तारी के बाद डॉक्टर के खिलाफ अन्य कार्रवाई के लिए शासन के पत्र का इंतजार किया जा रहा है।
2012 में मध्य प्रदेश में एमपी-पीएमटी की परीक्षा में शामिल होकर डॉ. वीरेंद्र मौर्या ने एक महिला अभ्यर्थी को नकल कराई थी। एमबीबीएस करने के बाद भी चिकित्सक ने ऐसा किया था।
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बाद में व्यापम घोटाले की पोल खुलने के बाद सीबीआई जांच शुरू हुई थी। एफआईआर के बाद डॉक्टर की गिरफ्तारी के लिए गैर जमानती वारंट जारी किया गया था।
व्यापम घोटाले का आरोपी डॉ. वीरेंद्र मौर्या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जतुआटप्पा में पिछले ढाई साल से तैनात था। उसकी पत्नी बाराबंकी में नायब तहसीलदार है।
बताते हैं कि सीबीआई ने उसे बाराबंकी से ही गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के अंदेशे से डॉक्टर पिछले कई दिनों से बिना किसी सूचना के सीएचसी से गायब चल रहा था।
अस्पताल से लगातार गायब होने की सूचना विभाग शासन को उपलब्ध करा रहा है। व्यापम घोटाले में डॉक्टर मौर्या के आरोपित होने की जानकारी स्वास्थ्य महकमे में किसी को भी नहीं थी।
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रायबरेली। मध्य प्रदेश के चर्चित व्यापम घोटाले में बाराबंकी के हैदरगढ़ से गिरफ्तार किया गया आरोपी डॉक्टर वीरेंद्र कुमार मौर्या जिले की जतुआटप्पा सीएचसी में तैनात था।
वह पिछले कई दिनों से अस्पताल से लापता था। लगातार गैरहाजिर होने की सूचना शासन को भेजी जा रही थी। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। गिरफ्तारी के बाद डॉक्टर के खिलाफ अन्य कार्रवाई के लिए शासन के पत्र का इंतजार किया जा रहा है।
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2012 में मध्य प्रदेश में एमपी-पीएमटी की परीक्षा में शामिल होकर डॉ. वीरेंद्र मौर्या ने एक महिला अभ्यर्थी को नकल कराई थी। एमबीबीएस करने के बाद भी चिकित्सक ने ऐसा किया था।
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बाद में व्यापम घोटाले की पोल खुलने के बाद सीबीआई जांच शुरू हुई थी। एफआईआर के बाद डॉक्टर की गिरफ्तारी के लिए गैर जमानती वारंट जारी किया गया था।
व्यापम घोटाले का आरोपी डॉ. वीरेंद्र मौर्या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जतुआटप्पा में पिछले ढाई साल से तैनात था। उसकी पत्नी बाराबंकी में नायब तहसीलदार है।
बताते हैं कि सीबीआई ने उसे बाराबंकी से ही गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के अंदेशे से डॉक्टर पिछले कई दिनों से बिना किसी सूचना के सीएचसी से गायब चल रहा था।
अस्पताल से लगातार गायब होने की सूचना विभाग शासन को उपलब्ध करा रहा है। व्यापम घोटाले में डॉक्टर मौर्या के आरोपित होने की जानकारी स्वास्थ्य महकमे में किसी को भी नहीं थी।