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बदहाली में घूम रहे वृद्ध के पास निकले एक करोड़ से अधिक
Updated Tue, 19 Dec 2017 12:34 AM IST
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बदहाली में घूम रहा बुजुर्ग निकला करोड़पति
लालगंज (रायबरेली)। नियति के मजाक भी कभी-कभी निराले होते हैं। भिखारी के वेश में घूम रहे एक बुजुर्ग को खाने को दिया गया और नहलाया-धुलाया गया तो सामान्य होने पर पता चला कि वह भिखारी नहीं बल्कि एक करोड़पति है। सूचना पर पहुंचे परिवारीजन उसे अपने साथ हवाई जहाज से तमिलनाडु ले गए।
स्वामी सूर्यप्रबोध परमहंस इंटर कॉलेज अनंगपुरम रालपुर के संस्थापक स्वामी भास्कर स्वरूप जी महाराज ने बताया कि 13 दिसंबर को भिखारी वेश में एक वृद्ध भटकता हुआ उनके विद्यालय आ गया और भूखा होने का इशारा करने लगा। उसका संकेत समझ उसे मिठाई आदि खाने को दी गई तो कुछ सामान्य हुआ। उसके प्रति दया भाव जागने पर स्वामी जी ने उसके बाल कटवाए व नहलवाया। पहनने के लिए कपड़े दिए गए। उसके कपड़ों से मिले कागजात की पड़ताल की गई तो लोगों के होश उड़ गए। उसके पास उसी के नाम की एक करोड़ छह लाख 92 हजार के फिक्स डिपॉजिट की बैंक रसीद मिली। एक पांच इंच लंबी तिजोरी की चाभी मिली। उसके पास मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान मुथइया नादर पुत्र सोलोमन पता 240बी नार्थ थेरू, थिदियूर पूकुली, थिदियूर, तिरूनेलवेली तमिलनाडु 627152 के रूप में हुई। उसके पास मिले कागजों में उसके घर का फोन नंबर भी था। सूचना देने पर उसके परिवारीजन उसे हवाई जहाज से अपने साथ घर ले गए। परिवारीजनों ने बताया कि जुलाई में ट्रेन यात्रा के दौरान वह भटक गए थे। तब से उनकी खोज की जा रही थी। आशंका जताई कि वह जहरखुरानी का शिकार हो गए थे। स्वामी जी की इस मदद के लिए पूरे परिवार ने उनका आभार जताया और इस मानवीय कृत्य के लिए लोग स्वामी जी की सराहना कर रहे हैं।
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लालगंज (रायबरेली)। नियति के मजाक भी कभी-कभी निराले होते हैं। भिखारी के वेश में घूम रहे एक बुजुर्ग को खाने को दिया गया और नहलाया-धुलाया गया तो सामान्य होने पर पता चला कि वह भिखारी नहीं बल्कि एक करोड़पति है। सूचना पर पहुंचे परिवारीजन उसे अपने साथ हवाई जहाज से तमिलनाडु ले गए।
स्वामी सूर्यप्रबोध परमहंस इंटर कॉलेज अनंगपुरम रालपुर के संस्थापक स्वामी भास्कर स्वरूप जी महाराज ने बताया कि 13 दिसंबर को भिखारी वेश में एक वृद्ध भटकता हुआ उनके विद्यालय आ गया और भूखा होने का इशारा करने लगा। उसका संकेत समझ उसे मिठाई आदि खाने को दी गई तो कुछ सामान्य हुआ। उसके प्रति दया भाव जागने पर स्वामी जी ने उसके बाल कटवाए व नहलवाया। पहनने के लिए कपड़े दिए गए। उसके कपड़ों से मिले कागजात की पड़ताल की गई तो लोगों के होश उड़ गए। उसके पास उसी के नाम की एक करोड़ छह लाख 92 हजार के फिक्स डिपॉजिट की बैंक रसीद मिली। एक पांच इंच लंबी तिजोरी की चाभी मिली। उसके पास मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान मुथइया नादर पुत्र सोलोमन पता 240बी नार्थ थेरू, थिदियूर पूकुली, थिदियूर, तिरूनेलवेली तमिलनाडु 627152 के रूप में हुई। उसके पास मिले कागजों में उसके घर का फोन नंबर भी था। सूचना देने पर उसके परिवारीजन उसे हवाई जहाज से अपने साथ घर ले गए। परिवारीजनों ने बताया कि जुलाई में ट्रेन यात्रा के दौरान वह भटक गए थे। तब से उनकी खोज की जा रही थी। आशंका जताई कि वह जहरखुरानी का शिकार हो गए थे। स्वामी जी की इस मदद के लिए पूरे परिवार ने उनका आभार जताया और इस मानवीय कृत्य के लिए लोग स्वामी जी की सराहना कर रहे हैं।
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