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खुले में नित्यक्रिया किया तो एफआईआर
Updated Mon, 06 Nov 2017 12:03 AM IST
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खुले में शौच करने पर दर्ज होगा केस
रायबरेली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को साकार करने के लिए डीएम संजय कुमार खत्री ने कड़ा कदम उठाया है। उन्होंने जिले के सभी सरकारी विभागों के कर्मचारियों को घरों में प्रसाधन कक्षों का निर्माण कराकर उपयोग के आदेश दिए हैं। विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि कर्मचारियों के प्रसाधन कक्षों का निर्माण कराकर फोटो और आधार नंबर वेबसाइट पर अपलोड कराने के आदेश दिए हैं। चेतावनी दी है कि खुले में नित्याक्रिया करते मिलने पर कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर की जाएगी।
केंद्र सरकार की मंशा है कि 31 दिसंबर पर सभी गांवों को ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) कर दिया जाए। इसी मंशा को पूरा करने के लिए जिले के गांवों को ओडीएफ करने की प्रक्रिया चल रहा है। लाभार्थियों को धनराशि देकर प्रसाधन कक्षों के निर्माण का काम कराया जा रहा है। डीएम के संज्ञान में आया है कि तमाम विभागों में ऐसे भी कर्मचारी हैं जिनके घरों में प्रसाधन कक्षों का निर्माण नहीं कराया गया है। खुले में नित्याक्रिया की जा रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने जिले के सभी सरकारी विभागाध्यक्षों को पत्र जारी करके अधीनस्थ कर्मचारियों के प्रसाधन कक्षों के निर्माण के आदेश दिए हैं। निर्माण के साथ ही उनकी फोटो और कर्मचारियों के आधार नंबरों को भी वेबसाइड पर अपलोड कराने के आदेश दिए हैं। डीएम ने निर्देश दिए हैं कि खुले में नित्यक्रिया करते मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा किया जाएगा।
जिले के 105 गांवों को ओडीएफ करने का दावा
विभाग ने गंगा कटरी के 27 गांवों को जोड़कर 105 गांवों को अब तक ओडीएफ करने का दावा किया है। हालांकि इस गांवों को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है लेकिन नोडल अधिकारियों ने सभी गांवों को सत्यापन रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई है। ऐसी स्थिति में स्टेट स्तर से इन गांवों को ओडीएफ घोषित नहीं किया जा सका है।
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कर्मचारियों पर इन धाराओं में होगा मुकदमा
आदेश के बाद भी प्रसाधन कक्षों का निर्माण न कराने वाले कर्मचारियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 268, 269, 270, 277, 278 और 294 के तहत एफआईआर की जाएगी। कर्मचारियों को प्रसाधन कक्षों के निर्माण के साथ ही प्रयोग करने के संबंध में प्रमाणपत्र भी देना होगा। इस कार्य से अब कर्मचारी बच नहीं सकेंगे।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत डीएम की ओर से जिले के सभी सरकारी कर्मचारियों के घरों में प्रसाधन कक्षों के निर्माण और उपयोग के प्रयास की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके लिए डीएम की ओर से आदेश भी विभागाध्यक्षों को जारी किए गए हैं। आदेश का अनुपालन न करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर होगी।-सीके वर्मा, जिला पंचायतराज अधिकारी
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रायबरेली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को साकार करने के लिए डीएम संजय कुमार खत्री ने कड़ा कदम उठाया है। उन्होंने जिले के सभी सरकारी विभागों के कर्मचारियों को घरों में प्रसाधन कक्षों का निर्माण कराकर उपयोग के आदेश दिए हैं। विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि कर्मचारियों के प्रसाधन कक्षों का निर्माण कराकर फोटो और आधार नंबर वेबसाइट पर अपलोड कराने के आदेश दिए हैं। चेतावनी दी है कि खुले में नित्याक्रिया करते मिलने पर कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर की जाएगी।
केंद्र सरकार की मंशा है कि 31 दिसंबर पर सभी गांवों को ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) कर दिया जाए। इसी मंशा को पूरा करने के लिए जिले के गांवों को ओडीएफ करने की प्रक्रिया चल रहा है। लाभार्थियों को धनराशि देकर प्रसाधन कक्षों के निर्माण का काम कराया जा रहा है। डीएम के संज्ञान में आया है कि तमाम विभागों में ऐसे भी कर्मचारी हैं जिनके घरों में प्रसाधन कक्षों का निर्माण नहीं कराया गया है। खुले में नित्याक्रिया की जा रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने जिले के सभी सरकारी विभागाध्यक्षों को पत्र जारी करके अधीनस्थ कर्मचारियों के प्रसाधन कक्षों के निर्माण के आदेश दिए हैं। निर्माण के साथ ही उनकी फोटो और कर्मचारियों के आधार नंबरों को भी वेबसाइड पर अपलोड कराने के आदेश दिए हैं। डीएम ने निर्देश दिए हैं कि खुले में नित्यक्रिया करते मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा किया जाएगा।
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जिले के 105 गांवों को ओडीएफ करने का दावा
विभाग ने गंगा कटरी के 27 गांवों को जोड़कर 105 गांवों को अब तक ओडीएफ करने का दावा किया है। हालांकि इस गांवों को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है लेकिन नोडल अधिकारियों ने सभी गांवों को सत्यापन रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई है। ऐसी स्थिति में स्टेट स्तर से इन गांवों को ओडीएफ घोषित नहीं किया जा सका है।
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कर्मचारियों पर इन धाराओं में होगा मुकदमा
आदेश के बाद भी प्रसाधन कक्षों का निर्माण न कराने वाले कर्मचारियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 268, 269, 270, 277, 278 और 294 के तहत एफआईआर की जाएगी। कर्मचारियों को प्रसाधन कक्षों के निर्माण के साथ ही प्रयोग करने के संबंध में प्रमाणपत्र भी देना होगा। इस कार्य से अब कर्मचारी बच नहीं सकेंगे।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत डीएम की ओर से जिले के सभी सरकारी कर्मचारियों के घरों में प्रसाधन कक्षों के निर्माण और उपयोग के प्रयास की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके लिए डीएम की ओर से आदेश भी विभागाध्यक्षों को जारी किए गए हैं। आदेश का अनुपालन न करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर होगी।-सीके वर्मा, जिला पंचायतराज अधिकारी