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अब किडनी के रोगियों का यहां पर इलाज होगा संभव
Updated Tue, 10 Oct 2017 12:03 AM IST
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अब किडनी के रोगियों का इलाज यहां होगा संभव
रायबरेली। किडनी के रोगियों का इलाज अब जिला अस्पताल में संभव हो सकेगा। वजह नवंबर में यहां पर डायलिसिस यूनिट की शुरुआत होने जा रही है। यूनिट का निर्माण कार्य अब अंतिम दौर में है। कार्यवाहक सीएमएस डॉ. एसएस पांडेय ने सोमवार को अस्पताल में बनाई जा रही यूनिट के निर्माण कार्य को जायजा लिया। विभागीय अफसरों की मानें तो यूनिट की शुरुआत होने पर किडनी के इलाज और खून बदलवाने के लिए रोगियों को लखनऊ और कानपुर, दिल्ली आदि की भागदौड़ नहीं करनी पड़ सकेगी।
जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में डायलिसिस यूनिट का निर्माण कार्य चल रहा है। 10 बेडों की यूनिट होगी। यानि एक साथ 10 रोगियों का इलाज संभव हो सकेगा। शासन की ओर से किडनी के रोगियों के इलाज के लिए मशीनें जल्द यहां पर लगवाई जाएंगी। कार्यवाहक सीएमएस डॉ. एसएस पांडेय ने सोमवार को निर्माणाधीन डायलिसिस यूनिट का जायजा लिया। वहां पर कुछ कमियां मिली, जिसे ठीक करने के निर्देश दिए। सीएमएस ने बताया कि नवंबर में डायलिसिस यूनिट की शुरुआत हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि इसके यहां शुरू होने से किडनी के रोगियों को फायदा मिलेगा। यहां पर किडनी रोगियों के इलाज के साथ उनका खून भी बदलने की व्यवस्था होगी। अभी तक यहां पर यह सुविधा नहीं थी, जिसकी वजह से रोगियों को लखनऊ समेत अन्य शहरों को जाना पड़ता था। एक रोगी के डायलिसिस में ढाई घंटे का समय लगता है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में किडनी ट्रांसप्लांट की व्यवस्था होने की संभावना जताई जा रही है। किडनी डायलिसिस के लिए चार से पांच हजार रुपये रोगियों से लिए जाते थे, लेकिन जिला अस्पताल में यह व्यवस्था फ्री में होगी।
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रायबरेली। किडनी के रोगियों का इलाज अब जिला अस्पताल में संभव हो सकेगा। वजह नवंबर में यहां पर डायलिसिस यूनिट की शुरुआत होने जा रही है। यूनिट का निर्माण कार्य अब अंतिम दौर में है। कार्यवाहक सीएमएस डॉ. एसएस पांडेय ने सोमवार को अस्पताल में बनाई जा रही यूनिट के निर्माण कार्य को जायजा लिया। विभागीय अफसरों की मानें तो यूनिट की शुरुआत होने पर किडनी के इलाज और खून बदलवाने के लिए रोगियों को लखनऊ और कानपुर, दिल्ली आदि की भागदौड़ नहीं करनी पड़ सकेगी।
जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में डायलिसिस यूनिट का निर्माण कार्य चल रहा है। 10 बेडों की यूनिट होगी। यानि एक साथ 10 रोगियों का इलाज संभव हो सकेगा। शासन की ओर से किडनी के रोगियों के इलाज के लिए मशीनें जल्द यहां पर लगवाई जाएंगी। कार्यवाहक सीएमएस डॉ. एसएस पांडेय ने सोमवार को निर्माणाधीन डायलिसिस यूनिट का जायजा लिया। वहां पर कुछ कमियां मिली, जिसे ठीक करने के निर्देश दिए। सीएमएस ने बताया कि नवंबर में डायलिसिस यूनिट की शुरुआत हो जाएगी।
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उन्होंने बताया कि इसके यहां शुरू होने से किडनी के रोगियों को फायदा मिलेगा। यहां पर किडनी रोगियों के इलाज के साथ उनका खून भी बदलने की व्यवस्था होगी। अभी तक यहां पर यह सुविधा नहीं थी, जिसकी वजह से रोगियों को लखनऊ समेत अन्य शहरों को जाना पड़ता था। एक रोगी के डायलिसिस में ढाई घंटे का समय लगता है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में किडनी ट्रांसप्लांट की व्यवस्था होने की संभावना जताई जा रही है। किडनी डायलिसिस के लिए चार से पांच हजार रुपये रोगियों से लिए जाते थे, लेकिन जिला अस्पताल में यह व्यवस्था फ्री में होगी।
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