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हत्या के मामले में तीन भाइयों को आजीवन कारावास
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रायबरेली। अमेठी जिले के फुरसतगंज थाना क्षेत्र में करीब चार साल पहले हुई हत्या के एक मामले में कोर्ट ने हत्यारे तीन भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
वहीं गैरहाजिर दो दोष सिद्ध हत्यारों को एनबीडब्ल्यू के जरिए तलब किया है। वहीं पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में एक आरोपी को बरी कर दिया। यह फैसला कोर्ट संख्या सात के अपर सत्र न्यायाधीश रामदयाल ने गुरुवार को सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) अजय मौर्य के मुताबिक मामले की रिपोर्ट मृतक के भाई वीरेंद्र बहादुर सिंह निवासी पोठई थाना फुरसतगंज ने दर्ज कराई थी।
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रिपोर्ट के अनुसार वादी का भाई 20 अगस्त 2014 की सुबह करीब छह बजे नित्यक्रिया के लिए गया था। तभी भूमि विवाद में गांव के ही रनबहादुर सिंह, जंग बहादुर सिंह, सुरेंद्र बहादुर सिंह, दिनेश बहादुर सिंह, छोटेलाल गुप्ता व जगदीश प्रसाद गुप्ता ने भाई जितेंद्र सिंह पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
विवेचना के बाद रनबहादुर सिंह, जंगबहादुर सिंह, सुरेंद्र बहादुर सिंह, दिनेश बहादुर सिंह, छोटे लाल गुप्ता व जगदीश गुप्ता के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने साक्ष्य के आधार पर तीनों भाइयों रनबहादुर, जंग बहादुर व सुरेंद्र सिंह को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
उन पर साढ़े आठ-आठ हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने दोषी सिद्ध पाए गए छोटेलाल व जगदीश को कोर्ट में हाजिर न रहने पर एनबीडब्ल्यू के जरिए तलब किया। वहीं एक अन्य आरोपी दिनेश सिंह को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
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वहीं गैरहाजिर दो दोष सिद्ध हत्यारों को एनबीडब्ल्यू के जरिए तलब किया है। वहीं पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में एक आरोपी को बरी कर दिया। यह फैसला कोर्ट संख्या सात के अपर सत्र न्यायाधीश रामदयाल ने गुरुवार को सुनाया।
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अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) अजय मौर्य के मुताबिक मामले की रिपोर्ट मृतक के भाई वीरेंद्र बहादुर सिंह निवासी पोठई थाना फुरसतगंज ने दर्ज कराई थी।
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रिपोर्ट के अनुसार वादी का भाई 20 अगस्त 2014 की सुबह करीब छह बजे नित्यक्रिया के लिए गया था। तभी भूमि विवाद में गांव के ही रनबहादुर सिंह, जंग बहादुर सिंह, सुरेंद्र बहादुर सिंह, दिनेश बहादुर सिंह, छोटेलाल गुप्ता व जगदीश प्रसाद गुप्ता ने भाई जितेंद्र सिंह पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
विवेचना के बाद रनबहादुर सिंह, जंगबहादुर सिंह, सुरेंद्र बहादुर सिंह, दिनेश बहादुर सिंह, छोटे लाल गुप्ता व जगदीश गुप्ता के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने साक्ष्य के आधार पर तीनों भाइयों रनबहादुर, जंग बहादुर व सुरेंद्र सिंह को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
उन पर साढ़े आठ-आठ हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने दोषी सिद्ध पाए गए छोटेलाल व जगदीश को कोर्ट में हाजिर न रहने पर एनबीडब्ल्यू के जरिए तलब किया। वहीं एक अन्य आरोपी दिनेश सिंह को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।