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बेतहाशा बिजली कटौती से नागरिक व व्यापारी बेहाल
Updated Tue, 01 Aug 2017 02:02 AM IST
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बेतहाशा बिजली कटौती से लोग बेहाल
रायबरेली। शहर से लेकर गांवों तक में हो रही बेतहाशा बिजली कटौती से नागरिकों व व्यापारियों का गुस्सा बढ़ने लगा है। सोमवार को उद्योग व्यापार मंडल के व्यापारियों ने प्रबंध निदेशक मध्यांचल विद्युत वितरण निगम को संबोधित ज्ञापन विद्युत वितरण खंड प्रथम के एक्सईएन अशोक कुमार दोहरे को सौंपा। सभी ने विद्युत सुधार के लिए चलाई जा रही आरएपीडीआरपी और आईपीडीएस योजना के तहत हुए कार्यों की जांच कराए जाने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि बिजली की अघोषित कटौती बंद नहीं की गई तो व्यापारी आंदोलन के लिए सड़क पर उतरेंगे।
उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष आशीष द्विवेदी ने प्रबंध निदेशक को भेजे ज्ञापन में कहा कि अगस्त 2015 में 26.81 करोड़ लागत की आरएपीडीआरपी योजना के अंतर्गत रायबरेली शहर में 100 नए ट्रांसफार्मर, सभी पुराने ट्रांसफार्मरों का जीर्णोंद्धार के साथ ही अन्य कार्य होने थे, लेकिन यह योजना विभागीय अभियंताओं और कार्यदायी संस्था की मनमानी से पूरी नहीं हो सकी। यही हाल आईपीडीएस योजना का है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत पांच हजार से अधिक आबादी वाले क्षत्रों में विद्युत सुधार का कार्य होना था। इसकी प्रगति भी बदहाल है। योजना की प्रगति की समीक्षा के साथ त्वरित क्रियान्वयन के निर्देश दिए जाएं।
मंडल के नगर अध्यक्ष सतीश वर्मा, मुशर्रफ खान, अजीत प्रताप सिंह ने कहा की सरकार की मंशा के अनुरूप ग्रामीण अंचलों में 18 से 20 घंटे व जिला मुख्यालय को 24 घंटे निर्बाध रूप से बिजली आपूर्ति होनी थी, लेकिन वर्तमान समय में ग्रामीण अंचलों में 8 से 10 घंटे और जिला मुख्यालय को बमुश्किल 15 घंटे विद्युत आपूर्ति हो पा रही है। इस समय लो-वोल्टेज के साथ ही अघोषित व अनियमित विद्युत कटौती की विकराल समस्या है। आमजन विद्युत अव्यवस्था का दंश झेलने को मजबूर हैं। इस अवसर पर मनोज दुबे, आसिफ अख्तर, अमनदीप सिंह बग्गा, सतीश चावला, राजीव आदि मौजूद रहे।
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रायबरेली। शहर से लेकर गांवों तक में हो रही बेतहाशा बिजली कटौती से नागरिकों व व्यापारियों का गुस्सा बढ़ने लगा है। सोमवार को उद्योग व्यापार मंडल के व्यापारियों ने प्रबंध निदेशक मध्यांचल विद्युत वितरण निगम को संबोधित ज्ञापन विद्युत वितरण खंड प्रथम के एक्सईएन अशोक कुमार दोहरे को सौंपा। सभी ने विद्युत सुधार के लिए चलाई जा रही आरएपीडीआरपी और आईपीडीएस योजना के तहत हुए कार्यों की जांच कराए जाने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि बिजली की अघोषित कटौती बंद नहीं की गई तो व्यापारी आंदोलन के लिए सड़क पर उतरेंगे।
उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष आशीष द्विवेदी ने प्रबंध निदेशक को भेजे ज्ञापन में कहा कि अगस्त 2015 में 26.81 करोड़ लागत की आरएपीडीआरपी योजना के अंतर्गत रायबरेली शहर में 100 नए ट्रांसफार्मर, सभी पुराने ट्रांसफार्मरों का जीर्णोंद्धार के साथ ही अन्य कार्य होने थे, लेकिन यह योजना विभागीय अभियंताओं और कार्यदायी संस्था की मनमानी से पूरी नहीं हो सकी। यही हाल आईपीडीएस योजना का है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत पांच हजार से अधिक आबादी वाले क्षत्रों में विद्युत सुधार का कार्य होना था। इसकी प्रगति भी बदहाल है। योजना की प्रगति की समीक्षा के साथ त्वरित क्रियान्वयन के निर्देश दिए जाएं।
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मंडल के नगर अध्यक्ष सतीश वर्मा, मुशर्रफ खान, अजीत प्रताप सिंह ने कहा की सरकार की मंशा के अनुरूप ग्रामीण अंचलों में 18 से 20 घंटे व जिला मुख्यालय को 24 घंटे निर्बाध रूप से बिजली आपूर्ति होनी थी, लेकिन वर्तमान समय में ग्रामीण अंचलों में 8 से 10 घंटे और जिला मुख्यालय को बमुश्किल 15 घंटे विद्युत आपूर्ति हो पा रही है। इस समय लो-वोल्टेज के साथ ही अघोषित व अनियमित विद्युत कटौती की विकराल समस्या है। आमजन विद्युत अव्यवस्था का दंश झेलने को मजबूर हैं। इस अवसर पर मनोज दुबे, आसिफ अख्तर, अमनदीप सिंह बग्गा, सतीश चावला, राजीव आदि मौजूद रहे।
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