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जिले में डिफाल्टर हुई सीएम की मंशा, 3
Updated Wed, 13 Jun 2018 01:05 AM IST
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जिले में डिफाल्टर हुई सीएम की मंशा, 38 फरियाद फंसीं
रायबरेली। मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं को लेकर जिले के अफसर तनिक भी संजीदा नहीं हैं। शिकायतों के निस्तारण की ऑनलाइन व्यवस्था जिले में पटरी से उतर चुकी है।
10 विभागों में सीएम की प्राथमिकता डिफाल्टर हो चुकी है। इन विभागों में 38 शिकायतों का निपटारा समय से नहीं किया जा सका है।
यहां तक कि मुख्यमंत्री के दरबार से आईं शिकायतों को भी अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया है। इससे जिले के अधिकारियों की मनमानी की कलई खुल गई है।
प्रदेश सरकार ने शिकायतों के ऑनलाइन निपटारे की व्यवस्था की है। आईजीआरएस पर डीएम से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत की जा सकती है।
इन शिकायतों को तय समय में निस्तारित भी संबंधित अधिकारियों को करना होता है। समय से निपटारा न होने पर शिकायतें डिफाल्टर हो जाती हैं।
शासन स्तर से लेकर जिले स्तर पर शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा भी की जाती है। शुरू में तो आईजीआरएस की शिकायतों के निपटारे में तेजी दिखाई गई, लेकिन अब बार-बार निर्देशों के बाद भी निस्तारण के नाम पर लापरवाही की जा रही है।
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रायबरेली। मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं को लेकर जिले के अफसर तनिक भी संजीदा नहीं हैं। शिकायतों के निस्तारण की ऑनलाइन व्यवस्था जिले में पटरी से उतर चुकी है।
10 विभागों में सीएम की प्राथमिकता डिफाल्टर हो चुकी है। इन विभागों में 38 शिकायतों का निपटारा समय से नहीं किया जा सका है।
यहां तक कि मुख्यमंत्री के दरबार से आईं शिकायतों को भी अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया है। इससे जिले के अधिकारियों की मनमानी की कलई खुल गई है।
प्रदेश सरकार ने शिकायतों के ऑनलाइन निपटारे की व्यवस्था की है। आईजीआरएस पर डीएम से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत की जा सकती है।
इन शिकायतों को तय समय में निस्तारित भी संबंधित अधिकारियों को करना होता है। समय से निपटारा न होने पर शिकायतें डिफाल्टर हो जाती हैं।
शासन स्तर से लेकर जिले स्तर पर शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा भी की जाती है। शुरू में तो आईजीआरएस की शिकायतों के निपटारे में तेजी दिखाई गई, लेकिन अब बार-बार निर्देशों के बाद भी निस्तारण के नाम पर लापरवाही की जा रही है।
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