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एंटी टीबी औषधियों का रिकार्ड रखना अब होगा जरूरी
Updated Tue, 05 Dec 2017 12:19 AM IST
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एंटी टीबी औषधियों का रिकॉर्ड रखना जरूरी
रायबरेली। जिले के मेडिकल स्टोर संचालकों को एंटी टीबी औषधियों का रिकॉर्ड रखना अब जरूरी होगा। ऐसा न करने वाले संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी। शासन का आदेश यहां पहुंचने पर डीआई ने सभी संचालकों को इससे अवगत करा दिया है। संचालकों एक रजिस्टर पर दवा खरीदने वाले रोगी का नाम पता व मोबाइल नंबर लिखना होगा। हर माह इसकी रिपोर्ट खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन कार्यालय में देनी होगी।
औषधि निरीक्षक दीपक शर्मा ने बताया कि टीबी रोगियों की ओर से मेडिकल स्टोरों से दवाएं ली जाती हैं। कभी कभार ऐसा होता है कि धन की कमी से वे दवा नहीं खरीद पाते हैं, जबकि ये दवाएं जिला अस्पताल में मौजूद रहती हैं। मेडिकल स्टोर संचालकों को अब एंटी टीबी औषधियों की बिक्री का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा। इसके लिए एक रजिस्टर बनाना होगा। दवा खरीदने वाले रोगी का नाम, पता व उसका मोबाइल नंबर रखना होगा। यदि रोगी दवा खरीदने नहीं आती है तो उसकी जानकारी की जाएगी। दवा खरीदने में असमर्थ होने पर उसे दवा अस्पताल से दिलाई जाएगी। डीआई ने बताया कि एथियोनामाइड, हाइड्रोक्लोराइड, साइक्लोसिरीन आदि दवाएं हैं, जिनकी खरीद रोगियोें की ओर से की जाती है। मेडिकल स्टोर संचालकों की ओर से प्रति माह विभाग को इसकी जानकारी देनी होगी। ऐसा न करने पर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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रायबरेली। जिले के मेडिकल स्टोर संचालकों को एंटी टीबी औषधियों का रिकॉर्ड रखना अब जरूरी होगा। ऐसा न करने वाले संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी। शासन का आदेश यहां पहुंचने पर डीआई ने सभी संचालकों को इससे अवगत करा दिया है। संचालकों एक रजिस्टर पर दवा खरीदने वाले रोगी का नाम पता व मोबाइल नंबर लिखना होगा। हर माह इसकी रिपोर्ट खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन कार्यालय में देनी होगी।
औषधि निरीक्षक दीपक शर्मा ने बताया कि टीबी रोगियों की ओर से मेडिकल स्टोरों से दवाएं ली जाती हैं। कभी कभार ऐसा होता है कि धन की कमी से वे दवा नहीं खरीद पाते हैं, जबकि ये दवाएं जिला अस्पताल में मौजूद रहती हैं। मेडिकल स्टोर संचालकों को अब एंटी टीबी औषधियों की बिक्री का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा। इसके लिए एक रजिस्टर बनाना होगा। दवा खरीदने वाले रोगी का नाम, पता व उसका मोबाइल नंबर रखना होगा। यदि रोगी दवा खरीदने नहीं आती है तो उसकी जानकारी की जाएगी। दवा खरीदने में असमर्थ होने पर उसे दवा अस्पताल से दिलाई जाएगी। डीआई ने बताया कि एथियोनामाइड, हाइड्रोक्लोराइड, साइक्लोसिरीन आदि दवाएं हैं, जिनकी खरीद रोगियोें की ओर से की जाती है। मेडिकल स्टोर संचालकों की ओर से प्रति माह विभाग को इसकी जानकारी देनी होगी। ऐसा न करने पर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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