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बज गई शहनाइयां और ले लिए सात फेरे

Thu, 07 Sep 2017 01:04 AM IST
Updated Thu, 07 Sep 2017 01:04 AM IST
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बज गई शहनाइयां और ले लिए सात फेरे
कर्ज लेकर किए बिटिया के हाथ पीले
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रायबरेली। सरकारी मदद का इंतजार करते-करते थक चुके गरीब पिताओं ने जैसे-तैसे कर्ज लेकर अपनी बिटिया के हाथ पीले किए। जिले के 4587 गरीब परिवारों की बेटियों को शादी अनुदान का आज भी इंतजार है। जिला समाज कल्याण विभाग के आंकड़े खुद यह गवाही दे रहे हैं। विभाग के पास शादी अनुदान के हजारों आवेदन लंबित पड़े हैं। अनुदान कब मिलेगा, यह शायद अफसरों तक को पता नहीं। बताया जा रहा है कि प्रदेश सरकार की ओर से अब तक इस मद में बजट ही नहीं दिया गया है। शादी अनुदान की जानकारी हासिल करने के लिए पात्र परिवार महीनों से भागदौड़ कर रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें निराश ही मिलती है।
प्रदेश सरकार की ओर से गरीब लड़कियों की शादी के लिए अनुदान की व्यवस्था की गई है। पुरानी व्यवस्था के तहत एक पात्र को 20 हजार रुपए देने की व्यवस्था है। शादी अनुदान का लाभ पाने के लिए पात्रों को जिला समाज कल्याण कार्यालय में फॉर्म जमा करना होता है। इसके बाद इसकी जांच कराई जाती है। पात्र होने पर अनुदान दिया जाता है। वर्ष 2017 में चार हजार 587 शादी अनुदान के लिए फॉर्म विभाग में जमा किए गए। मगर ये फॉर्म आजतक कार्यालय में धूल ही फांक रहे हैं।
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खास बात यह है कि इसमें से ज्यादातर लड़कियों की शादी भी हो गई। मगर अब तक उन्हें शादी का अनुदान नहीं मिल पाया है। शादी अनुदान कब मिलेगा, यह पता लगाने के लिए लड़कियों के परिवारीजन कार्यालय के चक्कर काटते रहते हैं। उन्हें एक ही जवाब मिलता है कि बजट नहीं है। बजट आने पर लाभ मिलेगा।
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इन्हें अनुदान का इंतजार
राही ब्लॉक क्षेत्र के सैदनपुर गांव की रहने वाली आरती की शादी अप्रैल माह में हो गई, लेकिन शादी का अनुदान अब तक नहीं मिल पाया। मुंशीगंज की रहने वाली विमला की शादी मार्च माह में हो गई, लेकिन अनुदान मिलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही। जगतपुर की रहने वाली काजल की भी शादी फरवरी में हो गई, उन्हें भी अनुदान नहीं मिल सका। इस मामले में अधिकारी और प्रदेश सरकार दोनो ही बेपरवाह नजर आ रहे हैं।


बजट मिलने पर दिया जाएगा अनुदान
जिला समाज कल्याण अधिकारी केके सिंह का कहना है कि वर्ष 2017 में चार हजार से ज्यादा फॉर्म शादी अनुदान के लिए जमा किए गए हैं। बजट अब तक नहीं मिल पाया है। इस वजह से शादी अनुदान पात्र लोगों को नहीं मिल पा रहा है। वे भी मानते हैं कि बजट न मिलने के कारण कई लड़कियों की शादी हो गई। उनका कहना है कि बजट मिलने पर शादी अनुदान दिया जाएगा।
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