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तीन प्रतिशत मशीनें काम कर रही थीं, हमने दी रोबोटिक टेक्नालाजी
Updated Mon, 17 Dec 2018 12:47 AM IST
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रायबरेली। आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना (आरेडिका) में प्रधानमंत्री के आगमन पर जनसभा स्थल पर एक डाक्यूमेंट्री भी दिखाई गई, जिसमें फैक्टरी की स्थापना से लेकर अब तक के विकास का ब्योरा दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा रेल मंत्री पीयूष गोयल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी फैक्टरी के विकास में किए गए भाजपा सरकार के योगदान का गुणगान किया। पीएम ने तो यहां तक कहा कि कांग्रेस के समय में कारखाने की मशीनें बेकार पड़ी थीं, लेकिन हमने तो यहां रोबोटिक टेक्नॉलाजी प्रदान की।
डाक्यूमेंट्री में दिखाया गया कि वर्ष 2007 में फैक्टरी की नींव रखी गई, जो 2011 में बनकर तैयार हो गई। इसके बाद वर्ष 2014 तक महज 336 कोच की फर्निशिंग का काम यहां कराया गया। वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री ने इसे नवजीवन दिया। नई-नई मशीनों के साथ ही रोबोटिक टेक्नॉलाजी यहां लगाई गई, जिससे फैक्टरी का आधुनिकीकरण हुआ। यही वजह रही कि पिछले वित्तीय वर्ष में जहां 711 कोच बने, वहीं इस वित्तीय वर्ष में अब तक 900 कोच का निर्माण हो चुका है। अब यह फैक्टरी विस्तार की ओर अग्रसर है।
प्रधानमंत्री ने डाक्यूमेंट्री दिखाए जाने के बाद अपने भाषण में फैक्टरी को ही केंद्र में रखा और कहा कि 2014 तक यहां सिर्फ तीन प्रतिशत मशीनें ही काम कर रही थीं। यहां कोई कोच बनता ही नहीं था। जब उनकी सरकार बनी तो तीन महीने के भीतर इसी फैक्टरी में पूरा कोच बनकर निकला। अब सारी मशीनें पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। नई और आधुनिक मशीनें यहां लगाई गई हैं। इसे और आधुनिक करने के साथ विस्तार किया जाएगा।
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रेल मंत्री ने कहा कि जो काम कांग्रेस सरकार 2007 से 2014 तक नहीं कर सकी, उसे मोदी सरकार ने साढ़े चार सालों में कर दिखाया और फैक्टरी को आधुनिक बनाया। इसकी उत्पादन क्षमता बढ़ाकर इसे विश्व स्तरीय बनाने का प्रयास किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रायबरेली में स्थापित माडर्न कोच फैक्टरी नौजवानों के लिए नौकरी के अवसर ला रही है, जिसका फायदा इसी जिले के लोगों को मिलेगा।
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डाक्यूमेंट्री में दिखाया गया कि वर्ष 2007 में फैक्टरी की नींव रखी गई, जो 2011 में बनकर तैयार हो गई। इसके बाद वर्ष 2014 तक महज 336 कोच की फर्निशिंग का काम यहां कराया गया। वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री ने इसे नवजीवन दिया। नई-नई मशीनों के साथ ही रोबोटिक टेक्नॉलाजी यहां लगाई गई, जिससे फैक्टरी का आधुनिकीकरण हुआ। यही वजह रही कि पिछले वित्तीय वर्ष में जहां 711 कोच बने, वहीं इस वित्तीय वर्ष में अब तक 900 कोच का निर्माण हो चुका है। अब यह फैक्टरी विस्तार की ओर अग्रसर है।
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प्रधानमंत्री ने डाक्यूमेंट्री दिखाए जाने के बाद अपने भाषण में फैक्टरी को ही केंद्र में रखा और कहा कि 2014 तक यहां सिर्फ तीन प्रतिशत मशीनें ही काम कर रही थीं। यहां कोई कोच बनता ही नहीं था। जब उनकी सरकार बनी तो तीन महीने के भीतर इसी फैक्टरी में पूरा कोच बनकर निकला। अब सारी मशीनें पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। नई और आधुनिक मशीनें यहां लगाई गई हैं। इसे और आधुनिक करने के साथ विस्तार किया जाएगा।
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रेल मंत्री ने कहा कि जो काम कांग्रेस सरकार 2007 से 2014 तक नहीं कर सकी, उसे मोदी सरकार ने साढ़े चार सालों में कर दिखाया और फैक्टरी को आधुनिक बनाया। इसकी उत्पादन क्षमता बढ़ाकर इसे विश्व स्तरीय बनाने का प्रयास किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रायबरेली में स्थापित माडर्न कोच फैक्टरी नौजवानों के लिए नौकरी के अवसर ला रही है, जिसका फायदा इसी जिले के लोगों को मिलेगा।