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इस्लाम मुल्क से वफादारी सिखाता है-गुलाम रसूल
Updated Mon, 18 Dec 2017 12:45 AM IST
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‘इस्लाम मुल्क से वफादारी सिखाता’
रायबरेली। इस्लामिक स्कॉलर मुफ्ती गुलाम रसूल रजवी ने कहा कि मुसलमान को दीन-ए-इस्लाम के उसूलों पर चलने का हुक्म अल्लाह ने दिया है। इस्लाम के उसूल मतलब कुरआन और पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद (स.अ.) साहब के बताये गए रास्ते हैं। वह जवाहर विहार कॉलोनी में शनिवार रात आयोजित जलसा ईद मिलादुन्नबी (स.अ.) में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि देशभक्ति और मुल्कपरस्ती क्या होती है, किसी को बताने की जरूरत नहीं है। अल्लाह ने फरमाया है- जिस मुल्क में रह रहे हो, उस मुल्क के प्रति वफादारी और मोहब्बत बहुत जरूरी है। मुसलमान अगर कोई भी ऐसा काम करते हैं, जो मुल्क के लिए सही नहीं हो, वह काम इस्लाम से दूर कर देता है, क्योंकि मुल्क से वफादारी करना इस्लाम सिखाता ही नहीं, बल्कि कहता है कि उससे मोहब्बत तुम्हारे ईमान का हिस्सा है।
मुफ्ती रजवी ने कुरान और हदीस का हवाला देते हुए कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम ने सबसे अपने मुल्क से मोहब्बत और वफादारी का हुक्म दिया है। शायर शिवबहादुर सिंह दिलबर, एजाज सिद्दीकी, कारी मोहम्मद शमीम ने नात पाक पेश की। हाफिज रियाज अहमद, हाफिज नईमुल हक ने भी संबोधित किया। रजी अहमद सिद्दीकी ने संचालन किया। इस मौके पर रोहित पांडेय, दीपू सिंह, डॉ. प्रदीप किशोर वर्मा, देशराज सिंह, मो. शमीम आदि मौजूद रहे।
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रायबरेली। इस्लामिक स्कॉलर मुफ्ती गुलाम रसूल रजवी ने कहा कि मुसलमान को दीन-ए-इस्लाम के उसूलों पर चलने का हुक्म अल्लाह ने दिया है। इस्लाम के उसूल मतलब कुरआन और पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद (स.अ.) साहब के बताये गए रास्ते हैं। वह जवाहर विहार कॉलोनी में शनिवार रात आयोजित जलसा ईद मिलादुन्नबी (स.अ.) में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि देशभक्ति और मुल्कपरस्ती क्या होती है, किसी को बताने की जरूरत नहीं है। अल्लाह ने फरमाया है- जिस मुल्क में रह रहे हो, उस मुल्क के प्रति वफादारी और मोहब्बत बहुत जरूरी है। मुसलमान अगर कोई भी ऐसा काम करते हैं, जो मुल्क के लिए सही नहीं हो, वह काम इस्लाम से दूर कर देता है, क्योंकि मुल्क से वफादारी करना इस्लाम सिखाता ही नहीं, बल्कि कहता है कि उससे मोहब्बत तुम्हारे ईमान का हिस्सा है।
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मुफ्ती रजवी ने कुरान और हदीस का हवाला देते हुए कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम ने सबसे अपने मुल्क से मोहब्बत और वफादारी का हुक्म दिया है। शायर शिवबहादुर सिंह दिलबर, एजाज सिद्दीकी, कारी मोहम्मद शमीम ने नात पाक पेश की। हाफिज रियाज अहमद, हाफिज नईमुल हक ने भी संबोधित किया। रजी अहमद सिद्दीकी ने संचालन किया। इस मौके पर रोहित पांडेय, दीपू सिंह, डॉ. प्रदीप किशोर वर्मा, देशराज सिंह, मो. शमीम आदि मौजूद रहे।
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