फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   बीतती जा रही गर्मी, पर पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीण

बीतती जा रही गर्मी, पर पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीण

Fri, 09 Jun 2017 05:19 AM IST
Updated Fri, 09 Jun 2017 05:19 AM IST
विज्ञापन
बीतती जा रही गर्मी, पर पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीण
पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीण
विज्ञापन

लक्ष्य चार हजार और अब तक रीबोर हो पाए मात्र 700 हैंडपंप
अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली। गर्मी में ग्रामीणों को पेयजल संकट से राहत दिलाने का दावा हवा-हवाई साबित हो रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 700 हैंडपंप को रीबोर कराया गया है। शेष 3300 हैंडपंप अब भी रीबोर करना बाकी है। यह हाल तब है, जब गर्मी बीतती जा रही है। नतीजतन प्यास बुझाने के लिए ग्रामीणों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। विभागीय अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे ग्रामीणों में पानी को लेकर हायतौबा मची है।
पेयजल संकट से राहत दिलाने के लिए इस बार चार हजार हैंडपंप रीबोर कराने का लक्ष्य रखा गया है। जलनिगम के बजाय अब ग्राम पंचायतों के माध्यम से हैंडपंप कराने का कार्य कराया जा रहा है। होते-करते जून का एक सप्ताह बीत गया है। हैंडपंप रीबोर कराने का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। यही वजह है कि 3300 हैंडपंप अब भी रीबोर करने योग्य हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पानी संकट से लोगों को दो-चार होना पड़ रहा है। इसके अलावा तीन हजार हैंडपंपों की मैनुअल खराबी ठीक कराई जानी है। इसमें से 1500 हैंडपंपों के मैनुअल खराबी दूर कराई जा चुकी है।
विज्ञापन

इनसेट
एक हैंडपंप रीबोर में आ रहा 20 से 25 हजार खर्च
अफसर कहते हैं कि एक हैंडपंप को रीबोर कराने में 20 से 25 हजार रुपये का खर्च आ रहा है। बजट की कमी बनी है। इस वजह से हैंडपंप ठीक कराने में देरी हो रही है। अब देखना ये है कि बजट कब मिलता है और हैंडपंप कब ठीक कराए जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट
क्या कहते हैं ग्रामीण
जगतपुर-सतांव। जगतपुर कस्बे के पास एक साल से हैंडपंप खराब पड़ा है, जिसका रीबोर नहीं किया गया। मो. मकसूद, मो. सिकंदर, चंद्रिका का कहना है कि हैंडपंप रीबोर करने के लिए कहा गया है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इससे दिक्कत हो रही है। सतांव ब्लॉक क्षेत्र में सतांव, ओनई, डोमापुर गांवों में हैंडपंप रीबोर नहीं कराए जा रहे हैं। मदनलाल, अंजनी कुमार, शत्रोह्न का कहना है कि हैंडपंप रीबोर न होने से पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। जल्द हैंडपंप रीबोर होने चाहिए।

वर्जन :
हैंडपंपों को रीबोर कराने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतोें को दी गई है। हैंडपंप रीबोर कराने में तेजी लाने के निर्देश ग्राम प्रधानों को दिए गए हैं। बजट की कमी से कुछ दिक्कत आ रही है। इसके लिए लिखापढ़ी की गई है।- संजय यादव, डीपीआरओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed