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अपने शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद तेज
Updated Sat, 18 Nov 2017 01:02 AM IST
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शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद तेज
रायबरेली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र के शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से कवायद शुरू की गई है। इस कवायद के तहत इन्फोमैक्स कंसलटेंट नोएडा की टीम ने यहां पहुंचकर सर्वे का कार्य शुरू कर दिया है। कंसलटेंट टीम की सदस्य ने तहसील पहुंच तहसीलदार से सरकारी जमीन का ब्योरा मांगा। ताकि स्मार्ट सिटी का चयन हो तो खाली सरकारी जमीन पर कार्य शुरू कराया जा सके। टीम यह जानने का प्रयास कर रही है कि यहां पर क्या-क्या संसाधन हैं और क्या-क्या नहीं है। टीम के सदस्यों की मानें तो 90 दिनों में सर्वे करके इसकी रिपोर्ट शहरी एवं नगर विकास मंत्रालय को देनी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने का एलान किया गया था। इसके तहत केंद्र सरकार ने करीब 101 शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने का एलान कर दिया है। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रायबरेली शहर को शामिल नहीं किया गया है। अभी बचे 15 शहरों को स्मार्ट सिटी किए जाने की घोषणा की जानी है। इसके लिए सर्वे का कार्य शुरू करा दिया गया है। शहरी एवं नगर विकास मंत्रालय की टीम ने इन्फोमैक्स कंसलटेंट नोएडा को रायबरेली शहर का सर्वे करने की जिम्मेदारी दी गई है।
इन्फोमैक्स मैक्स कंसलटेंट के प्रभारी अभिलाष वर्मा व मीनल केसरवानी की अगुवाई में टीम यहां पहुंचकर सर्वे का कार्य शुरू करा दिया है। कंसलटेंट की सदस्य मीनल केसरवानी ने सदर तहसील पहुंचकर तहसीलदार सौरभ शुक्ला से मुलाकात की और सर्वे को लेकर चर्चा की। सदस्य ने तहसीलदार से शहर के अंदर कितनी सरकारी जमीन है, इसका ब्योरा मांगा। ताकि यदि शहर का चयन स्मार्ट सिटी के लिए हो जाए तो इसके तहत यहां पर सरकारी जमीनों पर प्रोजेक्ट लगाए जा सकें। सदस्य मीनल केसरवानी ने तहसीलदार से चर्चा करने के बाद वापस लौट गई।
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परिवहन, शिक्षा संसाधनों की भी पड़ताल
इन्फोमैक्स कंसलटेंट नोएडा की सदस्य मीनल केसरवानी ने बताया कि शहरी एवं नगर विकास मंत्रालय की ओर से सर्वे करने की जिम्मेदारी दी गई है। शहर के हर वार्ड का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे में परिवहन की क्या व्यवस्था है। शिक्षा की क्या व्यवस्था है। कौन-कौन से प्रोजेक्ट लगे हैं, इसकी पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। 90 दिन के अंदर सर्वे की रिपोर्ट मंत्रालय को देनी है।
इन्फोमैक्स कंसलटेंट नोएडा की टीम शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के तहत सर्वे कर रही है। सरकारी जमीन का जो ब्योरा मांगा गया है, उसे जल्द उपलब्ध कराया दिया जाएगा। रायबरेली शहर स्मार्ट सिटी बने। ऐसा होने से इसका लाभ लोगों को मिलेगा। टीम की ओर से सर्वे के तहत जो-जो ब्योरा मांगा जाएगा, उसकी पूरी रिपोर्ट मुहैया कराई जाएगी।- सौरभ शुक्ला, सदर तहसीलदार
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रायबरेली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र के शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से कवायद शुरू की गई है। इस कवायद के तहत इन्फोमैक्स कंसलटेंट नोएडा की टीम ने यहां पहुंचकर सर्वे का कार्य शुरू कर दिया है। कंसलटेंट टीम की सदस्य ने तहसील पहुंच तहसीलदार से सरकारी जमीन का ब्योरा मांगा। ताकि स्मार्ट सिटी का चयन हो तो खाली सरकारी जमीन पर कार्य शुरू कराया जा सके। टीम यह जानने का प्रयास कर रही है कि यहां पर क्या-क्या संसाधन हैं और क्या-क्या नहीं है। टीम के सदस्यों की मानें तो 90 दिनों में सर्वे करके इसकी रिपोर्ट शहरी एवं नगर विकास मंत्रालय को देनी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने का एलान किया गया था। इसके तहत केंद्र सरकार ने करीब 101 शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने का एलान कर दिया है। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रायबरेली शहर को शामिल नहीं किया गया है। अभी बचे 15 शहरों को स्मार्ट सिटी किए जाने की घोषणा की जानी है। इसके लिए सर्वे का कार्य शुरू करा दिया गया है। शहरी एवं नगर विकास मंत्रालय की टीम ने इन्फोमैक्स कंसलटेंट नोएडा को रायबरेली शहर का सर्वे करने की जिम्मेदारी दी गई है।
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इन्फोमैक्स मैक्स कंसलटेंट के प्रभारी अभिलाष वर्मा व मीनल केसरवानी की अगुवाई में टीम यहां पहुंचकर सर्वे का कार्य शुरू करा दिया है। कंसलटेंट की सदस्य मीनल केसरवानी ने सदर तहसील पहुंचकर तहसीलदार सौरभ शुक्ला से मुलाकात की और सर्वे को लेकर चर्चा की। सदस्य ने तहसीलदार से शहर के अंदर कितनी सरकारी जमीन है, इसका ब्योरा मांगा। ताकि यदि शहर का चयन स्मार्ट सिटी के लिए हो जाए तो इसके तहत यहां पर सरकारी जमीनों पर प्रोजेक्ट लगाए जा सकें। सदस्य मीनल केसरवानी ने तहसीलदार से चर्चा करने के बाद वापस लौट गई।
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परिवहन, शिक्षा संसाधनों की भी पड़ताल
इन्फोमैक्स कंसलटेंट नोएडा की सदस्य मीनल केसरवानी ने बताया कि शहरी एवं नगर विकास मंत्रालय की ओर से सर्वे करने की जिम्मेदारी दी गई है। शहर के हर वार्ड का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे में परिवहन की क्या व्यवस्था है। शिक्षा की क्या व्यवस्था है। कौन-कौन से प्रोजेक्ट लगे हैं, इसकी पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। 90 दिन के अंदर सर्वे की रिपोर्ट मंत्रालय को देनी है।
इन्फोमैक्स कंसलटेंट नोएडा की टीम शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के तहत सर्वे कर रही है। सरकारी जमीन का जो ब्योरा मांगा गया है, उसे जल्द उपलब्ध कराया दिया जाएगा। रायबरेली शहर स्मार्ट सिटी बने। ऐसा होने से इसका लाभ लोगों को मिलेगा। टीम की ओर से सर्वे के तहत जो-जो ब्योरा मांगा जाएगा, उसकी पूरी रिपोर्ट मुहैया कराई जाएगी।- सौरभ शुक्ला, सदर तहसीलदार