{"_id":"58138f8f4f1c1b870dbc1ac3","slug":"yash-bharti-award-to-sb-singh","type":"story","status":"publish","title_hn":"सवैया के एसबी सिंह को यश भारती मिलने से खुशी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सवैया के एसबी सिंह को यश भारती मिलने से खुशी
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़।
Updated Fri, 28 Oct 2016 11:24 PM IST
विज्ञापन
सीएम करेंगे विशिष्टजनों को सम्मानित
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तहसील क्षेत्र के सवैया गांव में जन्मे एसबी सिंह को प्रदेश सरकार द्वारा यश भारती पुरस्कार दिए जाने से क्षेत्र में खुशी का माहौल है। वहीं तहसील क्षेत्र में इतना बड़ा सम्मान मिलने से उनके घर बधाई देने वालों का तांता लग रहा है।
लोग इसे क्षेत्र का गौरव बता रहे हैं। बता दें कि तहसील क्षेत्र के सवैया गांव में एसबी सिंह पुत्र स्व.रामनरेश सिंह का बचपन से ही रुझान खेलकूद में था। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा क्षेत्रीय विद्यालयों से ही प्राप्त की। जबकि जनपद से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद 1964 में विद्यान्त हिंदू इंटर कालेज लखनऊ में खेलकूद प्रशिक्षक के पद पर नियुक्त हुए। इसके बाद 1997 में सेवानिवृत्त हो गए।
खेलकूद की बारीकियों की जानकारी व प्रशिक्षण की अच्छी कला की प्रतिभा के चलते ही इन्हें वॉलीबाल का नेशनल कोच बनाने के साथ राष्ट्रीय चयन समिति में शमिल किया गया। उनके द्वारा प्रशिक्षित कई खिलाड़ी देश-विदेश में नाम रोशन कर रहे हैं। एसबी सिंह के भाई अधिवक्ता देवेश सिंह ने बताया कि उनके इस सम्मान से यह साबित हो गया है कि ग्रामीण अंचल में भी प्रतिभा की कमी नहीं है। वहीं तहसील में अधिवक्ताओं की एक बैठक हुई जिसमें एसबी सिंह को यश भारती पुरस्कार मिलने पर खुशी का इजहार किया गया। इस दौरान अध्यक्ष प्रेमशंकर मिश्र, संतोष तिवारी, मनोज तिवारी, अजमल हुसैन, अशोक कुमार मिश्र, शिवेन्द्र प्रताप सिंह, धर्मराज त्रिपाठी, अजय उपाध्याय, ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव, श्रीकांत दुबे सहित लोग मौजूद रहे।े
विज्ञापन
विज्ञापन
लोग इसे क्षेत्र का गौरव बता रहे हैं। बता दें कि तहसील क्षेत्र के सवैया गांव में एसबी सिंह पुत्र स्व.रामनरेश सिंह का बचपन से ही रुझान खेलकूद में था। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा क्षेत्रीय विद्यालयों से ही प्राप्त की। जबकि जनपद से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद 1964 में विद्यान्त हिंदू इंटर कालेज लखनऊ में खेलकूद प्रशिक्षक के पद पर नियुक्त हुए। इसके बाद 1997 में सेवानिवृत्त हो गए।
विज्ञापन
खेलकूद की बारीकियों की जानकारी व प्रशिक्षण की अच्छी कला की प्रतिभा के चलते ही इन्हें वॉलीबाल का नेशनल कोच बनाने के साथ राष्ट्रीय चयन समिति में शमिल किया गया। उनके द्वारा प्रशिक्षित कई खिलाड़ी देश-विदेश में नाम रोशन कर रहे हैं। एसबी सिंह के भाई अधिवक्ता देवेश सिंह ने बताया कि उनके इस सम्मान से यह साबित हो गया है कि ग्रामीण अंचल में भी प्रतिभा की कमी नहीं है। वहीं तहसील में अधिवक्ताओं की एक बैठक हुई जिसमें एसबी सिंह को यश भारती पुरस्कार मिलने पर खुशी का इजहार किया गया। इस दौरान अध्यक्ष प्रेमशंकर मिश्र, संतोष तिवारी, मनोज तिवारी, अजमल हुसैन, अशोक कुमार मिश्र, शिवेन्द्र प्रताप सिंह, धर्मराज त्रिपाठी, अजय उपाध्याय, ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव, श्रीकांत दुबे सहित लोग मौजूद रहे।े
विज्ञापन