फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Where are the wards not made to treat the patients of Ayushman bharat

वार्ड बना नहीं कहां हो आयुष्मान के मरीजों का इलाज

Tue, 03 Sep 2019 12:48 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 03 Sep 2019 12:48 AM IST
विज्ञापन
Where are the wards not made to treat the patients of Ayushman bharat
जिला अस्पताल में बने आयुष्मान भारत वार्ड में भर्ती मरीज। - फोटो : PRATAPGARH
आयुष्मान भारत योजना के तहत वार्ड स्थापित कर मरीजों का इलाज करने का दावा खोखला साबित हो रहा है। साल भर बाद भी आयुष्मान के मरीजों के लिए अलग से वार्ड का निर्माण नहीं हो सका। जिससे उन मरीजों का समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है। शासन के आदेश को जिम्मेदार दरकिनार कर मनमानी पर उतारू हैं। आम मरीजों की तरह जनरल वार्ड में ही आयुष्मान के मरीजों को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है।
विज्ञापन

गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले मरीजों की जान उपचार के अभाव में न जाए। शासन की ओर से ऐसे मरीजों के उपचार के लिए आयुष्मान भारत योजना लांच की गई। इस योजना के तहत गरीब परिवार के मुखिया और उनके सदस्यों को शामिल किया गया है। पांच लाख रुपये तक सरकारी व प्राइवेट अस्पताल में कैशलेस उपचार की व्यवस्था की है। पिछले साल योजना का शुभारंभ किया गया।
विज्ञापन

शासन की ओर से मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र भेजकर आदेश दिया गया था कि प्रत्येक सरकारी अस्पताल में आयुष्मान के मरीजों को भर्ती कर इलाज करने के लिए अलग से वार्ड का निर्माण कराया जाए। मगर बेल्हा में ठीक इसके विपरीत मरीजों का उपचार किया जा रहा है। कहीं पर अलग से वार्ड का निर्माण नहीं कराया गया। सीएमओ बजट का रोना रो रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिला महिला अस्पताल में पहले ही बेड की कमी थी। योजना का शुभारंभ होने के बाद महिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड के आठ बेड को आयुष्मान वार्ड बना दिया गया। उस स्थान पर आयुष्मान का बोर्ड लगा दिया गया। वहीं जिला अस्पताल में फिजियोथिरेपी कक्ष को हटाकर आयुष्मान का वार्ड बना दिया गया। मरीजों को गर्मी से राहत पहुंचाने के लिए पंखे लगा दिये गए।
जिला अस्पताल में एक नर्स आयुष्मान के मरीजों के इलाज के लिए तैनात की जाती है मगर महिला अस्पताल में एक ही नर्स आयुष्मान के साथ जनरल वार्ड में भर्ती मरीजों की देखभाल करती है। लालगंज सीएचसी को छोड़कर अन्य सरकारी अस्पतालों में भी अलग से मरीजों के उपचार की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
आयुष्मान के मरीजों का कैशलेस तो आम लोगों का मुफ्त में हो रहा इलाज
सरकारी अस्पताल में भर्ती होने वाले आयुष्मान के मरीजों को गोल्डेन कार्ड दिखाना पड़ता है। इलाज के पहले उनके कार्ड नंबर को अंकित कर दिया जाता है। गोल्डेन कार्ड में यह दर्शा दिया जाता है कि मरीज के इलाज में कितना रुपये का खर्च आया है। एक कार्ड पर पांच लाख रुपये तक ही पात्र परिवार के मुखिया सहित उसके परिवार के अन्य सदस्य अपना इलाज करा सकते हैं। वहीं बगैर कार्ड दिखाए अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों से फूटी कौड़ी तक नहीं ली जाती। यदि गोल्डेन कार्ड बना हुआ है तो वह गंभीर बीमारी के दौरान काम आ जाता है।
प्राइवेट अस्पताल की तरह होना चाहिए था आयुष्मान वार्ड
शासन ने आयुष्मान के मरीजों को बेहतर से बेेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए सीएमओ को आदेश दिया था। इतना ही नहीं मरीजों का मुफ्त में जांच, जरूरत पड़ने पर मेडिकल स्टोर से दवा खरीदकर देना था। मगर बेल्हा में ऐसा कुछ भी नहीं हो रहा है। प्राइवेट अस्पताल के वार्ड की तरह सरकारी अस्पताल में आज तक वार्ड का निर्माण नहीं हो सका। वहीं प्राइवेट अस्पताल संचालक भी आयुष्मान के मरीजों को दो घंटे के लिए आईसीयू में रखते हैं। कागजी कोरम और फोटो ग्राफी पूरा होने के बाद वहां से निकालकर जनरल वार्ड में कर देते हैं। बिल अधिक का बनाते हैं। जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
जिला और महिला अस्पताल को उच्चीकृत कर मेडिकल कॉलेज का निर्माण होने के कारण नए निर्माण पर रोक लगा दी गई है। इसलिए अतिरिक्त वार्ड को तैयार नहीं किया जा सका। लालगंज सीएचसी का आयुष्मान वार्ड में एसी लगी हुई है। प्राइवेट अस्पताल में मरीजों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जा रहा है। जो भी इलाज होता है वह वीडियो रिकार्डिंग के बीच हो रहा है। डॉक्टर सुधाकर सिंह, प्रोग्राम मैनेजर आयुष्मान योजना।

महिला अस्पताल के सौ बेड का अस्पताल शुरू होगा तो बीस बेड का अतिरिक्त आयुष्मान वार्ड का निर्माण कराया जाएगा। जगह के अभाव में आठ बेड का अतिरिक्त वार्ड बनाया गया है। मरीज यदि बढ़ जाते हैं तो जनरल वार्ड में शिफ्ट किया जाता है। बेड खाली रहता है तो अन्य मरीजों को आयुष्मान वार्ड में भर्ती किया जा रहा है। डॉक्टर अरविंद कुमार श्रीवास्तव, सीएमओ।

जिला महिला अस्पताल में बने आयुष्मान भारत वार्ड में भर्ती मरीज।

जिला महिला अस्पताल में बने आयुष्मान भारत वार्ड में भर्ती मरीज।- फोटो : PRATAPGARH

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed