{"_id":"683de2e526f416a49e0f4ceb","slug":"waterlogging-will-not-slow-down-the-speed-of-trains-pratapgarh-news-c-262-1-ptp1003-140946-2025-06-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pratapgarh News: जलभराव से ट्रेनों के रफ्तार पर नहीं लगेगी ब्रेक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pratapgarh News: जलभराव से ट्रेनों के रफ्तार पर नहीं लगेगी ब्रेक
विज्ञापन
चिलबिला जंक्शन पर अब बारिश के मौसम में ट्रैक पर जलभराव की समस्या नहीं रहेगी। ट्रैक पर जमा होने वाले बारिश के पानी के निस्तारण के लिए ड्रेनेज सिस्टम बनाया जा रहा है। प्लेटफाॅर्म के ट्रैक के मध्य बनने वाले इस ड्रेनेज सिस्टम के जरिए बारिश का पानी आसानी से निकल जाएगा। इससे ट्रेन रफ्तार में ही जंक्शन से होकर निकलेगी। जल भराव की वजह से उनकी रफ्तार पर ब्रेक नहीं लगेगा।
लखनऊ-वाराणसी रेल मार्ग पर पड़ने वाले चिलबिला जंक्शन से 12 से अधिक ट्रेनें होकर गुजरती हैं। चार प्लेटफाॅर्म हैं। बारिश के दिनों में ट्रैक तक पानी जमा हो जाता है। इससे सिग्नल फेल हो जाता है। ट्रेनों की स्पीड पर ब्रेक लग जाता है। यात्रियों के साथ रेल अफसरों को परेशान होना पड़ता है। मजबूरन जल निकासी के लिए रेल अफसरों को जनरेटर पंप मंगवाना पड़ता है। मगर अब ऐसा नहीं होगा।
चिलबिला जंक्शन के ट्रैक पर बारिश के दिनों में जलजमाव न हो इस लिए रेलवे दो नालियां तैयार करवा रहा है। इसकी लंबाई 600 मीटर होगी। प्लेटफाॅर्म से लेकर यार्ड तक जल जमाव नहीं होगा। डीआरएम के जन संपर्क अधिकारी एसके जायसवाल ने बताया कि बारिश के दिनों में ट्रैक पर पानी जमा होने के कारण सिग्नल फेल बताने लगता है। ट्रेनों को जहां के तहां रोकना पड़ता है। मगर अब ऐसा नहीं होगा। इस लिए ड्रेनेज सिस्टम तैयार कराया जा रहा है। बारिश शुरू होने के पहले यह कार्य भी पूरा हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ-वाराणसी रेल मार्ग पर पड़ने वाले चिलबिला जंक्शन से 12 से अधिक ट्रेनें होकर गुजरती हैं। चार प्लेटफाॅर्म हैं। बारिश के दिनों में ट्रैक तक पानी जमा हो जाता है। इससे सिग्नल फेल हो जाता है। ट्रेनों की स्पीड पर ब्रेक लग जाता है। यात्रियों के साथ रेल अफसरों को परेशान होना पड़ता है। मजबूरन जल निकासी के लिए रेल अफसरों को जनरेटर पंप मंगवाना पड़ता है। मगर अब ऐसा नहीं होगा।
विज्ञापन
चिलबिला जंक्शन के ट्रैक पर बारिश के दिनों में जलजमाव न हो इस लिए रेलवे दो नालियां तैयार करवा रहा है। इसकी लंबाई 600 मीटर होगी। प्लेटफाॅर्म से लेकर यार्ड तक जल जमाव नहीं होगा। डीआरएम के जन संपर्क अधिकारी एसके जायसवाल ने बताया कि बारिश के दिनों में ट्रैक पर पानी जमा होने के कारण सिग्नल फेल बताने लगता है। ट्रेनों को जहां के तहां रोकना पड़ता है। मगर अब ऐसा नहीं होगा। इस लिए ड्रेनेज सिस्टम तैयार कराया जा रहा है। बारिश शुरू होने के पहले यह कार्य भी पूरा हो जाएगा।
विज्ञापन