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अनदेखी : कूड़ा बन गईं वाटर वेंडिंग मशीन, गला तर करने के लिए भटकते रहे लोग
Sun, 19 Sep 2021 11:12 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 19 Sep 2021 11:12 PM IST
सार
ज्यादात मशीने हो गई हैं कबाड़, लाखों रुपये खर्च करके लगाई गई थी वाटर वेंडिंग मशीने। जिस उद्देश्य के लिए मशीनों को लगाया गया था वह पूरा नहीं हो पाया।
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ट्रेजरी चौराहे पर शोपीस बना वाटर वेंडिग मशीन। संवाद
- फोटो : PRATAPGARH
विस्तार
शहरियों के साथ ही बाहर से आने वाले लोगों को पानी उपलब्ध कराने के लिए नगर पालिका ने 15 वाटर वेंडिंग मशीन लगवाई थीं। ये मशीनें अब कूड़ा बन गई हैं। ज्यादातर मशीनों से एक बूंद पानी नहीं निकल रहा है। इससे लोगों को महंगे दाम पर बोतल बंदी पानी खरीदना पड़ता है। पालिका के तमाम दावे के बावजूद वाटर वेंडिंग मशीनों की मरम्मत नहीं कराई जा सकी।
नगर पालिका द्वारा शहरियों व बाहर से आने वाले लोगों को आरओ वाटर उपलब्ध कराने के लिए लाखों रुपये खर्च कर वेंडिंग मशीन लगाई गई थीं। एक वाटर वेंडिंग मशीन की कीमत करीब ढाई से तीन लाख रुपये थी। छह साल पूर्व शहर के रोडवेज बस डिपो, जीआईसी, जीजीआईसी, शहीद उद्यान, भंगवाचुंगी, सदर बाजार और चिलबिला में वाटर वेंडिंग मशीन लगाई गई थीं। इसके बाद अजीत नगर समेत अन्य स्थानों पर कुल 15 वाटर वेंडिंग मशीन लगाई गईं।
करीब सालभर तो इन मशीनों से पानी निकलता रहा, मगर समय के साथ ही अब वाटर वेंडिंग मशीन खराब होती गईं। गर्मी शुरू होते ही वेंडिंग मशीन दुरुस्त कराने के लिए नगर पालिका प्रशासन की ओर दावा किया जाता रहा, मगर कुछ नहीं हुआ। भंगवाचुंगी, जीआईसी, रोडवेज बस डिपो समेत अन्य स्थानों पर वेंडिंग मशीन खराब पड़ी हैं। कोई उसे देखने वाला नहीं है। हालांकि पालिका प्रशासन का दावा है कि सात वाटर वेंडिंग मशीन ठीक हैं। पुरानी मशीन ही खराब हैं।
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पानी की जगह निकल रहा सिक्का
रविवार को कोषागार चौराहे पर लगे वाटर वेंडिंग मशीन की लाइट जल रही थी। पानी के लिए परेशान युवक ने एक रुपये का सिक्का डाला, मगर एक बूंद नहीं टपकी। कुछ देर में सिक्का वापस निकल गया। जिसे लेने के बाद वह व्यक्ति पालिका को कोसते हुए आगे बढ़ गया।
उपकरणों की हो चुकी चोरी
नगर पालिका ने वाटर वेंडिंग मशीनों की कुछ दिनों तक देखभाल के लिए कर्मचारियों को लगाया था। जो सिक्का निकालने के साथ ही मशीन की देखभाल करते थे। जीजीआईसी, अजीत नगर, भंगवाचुंगी और रोडवेज बस डिपो समेत अन्य स्थानों पर लगीं वाटर वेंडिंग मशीन के उपकरण चोरी हो चुके हैं।
चोरी करने के दौरान युवक की गई थी जान
शहर के जीआईसी के पास वाटर वेंडिंग मशीन से चोरी करने के दौरान एक युवक की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी। जिसके बाद दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नगर पालिका द्वारा जाली के भीतर वेंडिंग मशीन रखवाई जाने लगी। सुरक्षा के लिए जाली लगवाने के बाद भी वाटर वेंडिंग मशीन दुरुस्त नहीं हो सकीं। जिसके चलते लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ता है।
शहर में लगीं सात वाटर वेंडिंग मशीन चल रही हैं। खराब मशीनों की मरम्मत के लिए कंपनी को पत्र भेजा गया है। -महेश तिवारी, प्रभारी जलकल, नगर पालिका
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नगर पालिका द्वारा शहरियों व बाहर से आने वाले लोगों को आरओ वाटर उपलब्ध कराने के लिए लाखों रुपये खर्च कर वेंडिंग मशीन लगाई गई थीं। एक वाटर वेंडिंग मशीन की कीमत करीब ढाई से तीन लाख रुपये थी। छह साल पूर्व शहर के रोडवेज बस डिपो, जीआईसी, जीजीआईसी, शहीद उद्यान, भंगवाचुंगी, सदर बाजार और चिलबिला में वाटर वेंडिंग मशीन लगाई गई थीं। इसके बाद अजीत नगर समेत अन्य स्थानों पर कुल 15 वाटर वेंडिंग मशीन लगाई गईं।
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करीब सालभर तो इन मशीनों से पानी निकलता रहा, मगर समय के साथ ही अब वाटर वेंडिंग मशीन खराब होती गईं। गर्मी शुरू होते ही वेंडिंग मशीन दुरुस्त कराने के लिए नगर पालिका प्रशासन की ओर दावा किया जाता रहा, मगर कुछ नहीं हुआ। भंगवाचुंगी, जीआईसी, रोडवेज बस डिपो समेत अन्य स्थानों पर वेंडिंग मशीन खराब पड़ी हैं। कोई उसे देखने वाला नहीं है। हालांकि पालिका प्रशासन का दावा है कि सात वाटर वेंडिंग मशीन ठीक हैं। पुरानी मशीन ही खराब हैं।
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पानी की जगह निकल रहा सिक्का
रविवार को कोषागार चौराहे पर लगे वाटर वेंडिंग मशीन की लाइट जल रही थी। पानी के लिए परेशान युवक ने एक रुपये का सिक्का डाला, मगर एक बूंद नहीं टपकी। कुछ देर में सिक्का वापस निकल गया। जिसे लेने के बाद वह व्यक्ति पालिका को कोसते हुए आगे बढ़ गया।
उपकरणों की हो चुकी चोरी
नगर पालिका ने वाटर वेंडिंग मशीनों की कुछ दिनों तक देखभाल के लिए कर्मचारियों को लगाया था। जो सिक्का निकालने के साथ ही मशीन की देखभाल करते थे। जीजीआईसी, अजीत नगर, भंगवाचुंगी और रोडवेज बस डिपो समेत अन्य स्थानों पर लगीं वाटर वेंडिंग मशीन के उपकरण चोरी हो चुके हैं।
चोरी करने के दौरान युवक की गई थी जान
शहर के जीआईसी के पास वाटर वेंडिंग मशीन से चोरी करने के दौरान एक युवक की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी। जिसके बाद दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नगर पालिका द्वारा जाली के भीतर वेंडिंग मशीन रखवाई जाने लगी। सुरक्षा के लिए जाली लगवाने के बाद भी वाटर वेंडिंग मशीन दुरुस्त नहीं हो सकीं। जिसके चलते लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ता है।
शहर में लगीं सात वाटर वेंडिंग मशीन चल रही हैं। खराब मशीनों की मरम्मत के लिए कंपनी को पत्र भेजा गया है। -महेश तिवारी, प्रभारी जलकल, नगर पालिका

रोडवेज बस अड्डे के सामने खराब पड़ी वाटर वेंडिग मशीन। संवाद- फोटो : PRATAPGARH