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पांच साल में जनपद में बढ़ गए दो लाख नब्बे हजार मतदाता
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Two lakh ninety thousand voters increased in district in five years
पंचायत चुनाव के लिए चल रहीं तैयारियों के बीच मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन हो गया है। पांच साल के भीतर जिले में दो लाख नब्बे हजार मतदाता बढ़ गए हैं। जबकि पुनरीक्षण में 2.27 लाख मतदाता घटे हैं। जिले की 1191 ग्राम पंचायतों में होने वाले चुनाव में 24.98 लाख मतदाता प्रत्याशियों की तकदीर लिखेंगे।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए गत दिनों राज्य निर्वाचन आयोग ने नई मतदाता सूची तैयार करने के साथ नए मतदाता बनाने का आदेश जारी किया था। इस पर गांवों में सर्वे कराने के साथ ही दावे और आपत्ति ली गईं।
आपत्तियों को निस्तारित करने के बाद शुक्रवार को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। इस बार पंचायत चुनाव में 24,98,027 मतदाता अपने मत का प्रयोग करेंगे। जनपद की 1191 ग्राम पंचायतों में 2,90,142 मतदाता बढ़ गए हैं। इस बार 2.27 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। ये मतदाता ऐसे हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है या फिर वह गांव में नहीं रहते हैं।
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51 हजार मतदाताओं के नाम संशोधन हुए हैं। सहायक निर्वाचन अधिकारी एसपी बर्नवाल ने बताया कि अंतिम सूची का प्रकाशन हो चुका है। तैयार की गई मतदाता सूची को ब्लाक स्तर पर पहुंचाया जा रहा है।
1486 बीएलओ और 191 सुपरवाइजरों ने संभाली थी कमान
पंचायत चुनाव की मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान में जिले की 1191 ग्राम पंचायतों में 1486 बूथ लेबल अफसर और 191 सुपरवाइजर तैनात किए गए थे। जिले की पांच तहसीलों में कुल मतदान स्थल 3605 और 1390 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
मतदाता सूची में अभी भी शामिल हैं मृतकों के नाम
भले ही पंचायत चुनाव कराने के लिए मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन हो गया है, लेकिन अभी भी मतदाता सूची में मृतकों के नाम शामिल हैं। तमाम कवायदों के बाद भी मतदाता सूची में मतदाताओं का दो वार्डों में नाम दर्ज है और मृतक भी मतदान करेंगे। जिले की कुंडा तहसील में मृतकों के नाम मतदाता सूची में शामिल होने को लेकर शिकायतों के बाद भी बीएलओ खामियों को दुरुस्त नहीं कर सके।
अब आरक्षण पर टिकीं दावेदारों की निगाहें
पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद अब दावेदारों की निगाह अपने वार्डों या ग्राम पंचायतों के आरक्षण पर टिक गई है। हर कोई आरक्षण प्रक्रिया की जानकारी के लिए विकास भवन, ब्लाक के अलावा राजनैतिक दलों के आकाओं के चक्कर लगा रहा है। ताकि उसकी ग्राम पंचायत या वार्ड उसकी मंशा के अनुरूप आरक्षित हो सके। हालांकि अभी आरक्षण को लेकर शासन से कोई शासनादेश नहीं हुआ है। जिससे विभागीय अधिकारी भी कुछ बोलने से कतरा रहे हैं।
मतदाता सूची के लिए मची रही मारामारी
अंतिम सूची के प्रकाशन के बाद भावी दावेदार मतदाता सूची के लिए परेशान दिखे। नगरीय निकाय व पंचायत कार्यालय के साथ ही मतदाता सूची का फार्म लेकर भी लोग आते-जाते दिखे। हालांकि सरोज चौराहे पर स्थित फर्म पर अधिकारी बराबर चक्रमण करते रहे। हर कोई मतदाता सूची के लिए प्रयासरत रहा।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए गत दिनों राज्य निर्वाचन आयोग ने नई मतदाता सूची तैयार करने के साथ नए मतदाता बनाने का आदेश जारी किया था। इस पर गांवों में सर्वे कराने के साथ ही दावे और आपत्ति ली गईं।
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आपत्तियों को निस्तारित करने के बाद शुक्रवार को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। इस बार पंचायत चुनाव में 24,98,027 मतदाता अपने मत का प्रयोग करेंगे। जनपद की 1191 ग्राम पंचायतों में 2,90,142 मतदाता बढ़ गए हैं। इस बार 2.27 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। ये मतदाता ऐसे हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है या फिर वह गांव में नहीं रहते हैं।
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51 हजार मतदाताओं के नाम संशोधन हुए हैं। सहायक निर्वाचन अधिकारी एसपी बर्नवाल ने बताया कि अंतिम सूची का प्रकाशन हो चुका है। तैयार की गई मतदाता सूची को ब्लाक स्तर पर पहुंचाया जा रहा है।
1486 बीएलओ और 191 सुपरवाइजरों ने संभाली थी कमान
पंचायत चुनाव की मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान में जिले की 1191 ग्राम पंचायतों में 1486 बूथ लेबल अफसर और 191 सुपरवाइजर तैनात किए गए थे। जिले की पांच तहसीलों में कुल मतदान स्थल 3605 और 1390 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
मतदाता सूची में अभी भी शामिल हैं मृतकों के नाम
भले ही पंचायत चुनाव कराने के लिए मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन हो गया है, लेकिन अभी भी मतदाता सूची में मृतकों के नाम शामिल हैं। तमाम कवायदों के बाद भी मतदाता सूची में मतदाताओं का दो वार्डों में नाम दर्ज है और मृतक भी मतदान करेंगे। जिले की कुंडा तहसील में मृतकों के नाम मतदाता सूची में शामिल होने को लेकर शिकायतों के बाद भी बीएलओ खामियों को दुरुस्त नहीं कर सके।
अब आरक्षण पर टिकीं दावेदारों की निगाहें
पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद अब दावेदारों की निगाह अपने वार्डों या ग्राम पंचायतों के आरक्षण पर टिक गई है। हर कोई आरक्षण प्रक्रिया की जानकारी के लिए विकास भवन, ब्लाक के अलावा राजनैतिक दलों के आकाओं के चक्कर लगा रहा है। ताकि उसकी ग्राम पंचायत या वार्ड उसकी मंशा के अनुरूप आरक्षित हो सके। हालांकि अभी आरक्षण को लेकर शासन से कोई शासनादेश नहीं हुआ है। जिससे विभागीय अधिकारी भी कुछ बोलने से कतरा रहे हैं।
मतदाता सूची के लिए मची रही मारामारी
अंतिम सूची के प्रकाशन के बाद भावी दावेदार मतदाता सूची के लिए परेशान दिखे। नगरीय निकाय व पंचायत कार्यालय के साथ ही मतदाता सूची का फार्म लेकर भी लोग आते-जाते दिखे। हालांकि सरोज चौराहे पर स्थित फर्म पर अधिकारी बराबर चक्रमण करते रहे। हर कोई मतदाता सूची के लिए प्रयासरत रहा।