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Pratapgarh News: किसानों के हक की जमीन निगलने जा रही टाउनशिप परियोजना
Mon, 24 Nov 2025 11:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Mon, 24 Nov 2025 11:17 PM IST
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शासन ने टाउनशिप निर्माण परियोजना को स्वीकृति भले ही प्रदान कर दी लेकिन खेती कर घर की रोजी-रोटी चलाने वाले किसानों के हक की जमीन का सही मुआवजा नहीं मिल सका है। पहले भी किसानों की जमीन अधिग्रहीत कर तमाम परियोजनाओं को साकार किया जा चुका है। कृषि के आधार पर मिल रहे सर्किल रेट से किसान खुश नहीं हैं।
दरअसल, 11 माह पहले शासन ने मऊ, गाजीपुर, प्रयागराज और प्रतापगढ़ में टाउनशिप बनाने की मंजूरी दी थी। प्रतापगढ़ को छोड़कर दूसरे जनपदों में जमीन अधिग्रहण को लेकर पेंच फंसा हुआ है। भुपियामऊ गांव के किसानों के अनुसार मुआवजा देकर 1973 में जमीन अधिग्रहीत कर दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ की स्थापना की गई।
1980 में ऑटो ट्रैक्टर लिमिटेड के कारखाने की स्थापना को लेकर किसानों को छला गया। तीसरी बार 2018 में भुपियामऊ पावर हाउस की स्थापना कर किसानों की जमीन अधिग्रहित कर ली गई। तीन बार में तकरीबन 40 बीघा के करीब जमीन अधिग्रहीत की जा चुकी है लेकिन इस बार टाउनशिप परियोजना के नाम पर टेऊंगा, बड़नपुर, भुपियामऊ और जहनईपुर के 650 किसानों की 374 एकड़ (लगभग 550 बीघा) जमीन अधिग्रहीत की जा रही है।
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दो बीघे से अधिक जमीन अधिग्रहीत की जा रही है। बैनामे की जमीन का कृषि सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा राशि दी जा रही है, जो पूरी तरह से गलत है।- पिंटू सिंह, भुपियामऊ
कृषि सर्किल रेट एक बीघा जमीन की चार गुना धनराशि देने की बात तय हुई है। एक बिस्वा जमीन की कीमत 1.20 लाख तय की गई जबकि जमीन का बाजार मूल्य 13 लाख रुपये है। उचित मुआवजा राशि न मिलने से किसान परेशान हैं। -राजेंद्र बहादुर सिंह
नियोजन समिति की बैठक में किसानों के समस्याओं की सुनवाई की गई थी। दर निर्धारण समिति में सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा राशि तय की गई है। यदि किसानों को किसी तरह की समस्या है तो वह शिकायत कर सकते हैं। -शिव सहाय अवस्थी, डीएम
टाउनशिप में यह होंगी सुविधाएं
आवास विकास परिषद के एक्सईएन अभिषेक वर्मा ने बताया कि टाउनशिप परियोजना में आवासीय, वाणिज्यिक और मनोरंजक सुविधाओं का एक साथ समावेश होता है। शॉपिंग मॉल, खेल के मैदान, जिम और स्विमिंग पूल के साथ ही बिजली, पानी और सुरक्षा गार्ड की उपलब्धता होती है।
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दरअसल, 11 माह पहले शासन ने मऊ, गाजीपुर, प्रयागराज और प्रतापगढ़ में टाउनशिप बनाने की मंजूरी दी थी। प्रतापगढ़ को छोड़कर दूसरे जनपदों में जमीन अधिग्रहण को लेकर पेंच फंसा हुआ है। भुपियामऊ गांव के किसानों के अनुसार मुआवजा देकर 1973 में जमीन अधिग्रहीत कर दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ की स्थापना की गई।
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1980 में ऑटो ट्रैक्टर लिमिटेड के कारखाने की स्थापना को लेकर किसानों को छला गया। तीसरी बार 2018 में भुपियामऊ पावर हाउस की स्थापना कर किसानों की जमीन अधिग्रहित कर ली गई। तीन बार में तकरीबन 40 बीघा के करीब जमीन अधिग्रहीत की जा चुकी है लेकिन इस बार टाउनशिप परियोजना के नाम पर टेऊंगा, बड़नपुर, भुपियामऊ और जहनईपुर के 650 किसानों की 374 एकड़ (लगभग 550 बीघा) जमीन अधिग्रहीत की जा रही है।
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दो बीघे से अधिक जमीन अधिग्रहीत की जा रही है। बैनामे की जमीन का कृषि सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा राशि दी जा रही है, जो पूरी तरह से गलत है।- पिंटू सिंह, भुपियामऊ
कृषि सर्किल रेट एक बीघा जमीन की चार गुना धनराशि देने की बात तय हुई है। एक बिस्वा जमीन की कीमत 1.20 लाख तय की गई जबकि जमीन का बाजार मूल्य 13 लाख रुपये है। उचित मुआवजा राशि न मिलने से किसान परेशान हैं। -राजेंद्र बहादुर सिंह
नियोजन समिति की बैठक में किसानों के समस्याओं की सुनवाई की गई थी। दर निर्धारण समिति में सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा राशि तय की गई है। यदि किसानों को किसी तरह की समस्या है तो वह शिकायत कर सकते हैं। -शिव सहाय अवस्थी, डीएम
टाउनशिप में यह होंगी सुविधाएं
आवास विकास परिषद के एक्सईएन अभिषेक वर्मा ने बताया कि टाउनशिप परियोजना में आवासीय, वाणिज्यिक और मनोरंजक सुविधाओं का एक साथ समावेश होता है। शॉपिंग मॉल, खेल के मैदान, जिम और स्विमिंग पूल के साथ ही बिजली, पानी और सुरक्षा गार्ड की उपलब्धता होती है।