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Pratapgarh News: हद है, संस्कृत बोर्ड परीक्षा में धड़ल्ले से नकल
Sat, 24 Feb 2024 11:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Sat, 24 Feb 2024 11:59 PM IST
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एक्सक्लूसिव :
- शुचिता पर सवाल, परीक्षा कक्ष में सीरीज, मोबाइल, गाइड से ली जा रही मदद
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। जिले में हो रही संस्कृत बोर्ड परीक्षा में जिम्मेदार कक्ष निरीक्षक ही धड़ल्ले से नकल करा रहे हैं। शनिवार को परीक्षार्थी सीरीज, गाइड और मोबाइल लेकर नकल करने में जुटे दिखे, वहीं परीक्षक सिर्फ ड्यूटी देते नजर आए। ऐसे में परीक्षा की शुचिता को लेकर तरह-तरह के सवाल उठ खड़े हुए हैं।जिले में दस केंद्रों पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद की परीक्षा 15 फरवरी से शुरू है। पूर्व मध्यमा और उत्तर मध्यमा कक्षा की परीक्षाएं कराई जा रही हैं। राजकीय इंटर कॉलेज को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
अमर उजाला की पड़ताल में राजकीय इंटर कॉलेज में खुलेआम हो रही नकल का मामला उजागर हुआ। प्रथम पाली में परीक्षा दे रहे परीक्षार्थी बिना भय के सीरीज, गाइड और मोबाइल लेकर नकल करते पाए गए। चंद कदम की दूरी पर स्थित डीआईओएस कार्यालय को इसकी भनक तक नहीं लगी।
वहीं राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य कुलश्रेष्ठ तिवारी ने परीक्षा कक्ष में जाना उचित नहीं समझा। वहीं तीन बार निरीक्षण करने के बावजूद डीआईओएस सरदार सिंह को परीक्षा केंद्र पर कोई खामी नहीं दिखी। शिक्षा व्यवस्था के साथ हो रहे खिलवाड़ के प्रति जिम्मेदारों की लापरवाही नकलविहीन परीक्षा के दावे को धता बता रही है।
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शिक्षाविदों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही विद्यार्थियों के शैक्षिक भविष्य को अंधकार में डाल रही है। नकल कर पास होने वाले विद्यार्थी शिक्षितों की फौज में शामिल हो जाएंगे, लेकिन उनका कॅरियर पूरी तरह से चौपट हो जाएगा।
इनसेट--
विभाग के अभिलेख में सकुशल परीक्षा संपन्न
डीआईओएस कार्यालय की ओर से जारी किए गए संस्कृत बोर्ड परीक्षा की रिपोर्ट में परीक्षा सकुशल संपन्न हो गई है। पंजीकृत 1215 परीक्षार्थियों में से 1015 की उपस्थिति दिखाई गई है।
इनसेट-- -
न सीसीटीवी , न ही सचल दल
संस्कृत बोर्ड परीक्षा मनमाने ढ़ंग से कराई जा रही है। परीक्षा की निगरानी के लिए केंद्रों पर न ही सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था की गई और न ही सचल दल की। सिर्फ कोरम पूरा करने के लिए जांच दिखाई जा रही है। प्रतिष्ठित राजकीय इंटर कॉलेज में खुलेआम नकल हैरत में डालती है।
इनसेट-- -
जिम्मेदार ही करा रहे नकल
परीक्षा केंद्र पर कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके बावजूद कक्ष निरीक्षक के सामने ही परीक्षार्थी नकल कर रहे हैं। इस तरह के कार्य से कक्ष निरीक्षकों की जिम्मेदारी पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहा है। उनकी मौजूदगी में कैसे नकल सामग्री केंद्र में गई। केंद्र पर तलाशी के नियम भी दरकिनार हैं।
.....
बिना शिक्षकों के कैसे होती है वर्ष भर पढ़ाई
संस्कृत के 38 विद्यालयों में पुराण की कक्षाएं कागजों पर वर्ष भर चलती रहीं। जबकि इन सभी में एक में भी शिक्षक नहीं है। वर्षभर बिना शिक्षक के बच्चों को पुराण पढ़ा भी दिया गया और परीक्षा भी करा दी गई। जाहिर है, जब वर्ष भर पढ़ाई ही नहीं हुई तो परीक्षा नकल के सहारे ही हुई।
......
जिम्मेदारों की जुबानी -
वर्जन-- --
मेरी ड्यूटी सचल दल में लगी हुई है। संस्कृत बोर्ड परीक्षा कॉलेज में कराई जा रही है। नकल होने की जानकारी नहीं है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
- कुलश्रेष्ठ तिवारी, प्रधानाचार्य, राजकीय इंटर कॉलेज।
... परीक्षा की शुचिता से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नकल बहुत ही संवेदनशील विषय है। मैं तत्काल इस प्रकरण की जांच करा रहा हूं। दोषियों पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
- संजीव रंजन, जिलाधिकारी।
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- शुचिता पर सवाल, परीक्षा कक्ष में सीरीज, मोबाइल, गाइड से ली जा रही मदद
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। जिले में हो रही संस्कृत बोर्ड परीक्षा में जिम्मेदार कक्ष निरीक्षक ही धड़ल्ले से नकल करा रहे हैं। शनिवार को परीक्षार्थी सीरीज, गाइड और मोबाइल लेकर नकल करने में जुटे दिखे, वहीं परीक्षक सिर्फ ड्यूटी देते नजर आए। ऐसे में परीक्षा की शुचिता को लेकर तरह-तरह के सवाल उठ खड़े हुए हैं।जिले में दस केंद्रों पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद की परीक्षा 15 फरवरी से शुरू है। पूर्व मध्यमा और उत्तर मध्यमा कक्षा की परीक्षाएं कराई जा रही हैं। राजकीय इंटर कॉलेज को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
अमर उजाला की पड़ताल में राजकीय इंटर कॉलेज में खुलेआम हो रही नकल का मामला उजागर हुआ। प्रथम पाली में परीक्षा दे रहे परीक्षार्थी बिना भय के सीरीज, गाइड और मोबाइल लेकर नकल करते पाए गए। चंद कदम की दूरी पर स्थित डीआईओएस कार्यालय को इसकी भनक तक नहीं लगी।
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वहीं राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य कुलश्रेष्ठ तिवारी ने परीक्षा कक्ष में जाना उचित नहीं समझा। वहीं तीन बार निरीक्षण करने के बावजूद डीआईओएस सरदार सिंह को परीक्षा केंद्र पर कोई खामी नहीं दिखी। शिक्षा व्यवस्था के साथ हो रहे खिलवाड़ के प्रति जिम्मेदारों की लापरवाही नकलविहीन परीक्षा के दावे को धता बता रही है।
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शिक्षाविदों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही विद्यार्थियों के शैक्षिक भविष्य को अंधकार में डाल रही है। नकल कर पास होने वाले विद्यार्थी शिक्षितों की फौज में शामिल हो जाएंगे, लेकिन उनका कॅरियर पूरी तरह से चौपट हो जाएगा।
इनसेट
विभाग के अभिलेख में सकुशल परीक्षा संपन्न
डीआईओएस कार्यालय की ओर से जारी किए गए संस्कृत बोर्ड परीक्षा की रिपोर्ट में परीक्षा सकुशल संपन्न हो गई है। पंजीकृत 1215 परीक्षार्थियों में से 1015 की उपस्थिति दिखाई गई है।
इनसेट
न सीसीटीवी , न ही सचल दल
संस्कृत बोर्ड परीक्षा मनमाने ढ़ंग से कराई जा रही है। परीक्षा की निगरानी के लिए केंद्रों पर न ही सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था की गई और न ही सचल दल की। सिर्फ कोरम पूरा करने के लिए जांच दिखाई जा रही है। प्रतिष्ठित राजकीय इंटर कॉलेज में खुलेआम नकल हैरत में डालती है।
इनसेट
जिम्मेदार ही करा रहे नकल
परीक्षा केंद्र पर कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके बावजूद कक्ष निरीक्षक के सामने ही परीक्षार्थी नकल कर रहे हैं। इस तरह के कार्य से कक्ष निरीक्षकों की जिम्मेदारी पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहा है। उनकी मौजूदगी में कैसे नकल सामग्री केंद्र में गई। केंद्र पर तलाशी के नियम भी दरकिनार हैं।
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बिना शिक्षकों के कैसे होती है वर्ष भर पढ़ाई
संस्कृत के 38 विद्यालयों में पुराण की कक्षाएं कागजों पर वर्ष भर चलती रहीं। जबकि इन सभी में एक में भी शिक्षक नहीं है। वर्षभर बिना शिक्षक के बच्चों को पुराण पढ़ा भी दिया गया और परीक्षा भी करा दी गई। जाहिर है, जब वर्ष भर पढ़ाई ही नहीं हुई तो परीक्षा नकल के सहारे ही हुई।
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जिम्मेदारों की जुबानी -
वर्जन
मेरी ड्यूटी सचल दल में लगी हुई है। संस्कृत बोर्ड परीक्षा कॉलेज में कराई जा रही है। नकल होने की जानकारी नहीं है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
- कुलश्रेष्ठ तिवारी, प्रधानाचार्य, राजकीय इंटर कॉलेज।
... परीक्षा की शुचिता से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नकल बहुत ही संवेदनशील विषय है। मैं तत्काल इस प्रकरण की जांच करा रहा हूं। दोषियों पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
- संजीव रंजन, जिलाधिकारी।