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हड़ताल करने पर एंबुलेंस कर्मियों पर गिरी गाज, 30 की सेवा समाप्त
Sat, 14 Aug 2021 01:08 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 14 Aug 2021 01:08 AM IST
सार
अपनी मांगों को लेकर बीते माह हड़ताल करने वाले तीस एंबुलेंस कर्मियों की सेवा समाप्त कर दी गई है। इससे नाराज कर्मचारियों ने शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज में स्थित 108 आफिस कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया।
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मेडिकल कालेज में मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हटाये गये एम्बुलेंस चालक। संवाद
- फोटो : PRATAPGARH
विस्तार
अपनी मांगों को लेकर बीते माह हड़ताल करने वाले तीस एंबुलेंस कर्मियों की सेवा समाप्त कर दी गई है। इससे नाराज कर्मचारियों ने शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज में स्थित 108 आफिस कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। बीते माह अपनी मांगों को लेकर 102, 108 व एएलएस एंबुलेंस सेवा के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए थे। जबरन हड़ताल खत्म कराए जाने के बाद कुछ कर्मचारियों ने लखनऊ में प्रदर्शन किया।
इससे मरीजों को भारी परेशानी हुई थी। इस मामले में प्रतापगढ़ एंबुलेंस यूनियन के अध्यक्ष मधुकर सिंह समेत 30 कर्मचारियों बाद में काम पर जाने के लिए कहा गया। जिले में पहुंचने के बाद पता चला कि उन्हें सेवा से बाहर कर दिए गया है। एंबुलेंस एजेंसी जीवीके ने इन कर्मचारियों को बर्खास्त करने का आदेश पत्र उनके घर पर रजिस्टर्ड डाक से भेजा। सेवा से हटाए जाने से नाराज कर्मचारियों ने शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज में कार्यक्रम प्रबंधक के कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया।
हंगामे की आशंका को देखते हुए कार्यक्रम प्रबंधक दफ्तर में ताला बंद कर चले गए। वहीं संगठन के जिलाध्यक्ष मधुकर सिंह ने कहा कि प्रोग्राम मैनेजर खुद संस्था के कुछ अफसरों से मिले हुए हैं। कर्मचारियों को हटाकर नए लोगों को रखवा रहे हैं। इसके लिए तीस से 50 हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं।
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उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर आरोप लगाया कि प्रोग्राम मैनेजर सचिनराज श्रीवास्तव लखनऊ के रहने वाले हैं। प्रत्येक शनिवार को वे लखनऊ जाते हैं। सोमवार को लौटते हैं। जाते समय किसी फर्जी नाम पर आईडी ले लेते हैं। फर्जी मोबाइल नंबर अंकित करवा देते हैं। एंबुलेंस लेकर लखनऊ चले जाते हैं।
सोमवार को लौटते समय भी प्रतापगढ़ से फर्जी आईडी पर एंबुलेंस बुलाते हैं। फिर उसी एंबुलेंस से लौट आते हैं। उन्होंने इस मामले की जांच करके प्रोग्राम मैनेजर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उधर, प्रोग्राम मैनेजर सचिनराज श्रीवास्तव ने बताया कि मैंने किसी को नहीं हटाया है। कंपनी ने जिसे हटा दिया है, हम उनसे काम नहीं ले सकते हैं। मेरे ऊपर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं।
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इससे मरीजों को भारी परेशानी हुई थी। इस मामले में प्रतापगढ़ एंबुलेंस यूनियन के अध्यक्ष मधुकर सिंह समेत 30 कर्मचारियों बाद में काम पर जाने के लिए कहा गया। जिले में पहुंचने के बाद पता चला कि उन्हें सेवा से बाहर कर दिए गया है। एंबुलेंस एजेंसी जीवीके ने इन कर्मचारियों को बर्खास्त करने का आदेश पत्र उनके घर पर रजिस्टर्ड डाक से भेजा। सेवा से हटाए जाने से नाराज कर्मचारियों ने शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज में कार्यक्रम प्रबंधक के कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया।
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हंगामे की आशंका को देखते हुए कार्यक्रम प्रबंधक दफ्तर में ताला बंद कर चले गए। वहीं संगठन के जिलाध्यक्ष मधुकर सिंह ने कहा कि प्रोग्राम मैनेजर खुद संस्था के कुछ अफसरों से मिले हुए हैं। कर्मचारियों को हटाकर नए लोगों को रखवा रहे हैं। इसके लिए तीस से 50 हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं।
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उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर आरोप लगाया कि प्रोग्राम मैनेजर सचिनराज श्रीवास्तव लखनऊ के रहने वाले हैं। प्रत्येक शनिवार को वे लखनऊ जाते हैं। सोमवार को लौटते हैं। जाते समय किसी फर्जी नाम पर आईडी ले लेते हैं। फर्जी मोबाइल नंबर अंकित करवा देते हैं। एंबुलेंस लेकर लखनऊ चले जाते हैं।
सोमवार को लौटते समय भी प्रतापगढ़ से फर्जी आईडी पर एंबुलेंस बुलाते हैं। फिर उसी एंबुलेंस से लौट आते हैं। उन्होंने इस मामले की जांच करके प्रोग्राम मैनेजर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उधर, प्रोग्राम मैनेजर सचिनराज श्रीवास्तव ने बताया कि मैंने किसी को नहीं हटाया है। कंपनी ने जिसे हटा दिया है, हम उनसे काम नहीं ले सकते हैं। मेरे ऊपर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं।