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नकल की शिकायत पर तीन साल के लिए डिबार होंगे परीक्षा केंद्र, नपेंगे केंद्र व्यवस्थापक
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परीक्षा केंद्रों से सेटिंग कर नकल कराने के नाम पर मोटी कमाई करने वाले नकल माफियों की दाल इस बार नहीं गलेगी। परीक्षा केंद्रों पर नकल पर अंकुश लगाने के लिए विभाग ने डिबार की अवधि एक साल बढ़ा दी है। अब दो नहीं नकल की शिकायत मिलने पर तीन वर्ष के लिए परीक्षा केंद्रों को डिबार किया जाएगा। केंद्र व्यवस्थापक पर भी कार्रवाई होगी। डीआईओएस ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को पत्र जारी कर इसका निर्देश दिया है।
यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा 18 फरवरी से होगी। परीक्षा संपादित कराने के लिए जिले में कुल 199 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान जिले के नकल माफियाओं की सक्रियता लंबे समय से चली आ रही है। परीक्षा कें द्रों पर सीसीटीवी कैमरे व वाइस रिकार्डर लगाने के बाद भी वह केंद्रों पर सेंधमारी करने से बाज नहीं आते हैं।
इसमें केंद्र व्यवस्थापकों की भूमिका भी कई बार सामने आ चुकी है। लालगंज व कुंडा तहसील क्षेत्र में नकल माफियाओं की सक्रियता काफी रहती है। निरीक्षण के दौरान ज्यादातर शिकायतें मिलती हैं। मगर इस बार नकल माफिया खेल नहीं कर सकेंगे। नकलविहीन परीक्षा संपादित कराने के लिए बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों की डिबार अवधि बढ़ा दी है।
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नकल की शिकायत मिलने पर पहले परीक्षा केंद्रों को दो साल के लिए ही डिबार किया जाता था, जबकि इस बार एक वर्ष का और इजाफा हो गया है। इसके अलावा केंद्र व्यवस्थापकों पर भी कार्रवाई होगी। डीआईओएस ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को इसका निर्देश जारी कर दिया है।
शत-प्रतिशत वेबकास्टिंग की रिपोर्ट
बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन संपादित कराने के लिए इस बार परीक्षा की हर गतिविधि पर नजर रहेगी। इसके लिए वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है। शुरुआती दौर में नेटवर्किंग की दिक्कत के चलते वेबकास्टिंग नहीं हो पा रही थी। मगर अब शत-प्रतिशत वेबकास्टिंग की रिपोर्टिंग है। डीआईओएस सर्वदानंद ने बताया कि शत-प्रतिशत वेबकास्टिंग की रिपोर्टिंग है। कहीं भी नेटवर्किंग की दिक्कत नहीं मिली है।
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यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा 18 फरवरी से होगी। परीक्षा संपादित कराने के लिए जिले में कुल 199 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान जिले के नकल माफियाओं की सक्रियता लंबे समय से चली आ रही है। परीक्षा कें द्रों पर सीसीटीवी कैमरे व वाइस रिकार्डर लगाने के बाद भी वह केंद्रों पर सेंधमारी करने से बाज नहीं आते हैं।
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इसमें केंद्र व्यवस्थापकों की भूमिका भी कई बार सामने आ चुकी है। लालगंज व कुंडा तहसील क्षेत्र में नकल माफियाओं की सक्रियता काफी रहती है। निरीक्षण के दौरान ज्यादातर शिकायतें मिलती हैं। मगर इस बार नकल माफिया खेल नहीं कर सकेंगे। नकलविहीन परीक्षा संपादित कराने के लिए बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों की डिबार अवधि बढ़ा दी है।
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नकल की शिकायत मिलने पर पहले परीक्षा केंद्रों को दो साल के लिए ही डिबार किया जाता था, जबकि इस बार एक वर्ष का और इजाफा हो गया है। इसके अलावा केंद्र व्यवस्थापकों पर भी कार्रवाई होगी। डीआईओएस ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को इसका निर्देश जारी कर दिया है।
शत-प्रतिशत वेबकास्टिंग की रिपोर्ट
बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन संपादित कराने के लिए इस बार परीक्षा की हर गतिविधि पर नजर रहेगी। इसके लिए वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है। शुरुआती दौर में नेटवर्किंग की दिक्कत के चलते वेबकास्टिंग नहीं हो पा रही थी। मगर अब शत-प्रतिशत वेबकास्टिंग की रिपोर्टिंग है। डीआईओएस सर्वदानंद ने बताया कि शत-प्रतिशत वेबकास्टिंग की रिपोर्टिंग है। कहीं भी नेटवर्किंग की दिक्कत नहीं मिली है।