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बत्तीस साल बाद बहाल हुआ सस्पेंड स्वास्थ्यकर्मी
Thu, 31 Jan 2019 12:57 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 31 Jan 2019 12:57 AM IST
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फर्जी तरीके से नियुक्ति पाने के आरोप में 1986 में निलंबित किया गया एक स्वास्थ्य कर्मचारी 32 साल बाद बहाल हुआ। हाईकोर्ट ने उसे दस दिसंबर 2018 को बहाल किया, लेकिन तीस दिसंबर को वह रिटायर भी हो गया। उसके साथ सस्पेंड हुए तीन अन्य कर्मचारियों को दो साल बाद ही 1988 में बहाल कर दिया गया था।
वर्ष1984 में टीबी अस्पताल में लैब टेक्नीशियन के पद पर दिनेशचंद्र मिश्र, कृष्ण कुमार श्रीवास्तव, प्रकाशचंद्र कहार, राकेश कुमार श्रीवास्तव की नियुक्ति हुई थी। 1986 में तत्कालीन सीएमओ ने नियुक्ति को फर्जी बताकर चारों लोगों को सस्पेंड कर दिया।
इस पर चारों लोग कोर्ट की शरण में चले गए। दिनेश, कृष्ण कुमार व राकेश श्रीवास्तव को दो साल बाद 1988 में बहाल कर दिया गया, जबकि प्रकाशचंद्र को बहाल नहीं किया गया। इस पर वह हाईकोर्ट चले गए। करीब 32 साल बाद 10 दिसंबर को हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग को प्रकाशचंद्र को बहाल करने का आदेश दिया।
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साथ ही उसे रुके हुए भुगतान को भी जारी करने के लिए कहा। कोर्ट का आदेश मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रकाशचंद्र को बहाल कर दिया। 30 दिसंबर 2018 को वह रिटायर भी हो गए। सीएमओ एके श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले में उन्हें बहुत कुछ जानकारी नहीं है।
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वर्ष1984 में टीबी अस्पताल में लैब टेक्नीशियन के पद पर दिनेशचंद्र मिश्र, कृष्ण कुमार श्रीवास्तव, प्रकाशचंद्र कहार, राकेश कुमार श्रीवास्तव की नियुक्ति हुई थी। 1986 में तत्कालीन सीएमओ ने नियुक्ति को फर्जी बताकर चारों लोगों को सस्पेंड कर दिया।
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इस पर चारों लोग कोर्ट की शरण में चले गए। दिनेश, कृष्ण कुमार व राकेश श्रीवास्तव को दो साल बाद 1988 में बहाल कर दिया गया, जबकि प्रकाशचंद्र को बहाल नहीं किया गया। इस पर वह हाईकोर्ट चले गए। करीब 32 साल बाद 10 दिसंबर को हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग को प्रकाशचंद्र को बहाल करने का आदेश दिया।
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साथ ही उसे रुके हुए भुगतान को भी जारी करने के लिए कहा। कोर्ट का आदेश मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रकाशचंद्र को बहाल कर दिया। 30 दिसंबर 2018 को वह रिटायर भी हो गए। सीएमओ एके श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले में उन्हें बहुत कुछ जानकारी नहीं है।