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सर्जन, स्त्री रोग विशेषज्ञ तो मिले, फिर भी स्टाफ नर्स करवा रही प्रसव

Mon, 14 Mar 2022 12:09 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 14 Mar 2022 12:09 AM IST
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Surgeon, gynecologist found, yet staff nurse is getting delivery
रानीगंज ट्रामा सेन्टर में बंद ताला। संवाद - फोटो : PRATAPGARH
सर्जन के साथ स्त्री रोग विशेषज्ञ और बेहोशी के डॉक्टर की भले ही तैनाती शासन स्तर से कर दी गई है, मगर इसका फायदा रानीगंज और गौरा क्षेत्र के लोगों को नहीं मिल रहा है। डॉक्टरों की तैनाती के बावजूद स्टाफ नर्स आशा बहू से सहयोग लेकर प्रसव करा रही हैं। जच्चा और बच्चा की हालत बिगड़ने पर स्टाफ नर्स मेडिकल अफसर को सूचित करती हैं और डॉक्टर तत्काल रेफर कर देते हैं। इससे स्थानीय लोगों को परेशान होना पड़ता है। जिम्मेदार इससे पूरी तरह से अनजान बने रहते हैं।
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मुख्यालय से 25 किमी दूर स्थित रानीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का 24 घंटे संचालन होता है। कहने के लिए यहां अधीक्षक समेत दस डॉक्टरों की तैनाती है। ओटी से लेकर ओपीडी तक की व्यवस्था है। सीएचसी के साथ इन चिकित्सकों के भरोसे ट्रामा सेंटर का भी संचालन किया जा रहा है। लेकिन हकीकत में सारे कार्य कागजों पर ही हो रहे हैं। यहां तैनात सर्जन डॉक्टर डीके वर्मा मौजूदा समय में डिप्टी सीएमओ के पद पर तैनात हैं। चर्चा है कि वे प्रयागराज में प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं।
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इसीलिए अपनी तैनाती रानीगंज सीएचसी में करा ली है। यहां तक कि उन्होंने अधीक्षक बनने से भी इनकार कर दिया। सीएचसी अधीक्षक और सीएमओ की कृपा से कागज पर नौकरी कर रहे हैं। इसके अलावा एक महिला डॉक्टर समेत तीन एमबीबीएस डॉक्टर हैं। जिनकी ड्यूटी इमरजेंसी में लगाई जाती है। स्त्री रोग विशेषज्ञ और बेहोशी के साथ सर्जन के आने-जाने के बारे में विभाग के कर्मचारियों को भी जानकारी नहीं होती है। इसके चलते स्थानीय लोगों को परेशान होना पड़ता है।
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गर्भवती महिलाओं को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर परिजन रानीगंज सीएचसी लेकर आते हैं। स्टाफ नर्स आशा बहू के सहयोग से नार्मल प्रसव कराने का प्रयास करती हैं। असफल होने पर ऑपरेशन के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर कर देती हैं। रविवार को इमरजेंसी में डॉक्टर पंकज मिश्र अकेले मौजूद थे। स्टाफ नर्स शोभा लेबररूम में थी।
सीएचसी के ओटी में ताला लटक रहा था। सरकारी आवास पर एक भी चिकित्सक मौजूद नहीं थे। अधीक्षक भी अपने घर चले गए थे। पूछे जाने पर चीफ फार्मासिस्ट आरसी वर्मा ने बताया कि ट्रामा सेंटर में ओटी की व्यवस्था की गई है। जरूरत पड़ने पर मरीजों को ट्रामासेंटर में ले जाकर ऑपरेशन किया जाता है। रविवार को ट्रामा सेंटर के मुख्य द्वार पर भी ताला लटक रहा था।

रानीगंज सीएचसी अधीक्षक अब तक डॉक्टरों का रोना रो रहे थे। जरूरत के मुताबिक डॉक्टर उन्हें मिल गए हैं। यदि ऑपरेशन की सुविधा मरीजों को अब मुहैया नहीं कराते हैं तो अधीक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए पत्राचार किया जाएगा। डॉक्टर सीपी शर्मा, एसीएमओ
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