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Pratapgarh News: त्योहार से पहले चीनी की किल्लत, बंद होने के कगार पर आंवला प्रोसेसिंग प्लांट
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राजू अग्रवाल व्यापारी
चीनी की कमी के चलते अमृत फल आंवला से बने उत्पाद को बनाने की प्रक्रिया मंद हुई है। त्योहार से पहले चीनी की किल्लत से आंवला प्रोसेसिंग प्लांट बंद होने के कगार पर हैं। निजी कंपनियों से चीनी की आपूर्ति कम होने से व्यापारी परेशान हैं। मांग के मुताबिक आपूर्ति न होने से नुकसान होने के भी आसार हैं।
चिलबिला के थोक व्यापारियों के गोदामों में चीनी का स्टॉक सौ से दो सौ बोरी पर समिट गया है। जिस कारण आंवला कारोबारियों को चीनी की उपलब्धता नहीं हो पा रही है। आपूर्ति में कमी से चीनी की कालाबाजारी भी शुरू हो गई। आंवला कारोबारियों ने प्रशासन से चीनी की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग की है। जिले में सीतापुर, बलिया, बलरामपुर और लखीमपुर खीरी की मिलों से चीनी की आपूर्ति की जाती है।
वर्जन
सरकार ने चीनी का स्टॉक घटाकर एक हजार क्विंटल कर दिया है। नियमित आपूर्ति भी नहीं हो रही है। सरकार ने दाम निर्धारित किए हैं लेकिन बिचौलिये तय दाम से चार रुपये अधिक मूल्य पर चीनी की बिक्री कर रहे हैं। स्टॉक में महज 100 बोरी चीनी ही बची है। - छेदी लाल उमरवैश्य, थोक चीनी व्यापारी चिलबिला
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बाजार में चीनी का स्टॉक काफी कम है। बिचौलिये अधिक दाम पर चीनी बेच रहे हैं। जिस कारण आंवले के कारोबारियों को चीनी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। स्टॉक में 100 बोरी चीनी ही बची है। त्योहार आने वाले हैं। ऐसे में किल्लत बढ़ सकती है। - राजू अग्रवाल, थोक चीनी व्यापारी, चौक
इन दिनों आंवले का सीजन है। सालभर के लिए आंवला उत्पाद तैयार किया जा रहा है लेकिन चीनी नहीं मिलने से उत्पाद तैयार करने में दिक्कत हो रही है। ऐसे ही हालात रहे तो प्रोसेसिंग प्लांट बंद हो जाएंगे। - पवन अग्रवाल, आंवला कारोबारी, सदर
प्रतिदिन 25 क्विंटल चीनी की आवश्यकता है लेकिन 10-12 क्विंटल मिलना मुश्किल है। आपूर्ति में कमी से प्रोसेसिंग प्लांट को बंद करना पड़ सकता है, जबकि अभी आंवले का सीजन चल रहा है। - अनुराग खंडेलवाल, आंवला कारोबारी, सुखपालनगर
प्रतिदिन 65 क्विंटल चीनी की आवश्यकता है। निजी कंपनियां आपूर्ति नहीं कर रही हैं। एक सप्ताह तक ऐसे ही हालात रहे तो आंवला और बेल उत्पाद तैयार होना बंद हो जाएगा। इससे हमें नुकसान होगा। - आलोक अग्रवाल , आंवला कारोबारी, सदर
वर्जन:-
निजी कंपनियों से चर्चा कर चीनी की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाएगी। निर्धारित स्टॉक के अनुसार चीनी की आपूर्ति होगी। - अनुभव त्रिवेदी, जिला पूर्ति अधिकारी
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चिलबिला के थोक व्यापारियों के गोदामों में चीनी का स्टॉक सौ से दो सौ बोरी पर समिट गया है। जिस कारण आंवला कारोबारियों को चीनी की उपलब्धता नहीं हो पा रही है। आपूर्ति में कमी से चीनी की कालाबाजारी भी शुरू हो गई। आंवला कारोबारियों ने प्रशासन से चीनी की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग की है। जिले में सीतापुर, बलिया, बलरामपुर और लखीमपुर खीरी की मिलों से चीनी की आपूर्ति की जाती है।
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वर्जन
सरकार ने चीनी का स्टॉक घटाकर एक हजार क्विंटल कर दिया है। नियमित आपूर्ति भी नहीं हो रही है। सरकार ने दाम निर्धारित किए हैं लेकिन बिचौलिये तय दाम से चार रुपये अधिक मूल्य पर चीनी की बिक्री कर रहे हैं। स्टॉक में महज 100 बोरी चीनी ही बची है। - छेदी लाल उमरवैश्य, थोक चीनी व्यापारी चिलबिला
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बाजार में चीनी का स्टॉक काफी कम है। बिचौलिये अधिक दाम पर चीनी बेच रहे हैं। जिस कारण आंवले के कारोबारियों को चीनी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। स्टॉक में 100 बोरी चीनी ही बची है। त्योहार आने वाले हैं। ऐसे में किल्लत बढ़ सकती है। - राजू अग्रवाल, थोक चीनी व्यापारी, चौक
इन दिनों आंवले का सीजन है। सालभर के लिए आंवला उत्पाद तैयार किया जा रहा है लेकिन चीनी नहीं मिलने से उत्पाद तैयार करने में दिक्कत हो रही है। ऐसे ही हालात रहे तो प्रोसेसिंग प्लांट बंद हो जाएंगे। - पवन अग्रवाल, आंवला कारोबारी, सदर
प्रतिदिन 25 क्विंटल चीनी की आवश्यकता है लेकिन 10-12 क्विंटल मिलना मुश्किल है। आपूर्ति में कमी से प्रोसेसिंग प्लांट को बंद करना पड़ सकता है, जबकि अभी आंवले का सीजन चल रहा है। - अनुराग खंडेलवाल, आंवला कारोबारी, सुखपालनगर
प्रतिदिन 65 क्विंटल चीनी की आवश्यकता है। निजी कंपनियां आपूर्ति नहीं कर रही हैं। एक सप्ताह तक ऐसे ही हालात रहे तो आंवला और बेल उत्पाद तैयार होना बंद हो जाएगा। इससे हमें नुकसान होगा। - आलोक अग्रवाल , आंवला कारोबारी, सदर
वर्जन:-
निजी कंपनियों से चर्चा कर चीनी की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाएगी। निर्धारित स्टॉक के अनुसार चीनी की आपूर्ति होगी। - अनुभव त्रिवेदी, जिला पूर्ति अधिकारी

राजू अग्रवाल व्यापारी

राजू अग्रवाल व्यापारी

राजू अग्रवाल व्यापारी

राजू अग्रवाल व्यापारी

राजू अग्रवाल व्यापारी

राजू अग्रवाल व्यापारी

राजू अग्रवाल व्यापारी

राजू अग्रवाल व्यापारी