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फीकी रहेगी राज्य कर्मचारियों की होली
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Fri, 03 Mar 2017 12:20 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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राज्य कर्मचारियों की होली इस बार फीकी रहेगी। लेखा विभाग की मनमानी के कारण उन्हें सातवें वेतन का लाभ मार्च महीने में भी नहीं मिल पाएगा। जिले के कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के अनुसार जनवरी माह से बढ़ा हुआ वेतन मिलना था। कोषागार में साफ्टवेयर नहीं आने के कारण शिक्षकों और कर्मचारियों को दिसंबर माह में पुराने वेतन का भुगतान कर दिया गया। अब जिले में नए वेतनमान का साफ्टवेयर आ गया है।
जिले के 18,965 कर्मचारियों को फरवरी का बढ़ा हुआ वेतन मार्च में नहीं मिलेगा। अभी अधिकांश विभागों के लेखा विभाग ने कर्मचारियों के वेतन का निर्धारण ही नहीं किया है। लेखा विभाग के इस खेल में कर्मचारियों के फेल होने के कारण उन्हें अप्रैल माह में ही वेतन मिलने की संभावना है। दरअसल में वेतन निर्धारण का पत्र तो सभी विभागों में पहुंच गया है, मगर लेखा कर्मचारी सौदेबाजी करके लटकाए हुए हैं। यह हाल अधिकांश विभागों का है, जो बिल तैयार भी कर रहे हैं, उसे गलत ढंग से बना रहे हैं, इससे कर्मचारियों का नुकसान हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, सिंचाई विभाग, कृषि विभाग, पंचायतीराज विभाग, विकास विभाग सहित अनेक विभाग ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक फरवरी माह का बिल ही नहीं तैयार किया है। इससे कर्मचारियों को अप्रैल माह में ही बढ़ा हुआ वेतन मिलेगा।
1292 स्वास्थ्य कर्मचारियों को दो माह से नहीं मिला है वेतन
प्रतापगढ़। बेल्हा के 1292 स्वास्थ्य कर्मियों को दो माह से वेतन नहीं मिला है। इसमें डाक्टर और अफसर भी शामिल हैं। होली पर भी वेतन मिलने के आसार नहीं नजर आ रहे हैं। दरअसल शासन स्वास्थ्य कर्मचारियों से दिसंबर माह से ही मानव संपदा फार्म भरवा रहा है। यह फार्म भरना अनिवार्य कर दिया है। जब तक फार्म को स्वास्थ्य विभाग के लोग नहीं भरते हैं तब तक उनका वेतन रोक दिया गया है। इस फार्म के जरिए स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ अधिकारियों व चिकित्सकों को ज्वाइनिंग से लेकर तैनाती और डिग्री के साथ आधारकार्ड, पैनकार्ड, बैंक पासबुक के साथ अंगूठा की छाप और परिवार को पूरा ब्यौरा देना है। इसी फार्म को साफ्टवेयर पर लोडकर ऑनलाइन कर दिया जाएगा। विभाग के जिम्मेदार अधिकारी बताते हैं कि इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारी कर्मचारी व चिकित्सकों की बायोमैट्रिक हाजिरी लगेगी। इससे उनके आने और जाने का भी समय तय हो जाएगा। देर होने और पहले जाने पर मशीन उपस्थिति को नहीं स्वीकार करेगी। दिसंबर माह से शासन के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ चिकित्सकों से यह फार्म भरवाया जा रहा है। इसके चलते दिसंबर से लेकर अब तक कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला। होली तक मिलने की उम्मीद भी नहीं जताई जा रही है।
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जिले के 18,965 कर्मचारियों को फरवरी का बढ़ा हुआ वेतन मार्च में नहीं मिलेगा। अभी अधिकांश विभागों के लेखा विभाग ने कर्मचारियों के वेतन का निर्धारण ही नहीं किया है। लेखा विभाग के इस खेल में कर्मचारियों के फेल होने के कारण उन्हें अप्रैल माह में ही वेतन मिलने की संभावना है। दरअसल में वेतन निर्धारण का पत्र तो सभी विभागों में पहुंच गया है, मगर लेखा कर्मचारी सौदेबाजी करके लटकाए हुए हैं। यह हाल अधिकांश विभागों का है, जो बिल तैयार भी कर रहे हैं, उसे गलत ढंग से बना रहे हैं, इससे कर्मचारियों का नुकसान हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, सिंचाई विभाग, कृषि विभाग, पंचायतीराज विभाग, विकास विभाग सहित अनेक विभाग ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक फरवरी माह का बिल ही नहीं तैयार किया है। इससे कर्मचारियों को अप्रैल माह में ही बढ़ा हुआ वेतन मिलेगा।
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1292 स्वास्थ्य कर्मचारियों को दो माह से नहीं मिला है वेतन
प्रतापगढ़। बेल्हा के 1292 स्वास्थ्य कर्मियों को दो माह से वेतन नहीं मिला है। इसमें डाक्टर और अफसर भी शामिल हैं। होली पर भी वेतन मिलने के आसार नहीं नजर आ रहे हैं। दरअसल शासन स्वास्थ्य कर्मचारियों से दिसंबर माह से ही मानव संपदा फार्म भरवा रहा है। यह फार्म भरना अनिवार्य कर दिया है। जब तक फार्म को स्वास्थ्य विभाग के लोग नहीं भरते हैं तब तक उनका वेतन रोक दिया गया है। इस फार्म के जरिए स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ अधिकारियों व चिकित्सकों को ज्वाइनिंग से लेकर तैनाती और डिग्री के साथ आधारकार्ड, पैनकार्ड, बैंक पासबुक के साथ अंगूठा की छाप और परिवार को पूरा ब्यौरा देना है। इसी फार्म को साफ्टवेयर पर लोडकर ऑनलाइन कर दिया जाएगा। विभाग के जिम्मेदार अधिकारी बताते हैं कि इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारी कर्मचारी व चिकित्सकों की बायोमैट्रिक हाजिरी लगेगी। इससे उनके आने और जाने का भी समय तय हो जाएगा। देर होने और पहले जाने पर मशीन उपस्थिति को नहीं स्वीकार करेगी। दिसंबर माह से शासन के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ चिकित्सकों से यह फार्म भरवाया जा रहा है। इसके चलते दिसंबर से लेकर अब तक कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला। होली तक मिलने की उम्मीद भी नहीं जताई जा रही है।
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