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Pratapgarh News: अटकी पेंशन... दिमाग में टेंशन
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विकास भवन- संवाद
जिले में 1.91 लाख बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को सरकार की ओर से पेंशन का लाभ दिया जाता है लेकिन बीते आठ माह से उनकी पेंशन अटकी है। इस वजह से बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों की टेंशन बढ़ गई है। वह ब्लॉक से लेकर विकास भवन तक चक्कर काट रहे हैं। हर बार उन्हें जल्द भुगतान का आश्वासन देकर भेज दिया जा रहा है।
जिले के 17 विकासखंडों में करीब 1,91,078 पेंशन धारक हैं। पेंशन ही एकमात्र सहारा है। उससे वह अपनी जरूरतें पूरी करते हैं लेकिन बीते जनवरी से उनकी पेंशन नहीं आई है।
राज्य सरकार की धनराशि रुकी
विभागीय सूत्रों के अनुसार, पेंशन की धनराशि केंद्र और राज्य सरकार देती है। केंद्र सरकार की धनराशि का हिस्सा 60 फीसदी होता है। 40 फीसदी राशि राज्य सरकार देती है। अब तक सिर्फ केंद्र सरकार की ओर से धनराशि उपलब्ध हो पाई है। इस वजह से पेंशन जारी नहीं हो पा रही है।
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हर तीन माह में जारी होती है किस्त
जिले के बुजुर्गों और दिव्यांगों को एक हजार रुपये पेंशन दी जाती है। तीन माह पर पेंशन बैंक खाते में भेजी जाती है। विधवा पेंशन धारकों के खाते में तीन माह में 4500 रुपये भेजे जाते हैं। इसके बाद भी अभी तक पेंशन धारकों को एक भी किस्त नहीं मिली है।
इनसेट-
बोले बुजुर्ग
0 इस वर्ष पेंशन की एक भी किस्त खाते में नहीं आई है। विकास भवन के चक्कर लगाकर थक चुके हैं। जल्द पेंशन आने की बात कहकर अधिकारी वापस भेज देते हैं। - रामलली जायसवाल, महुली।
0 आठ माह से खाते में पेंशन नहीं आई है। विधवा पेंशन आने से रोजमर्रा के खर्चों में काफी राहत मिलती थी। ब्लॉक के कर्मचारी पेंशन न आने का कारण नहीं बता पा रहे हैं। - देवकली, ढेमा।
0 विधवा पेंशन का इंतजार आठ माह से कर रही हूं। बैंक में भी पेंशन न आने की जानकारी नहीं मिल पा रही है। ब्लॉक के कर्मचारियों से पूछने पर कहा जाता है जाओ, पेंशन खाते में जाएगी। - सोना देवी, तरौल।
वर्जन-
बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों की पेंशन खाते में भेजने के संबंध में शासन को पत्र लिखा गया है। जल्द ही लाभार्थियों के खाते में पेंशन की राशि भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। - डॉ. राममोहन मीना, सीडीओ
..........-
कुल पेंशनधारकों का डेटा-
वृद्धावस्था- 1.10 लाख- समाज कल्याण विभाग
दिव्यांग- 26078- दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग
विधवा-55 हजार- प्रोबेशन विभाग
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जिले के 17 विकासखंडों में करीब 1,91,078 पेंशन धारक हैं। पेंशन ही एकमात्र सहारा है। उससे वह अपनी जरूरतें पूरी करते हैं लेकिन बीते जनवरी से उनकी पेंशन नहीं आई है।
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राज्य सरकार की धनराशि रुकी
विभागीय सूत्रों के अनुसार, पेंशन की धनराशि केंद्र और राज्य सरकार देती है। केंद्र सरकार की धनराशि का हिस्सा 60 फीसदी होता है। 40 फीसदी राशि राज्य सरकार देती है। अब तक सिर्फ केंद्र सरकार की ओर से धनराशि उपलब्ध हो पाई है। इस वजह से पेंशन जारी नहीं हो पा रही है।
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हर तीन माह में जारी होती है किस्त
जिले के बुजुर्गों और दिव्यांगों को एक हजार रुपये पेंशन दी जाती है। तीन माह पर पेंशन बैंक खाते में भेजी जाती है। विधवा पेंशन धारकों के खाते में तीन माह में 4500 रुपये भेजे जाते हैं। इसके बाद भी अभी तक पेंशन धारकों को एक भी किस्त नहीं मिली है।
इनसेट-
बोले बुजुर्ग
0 इस वर्ष पेंशन की एक भी किस्त खाते में नहीं आई है। विकास भवन के चक्कर लगाकर थक चुके हैं। जल्द पेंशन आने की बात कहकर अधिकारी वापस भेज देते हैं। - रामलली जायसवाल, महुली।
0 आठ माह से खाते में पेंशन नहीं आई है। विधवा पेंशन आने से रोजमर्रा के खर्चों में काफी राहत मिलती थी। ब्लॉक के कर्मचारी पेंशन न आने का कारण नहीं बता पा रहे हैं। - देवकली, ढेमा।
0 विधवा पेंशन का इंतजार आठ माह से कर रही हूं। बैंक में भी पेंशन न आने की जानकारी नहीं मिल पा रही है। ब्लॉक के कर्मचारियों से पूछने पर कहा जाता है जाओ, पेंशन खाते में जाएगी। - सोना देवी, तरौल।
वर्जन-
बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों की पेंशन खाते में भेजने के संबंध में शासन को पत्र लिखा गया है। जल्द ही लाभार्थियों के खाते में पेंशन की राशि भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। - डॉ. राममोहन मीना, सीडीओ
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कुल पेंशनधारकों का डेटा-
वृद्धावस्था- 1.10 लाख- समाज कल्याण विभाग
दिव्यांग- 26078- दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग
विधवा-55 हजार- प्रोबेशन विभाग

विकास भवन- संवाद

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