फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   staff nurs

पांच स्टाफ नर्स के भरोसे डेढ़ सौ मरीज

Thu, 28 Jul 2016 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़ Updated Thu, 28 Jul 2016 12:24 AM IST
विज्ञापन
staff nurs
नर्सें - फोटो : डेमो पिक
जिला अस्पताल स्टाफ नर्स की कमी से जूझ रहा है। नर्स की कमी के चलते मरीजों की देखभाल ठीक से नहीं हो पा रही है। कारण यह है कि जहां शासन ने 6 मरीजों पर एक नर्स की तैनाती का मानक तय कर रखा है, वहीं बेल्हा में 35 से 45 मरीजों की देखरेख एक नर्स के जिम्मे है। इससे मरीजों की ठीक से देखभाल नहीं हो पा रही है। उन्हें इंजेक्शन लगवाने, दवा, पट्टी, मरहम आदि के लिए परेशान होना पड़ रहा है। मरीज दर्द से कराहते रहते हैं।  
विज्ञापन


जिला अस्पताल में प्राइवेट को मिलाकर कुल आठ वार्ड हैं। कुल डेढ़ सौ बेड हैं। मगर स्टाफ नर्स की तैनाती महज 20 है। एक शिफ्ट में पांच नर्स की ड्यूटी लगाई जाती है। इससे उन पर अधिक मरीजों की देखरेख का बोझ पड़ जाता है। जबकि शासन की ओर से पांच से छह मरीजों पर एक नर्स की तैनाती का मानक है। स्टाफ नर्स की कमी के चलते एक-एम नर्स को 30 से 40 मरीजों की देखभाल करनी पड़ रही है। कई मरीजों को ग्लूकोज की बोतल लगी होती है। नर्स समय से नहीं पहुंच पाती हैं और ग्लूकोज खत्म हो जाता है। ऐसे में ब्लड वापस होने लगता है। करीब पांच वर्ष से जिला अस्पताल में खाली पड़े स्टाफ नर्सों के पदों को नहीं भरा जा रहा है।
विज्ञापन

अलग-अलग वार्ड होने से बढ़ती है परेशानी
इमरजेंसी में ड्यूटी करने वाली स्टाफ नर्स को प्राइवेट वार्ड के मरीजों को भी देखना होता है। जबकि इमरजेंसी और प्राइवेट वार्ड के बीच काफी दूरी है। प्राइवेट वार्ड में भर्ती मरीज को दिक्कतें होती है तो तीमारदार कई बार नर्स के चक्कर लगाते हैं। तब कहीं जाकर मौका मिलने के बाद वह प्राइवेट वार्ड जाती हैं। यही हाल सर्जिकल वार्ड का है। यहां तैनात नर्स को बर्न वार्ड के साथ ही पेइंग वार्ड में भर्ती मरीजों की देखरेख करनी होती है। कभी-कभार तो एक ही नर्स को बर्न वार्ड, पेइंगवार्ड, आईसीयू, महिला सर्जिकल, पुरुष सर्जिकल दोनों वार्ड साथ में देखने पड़ते हैं तो एक नर्स को मेडिकल और चिल्ड्रेन वार्ड एक साथ देखना होता है। इससे वे परेशान हो जाती हैं। मरीज बार-बार अपनी समस्या बताता है तो नर्स झल्लाकर चिल्लाने लगती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed