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भूकंप में दरका छप्पर ढहा, पोते की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
Updated Tue, 28 Apr 2015 11:28 PM IST
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कोतवाली क्षेत्र के हरिपुर टिकरिया गांव में आए भूकंप के झटके से हिला छप्पर सोमवार की रात ढह गया। इसके नीचे सो रहे नानी और पोता गंभीर रुपये से घायल हो गए। शोर सुनकर पहुंचे आसपास के लोगों ने काफी देर के प्रयास के बाद दोनों को बाहर निकाला और सीएचसी कुंडा ले गए। चिकित्सकों ने मासूम को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल महिला का इलाज चल रहा है। सुबह सूचना पर क्षेत्रीय लेखपाल व एसडीएम ने पहुंचकर घटना की जानकारी ली। इस दौरान ग्रामीणों की भीड़ जमा रही।
कोतवाली क्षेत्र के हरिपुर टिकरिया गांव निवासी अर्जुन प्रजापति के घर में 30 अप्रैल को शादी है। इसके लिए वह अपनी बहन निर्मला देवी पत्नी कामता प्रसाद को लेने उसकी ससुराल सोन का पुरवा महेशगंज शनिवार को गया था। निर्मला ने कामकाज अधिक होने की बात कहते हुए बाद में आने की बात कही और अपने बेटे सत्यम (8) को भेज दिया। सोमवार को सत्यम अपनी नानी शिव कुमारी पत्नी राम खेलावन के साथ घर के सामने बने छप्पर में सो रहा था। आधी रात को अचानक छप्पर सहित पूरी दीवार ढह गई। उसके नीचे सो रहे सत्यम व उसकी नानी के साथ ही दो बकरियां दब गईं। छप्पर गिरने की आवाज पर परिजनों ने शोर मचाया तो आसपास के लोग दौड़ पड़े।
काफी प्रयास के बाद दोनों को बाहर निकला। गंभीर रूप से घायल सत्यम व शिवकुमारी को परिजनों ने सीएचसी कुंडा में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने मासूम को मृत घोषित कर दिया। वृद्धा का इलाज किया जा रहा है। परिजनों ने बताया कि रात में भूंकप के झटके आए थे। इसके चलते ही दीवार और छप्पर ढह गया। बच्चे की मौत से दोनों परिवारों में कोहराम मच गया है। जानकारी पर ग्राम प्रधान धीरेंद्र सिंह व समाजसेवी राजेश प्रभाकर सिंह के साथ कई ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सूचना पर क्षेत्रीय लेखपाल के साथ एसडीएम एके श्रीवास्तव भी पहुंचे और परिजनों से बात कर हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया।
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कोतवाली क्षेत्र के हरिपुर टिकरिया गांव निवासी अर्जुन प्रजापति के घर में 30 अप्रैल को शादी है। इसके लिए वह अपनी बहन निर्मला देवी पत्नी कामता प्रसाद को लेने उसकी ससुराल सोन का पुरवा महेशगंज शनिवार को गया था। निर्मला ने कामकाज अधिक होने की बात कहते हुए बाद में आने की बात कही और अपने बेटे सत्यम (8) को भेज दिया। सोमवार को सत्यम अपनी नानी शिव कुमारी पत्नी राम खेलावन के साथ घर के सामने बने छप्पर में सो रहा था। आधी रात को अचानक छप्पर सहित पूरी दीवार ढह गई। उसके नीचे सो रहे सत्यम व उसकी नानी के साथ ही दो बकरियां दब गईं। छप्पर गिरने की आवाज पर परिजनों ने शोर मचाया तो आसपास के लोग दौड़ पड़े।
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काफी प्रयास के बाद दोनों को बाहर निकला। गंभीर रूप से घायल सत्यम व शिवकुमारी को परिजनों ने सीएचसी कुंडा में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने मासूम को मृत घोषित कर दिया। वृद्धा का इलाज किया जा रहा है। परिजनों ने बताया कि रात में भूंकप के झटके आए थे। इसके चलते ही दीवार और छप्पर ढह गया। बच्चे की मौत से दोनों परिवारों में कोहराम मच गया है। जानकारी पर ग्राम प्रधान धीरेंद्र सिंह व समाजसेवी राजेश प्रभाकर सिंह के साथ कई ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सूचना पर क्षेत्रीय लेखपाल के साथ एसडीएम एके श्रीवास्तव भी पहुंचे और परिजनों से बात कर हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया।
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