राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा प्रतापगढ़ पहुंचने पर हुआ जोरदार स्वागत। राहुल को देखने के लिए बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ पड़ी। सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक बंदोबस्त किया गया है। खुली जीप के ऊपर खड़े होकर राहुल लोगों का अभिवावादन स्वीकार कर रहे हैं।
शहर में कई स्थानों पर राहुल गांधी के ऊपर फूल बरसाए गए। उनके साथ वाहन पर राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, मोना मिश्रा आदि हैं। भारत जोड़ो न्याय यात्रा में उमड़ी भीड़ को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि देश में 50 फीसदी पिछड़ी जाति और 15 फीसदी दलित लोग रहते हैं। भारत में आदिवासियों की संख्या आठ प्रतिशत है। मोदी सरकार आदिवासी, दलित और पिछड़ी जाति के लोगों का हक मारने का कार्य कर रही है।
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राहुल गांधी के स्वागत में उमड़ी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
शहर में बगैर बोले ही सब कुछ कह गए राहुल गांधी
खुली जीप में सवार राहुल गांधी कभी हाथ उठाकर और कभी हाथ जोडकर जनता का अभिवादन करते रहे। भले ही देल्हूपुर से लेकर शहर में लोगों को संबोधित नहीं किया, मगर इशारों ही इशारों में उन्होंने सब कुछ कह दिया। युवाओं तक संदेश पहुंचाने में कामयाब रहे कि उनकी इस लड़ाई में वह उनके साथ खड़े हैं। घरों के छज्जों पर खड़ी महिलाएं कांग्रेस नेता की झलक पाने को बेताब दिखी।
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प्रतापगढ़ में राहुल गांधी के स्वागत में उमड़ी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार की सुबह शहर की सड़कों पर जुटे युवा एक दूसरे से राहुल गांधी की न्याय यात्रा को लेकर सवाल करते रहे। कार्यक्रम का निर्धारण एक दिन पहले ही कर दिया गया था. समाचार पत्रों में प्रकाशित होने से आम लोगों को यह जानकारी हो गई थी कि किस मार्ग से राहुल गांधी की न्याय यात्रा गुजरेगी। सुबह करीब दस बजे जिले की सीमा देल्हूपुर में न्याय यात्रा के प्रवेश करते ही राहुल गांधी जिंदाबाद के नारों से गूंज उठा।
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प्रतापगढ़ में राहुल गांधी के स्वागत में उमड़ी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
देल्हूपुर से निकला विश्वनाथगंज, भुपियामऊ होते हुए भंगवाचुंगी पहुंचा। गुलाब की पंखुड़ियों से स्वागत होने और भारी भरकम भीड़ देखकर राहुल गांधी गद्गद नजर आए। युवाओं को देखते ही कभी हाथ उठाकर तो कभी हाथ जो़ड़कर अभिवादन करते हुए आगे बढ़ते रहे।
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राहुल गांधी के स्वागत में उमड़ी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
शहर में कहीं भी उनका काफिला नहीं रूका, हालांकि युवा इस बात का इंतजार करते हुए पीछे-पीछे चल रहे थे कि काफिला कुछ पल के लिए ठहरेगा और राहुल गांधी कुछ बोलेंगे। मगर ऐसा नहीं हो सका। हालांकि शहर में उमड़ी भीड़ ने राहुल गांधी को इस बात का एहसास करा दिया कि उनकी लड़ाई में युवा कदम-कदम पर साथ हैं। युवा भी उनके इशारों को समझते हुए उनके साथ खड़े होने का एहसास कराया।