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जमीन न मिलने से अटके करोड़ों के प्रोजेक्ट , धूल फांक रहीं फाइलें

Mon, 19 Jul 2021 12:53 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़ Published by: इलाहाबाद ब्यूरो Updated Mon, 19 Jul 2021 12:53 AM IST
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Projects worth crores stuck due to non-receipt of land, files gathering dust
जमीन न मिलने के कारण जिले में करोड़ों के प्रोजेेक्ट लटक गए हैं। फाइलें धूल फांक रही हैं। वन स्टाप सेंटर, मॉडल अंत्येष्टिस्थल और रोडवेज वर्कशाप के लिए धनराशि मिलने के बाद भी अब तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं कराया जा सका। तमाम पत्राचार के बाद भी राजस्व विभाग को शहर के आसपास जमीन नहीं मिल पा रही है। इसके चलते सरकारी योजनाएं रफ्तार नहीं पकड़ पा रही हैं।
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बेसहारा महिलाओं को आश्रय देने के लिए प्रोबेशन विभाग द्वारा वन स्टाप सेंटर बनाने के लिए शासन से बजट स्वीकृत हुआ है। तीन साल से वन स्टाप सेंटर भवन का निर्माण के लिए राजस्व विभाग जमीन खोज रहा है। जमीन चिह्नित करने की फाइल राजस्व विभाग के अफसरों की आलमारी में धूल फांक रही है। जबकि विभाग द्वारा पुराने महिला अस्पताल में वन स्टाप सेंटर संचालित किया जा रहा है। जहां बेसहारा महिलाओं को रोका जा रहा है। उन्हें तब तक रखा जाता है जब तक कि उनके परिवार के लोग न आ जाएं।
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रोडवेज वर्कशाप के लिए भी नहीं मिल सकी जमीन
सिविल लाइन स्थित डिपो में जगह का अभाव है। एक से अधिक बसें खराब होने पर उन्हें वर्कशाप में खड़ा करने में दिक्कत होती है। शासन ने अलग से रोडवेज वर्कशाप बनाने के लिए विभाग को धनराशि स्वीकृत करते हुए निर्माण कराने का आदेश दिया था। एआरएम ने रोडवेज वर्कशाप के लिए जमीन उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन को पत्र भेजा, मगर तीन साल बाद भी वर्कशाप के लिए जमीन नहीं ढूंढी जा सकी। जिसके चलते बसों को बाहर खड़ी कर मरम्मत करना कर्मचारियों की मजबूरी हो जाती है।
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अंत्येष्टिस्थल के लए 40 लाख रुपये डंप
जिले के लोगों को अंतिम संस्कार के लिए बाहर न जाना पड़े, इसके लिए शासन ने वर्ष 2018 में नगर पालिका को 40 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराते हुए आधुनिक सुविधाओं से युक्त अंत्येष्टि स्थल बनाने का निर्देश दिया था। तीन साल से अधिक समय बीतने के बाद भी अंत्येष्टि स्थल की जमीन नहीं खोजी जा सकी। पूर्व में बने अंत्येष्टि स्थल की जमीन विवादित हो जाने के कारण निर्माण कार्य नहीं हो सका। शासन की महत्वाकांक्षी योजना अब खटाई में पड़ती नजर आ रही है।

पांच साल से अधूरा पड़ा है ईवीएम गोदाम
लोकसभा व विधानसभा चुनाव में प्रयोग होने वाली ईवीएम को अभी तक महुली मंडी में बने गोदामों में रखा जाता है। केंद्र सरकार की पहल पर पूरे केशवराय में ईवीएम गोदाम बनाने के लिए वर्ष 2015 में जमीन तलाशी गई। चिह्नित जमीन पर गोदाम बनना शुरू हुआ, मगर पांच साल बाद निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। गोदाम अभी भी अधूरा पड़ा है।


सदर व रानीगंज तहसील क्षेत्र में जमीन की तलाश की जा रही है। कुछ जमीन मिली थी, लेकिन सर्वे के दौरान उसे खारिज कर दिया गया। जल्द ही जमीन मुहैया करा दी जाएगी। शत्रोहन वैश्य, अपर जिलाधिकारी
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