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Pratapgarh News: संदिग्ध हालत में बंदी की मौत, जेल प्रशासन पर हत्या का आरोप
Tue, 13 Jun 2023 09:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Tue, 13 Jun 2023 09:30 PM IST
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फोटो-14,15,27
सिर व शरीर पर मिले चोट के निशान
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। हत्या के मामले में जेल में निरुद्ध बंदी उमेश सिंह की मंगलवार सुबह संदिग्ध हालत में मौत हो गई। शरीर पर मिले चोट के निशान देख परिजनों ने जेल प्रशासन पर हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पोस्टमार्टम न कराने की जिद पर अड़े परिजन एएसपी पूर्वी के समझाने पर माने।
बाघराय थाना क्षेत्र के कोड़राजीतपुर निवासी राजेश सिंह की वर्ष 2016 में बम व गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में गांव के ही उमेश सिंह उर्फ प्रवीन सिंह नामजद आरोपी बनाया गया था। घटना के बाद से ही वह जेल में निरुद्ध था। करीब डेढ़ वर्ष पहले प्रशासनिक आधार पर नैनी कारागार से जिला कारागार लाया गया था।
जेल प्रशासन का दावा है कि मंगलवार की सुबह करीब आठ बजे अचानक नाश्ता कर रहे उमेश सिंह की तबियत बिगड़ गई, जिससे वह गिर पड़ा। उसे अस्पताल में तैनात स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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खबर मिलने पर परिजन रोते बिलखते अस्पताल पहुंचे। मृतक उमेश के सिर व शरीर पर चोट के निशान देख परिजन भड़क उठे। मृतक के भाई आनंद सिंह जेल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि साजिशन उमेश की हत्या कराई गई है, जिसमें जेलर शामिल हैं। हकीकत की जानकारी लिए जेल में निरुद्ध भाई रोहित से बात कराई जाए। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पंचायतनामा भरने पहुंचे पुलिसकर्मियों को भी परिजनों ने वापस कर दिया।
जानकारी के बाद मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी विद्या सागर मिश्र व नगर कोतवाल सत्येंद्र सिंह ने समझाबुझाकर परिजनों को राजी किया। वीडियोग्राफी व चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराने की लिखापढ़ी के बाद शव मार्चरी भेजा गया। जेल अधीक्षक रमाकांत दोहरे ने बताया कि अचानक सीने में दर्द के साथ उमेश की तबियत खराब हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह स्पष्ट हो जाएगी। परिजनों का आरोप निराधार है।
इनसेट-- -- -- -
उमेश की मौत के बाद बंदियों में आक्रोश, बरती जा रही सतर्कता
जेल में निरुद्ध बंदी उमेश की मौत के बाद बंदियों में आक्रोश व्याप्त है। इसके पहले भी जेल में कुछ घटनाएं हुईं थीं, जिसे जेल प्रशासन पचा ले गया था। बंदियों के बीच आक्रोश व तनाव को देखते हुए जेल प्रशासन सतर्कता बरत रहा है। परिजनों का कहना है कि उमेश की कभी भी तबियत खराब नहीं हुई थी। बीस दिन पहले मुलाकात के दौरान भी उसे कोई समस्या नहीं थी।
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सिर व शरीर पर मिले चोट के निशान
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। हत्या के मामले में जेल में निरुद्ध बंदी उमेश सिंह की मंगलवार सुबह संदिग्ध हालत में मौत हो गई। शरीर पर मिले चोट के निशान देख परिजनों ने जेल प्रशासन पर हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पोस्टमार्टम न कराने की जिद पर अड़े परिजन एएसपी पूर्वी के समझाने पर माने।
बाघराय थाना क्षेत्र के कोड़राजीतपुर निवासी राजेश सिंह की वर्ष 2016 में बम व गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में गांव के ही उमेश सिंह उर्फ प्रवीन सिंह नामजद आरोपी बनाया गया था। घटना के बाद से ही वह जेल में निरुद्ध था। करीब डेढ़ वर्ष पहले प्रशासनिक आधार पर नैनी कारागार से जिला कारागार लाया गया था।
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जेल प्रशासन का दावा है कि मंगलवार की सुबह करीब आठ बजे अचानक नाश्ता कर रहे उमेश सिंह की तबियत बिगड़ गई, जिससे वह गिर पड़ा। उसे अस्पताल में तैनात स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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खबर मिलने पर परिजन रोते बिलखते अस्पताल पहुंचे। मृतक उमेश के सिर व शरीर पर चोट के निशान देख परिजन भड़क उठे। मृतक के भाई आनंद सिंह जेल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि साजिशन उमेश की हत्या कराई गई है, जिसमें जेलर शामिल हैं। हकीकत की जानकारी लिए जेल में निरुद्ध भाई रोहित से बात कराई जाए। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पंचायतनामा भरने पहुंचे पुलिसकर्मियों को भी परिजनों ने वापस कर दिया।
जानकारी के बाद मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी विद्या सागर मिश्र व नगर कोतवाल सत्येंद्र सिंह ने समझाबुझाकर परिजनों को राजी किया। वीडियोग्राफी व चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराने की लिखापढ़ी के बाद शव मार्चरी भेजा गया। जेल अधीक्षक रमाकांत दोहरे ने बताया कि अचानक सीने में दर्द के साथ उमेश की तबियत खराब हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह स्पष्ट हो जाएगी। परिजनों का आरोप निराधार है।
इनसेट
उमेश की मौत के बाद बंदियों में आक्रोश, बरती जा रही सतर्कता
जेल में निरुद्ध बंदी उमेश की मौत के बाद बंदियों में आक्रोश व्याप्त है। इसके पहले भी जेल में कुछ घटनाएं हुईं थीं, जिसे जेल प्रशासन पचा ले गया था। बंदियों के बीच आक्रोश व तनाव को देखते हुए जेल प्रशासन सतर्कता बरत रहा है। परिजनों का कहना है कि उमेश की कभी भी तबियत खराब नहीं हुई थी। बीस दिन पहले मुलाकात के दौरान भी उसे कोई समस्या नहीं थी।