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जातीय गणित के सहारे प्रदेश में छाने की तैयारी

Fri, 05 Oct 2018 02:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ Updated Fri, 05 Oct 2018 02:20 AM IST
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Preparing to roam in the state with ethnic math
फर्जी बैंक अकाउंट मामले में फंसे राजा भैया - फोटो : SELF
कुंडा के बाहुबली विधायक व पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया अब जातीय गणित के सहारे प्रदेश में छाने की तैयारी में हैं। राजा भैया के इस कदम से राजनैतिक दलों में खलबली मची हुई है। एससीएसटी एक्ट में बदलाव के खिलाफ आवाज उठाने वाले सवर्णों के सहारे प्रदेश की नई सियासी ताकत बनने के लिए राजा भैया के करीबी काफी संजीदगी से तैयारी कर रहे हैं।
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कभी भाजपा और सपा सरकार मे निर्दलीय विधायक होते हुए भी मंत्री रहे कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया का देश व प्रदेश के हर कोने में चाहने वालों की अच्छी खासी संख्या है। प्रदेश के सभी राजनैतिक दलों में उनके समर्थित विधायक हैं। जो उनके इशारे पर अपने पद से इस्तीफा तक दे सकते हैं। प्रदेश की भाजपा सरकार बनने के बाद राजा भैया के करीबी विधान परिषद सदस्य यशवंत सिंह ने अपनी सीट से इस्तीफा देकर भाजपा में निष्ठा जताई थी। जिसके पीछे राजा भैया की इच्छा ही सामने आई थी। राज्यसभा चुनाव की वोटिंग को लेकर अखिलेश यादव से मतभेद होने की बात सामने आई थी। 1993 से राजा भैया कुंडा विधानसभा से निर्दल प्रत्याशी के तौर पर वह आठवीं बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं।
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राजा भैया की बदौलत ही बाबागंज सीट से विधायक विनोद सरोज ने भी निर्दल प्रत्याशी के तौर पर हैट्रिक मारी है। सपा से दूरी बनने के बाद चर्चा जोर शोर से थी कि प्रदेश की भाजपा सरकार में राजा भैया को मंत्रीमंडल में स्थान मिल सकता है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शासन सत्ता से दूरी के बाद काफी दिनों से सियासी जमीन तलाश रहे राजा भैया ने अब अपनी राह बदल ली है। नवरात्र में नई पार्टी की घोषणा की संभावना नजर आ रही है। जातीय गणित के सहारे प्रदेश में नए सियासी दल से हलचल मचाने की तैयारी में जुटे राजा भैया के समर्थक काफी उत्साहित हैं। राजा भैया की नई तैयारी को देखते हुए सभी राजनैतिक दलों में खलबली मची हुई है। अब देखना है कि राजा भैया के नए कदम से प्रदेश की सियासत करने वाले दलों पर कितना प्रभाव पड़ता है।
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कुंडा के निर्दल विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया के नई पार्टी की गठन को लेकर तमाम चर्चाओं का दौर जारी है। लोगों का कहना है कि चूंकि राजा भैया के नई पार्टी बनाने से सबसे अधिक नुकसान भारतीय जनता पार्टी का ही होगा। राजा भैया का यह कदम भाजपा पर दबाव बनाने की कोशिश भी हो सकती है। फिलहाल इन बातों को सिरे से खारिज करते हुए राजा भैया के पीआरओ ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि देश व प्रदेश में राजा भैया के चाहने वाले हैं। नई पार्टी का गठन समर्थकों की इच्छा पर किया जा रहा है। जिसके लिए समर्थकों का समर्थन मिल रहा है।


कुंडा के निर्दल विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया द्वारा नई पाटी के ऐलान की भनक से ही समर्थकों में खासा उत्साह है। जिले के हर कोने से राजा भैया के चाहने वाले समर्थक उनके इस इरादे को बेहतर बता रहे हैं। नई पार्टी के गठन से राजा भैया नई दिशा तय करेंगे। इससे देश व प्रदेश की राजनीति में राजा भैया का दबदबा कायम रहेगा। समर्थक अब  रैली की तैयारी में रणनीति के तहत पसीना बहा रहे हैं।
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