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14,356 वाहनों का पंजीयन निलंबित करने की तैयारी
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जिले के 14,356 वाहनों का पंजीयन उप संभागीय परिवहन कार्यालय द्वारा निरस्त करने की तैयारी तेज हो गई है। जिन वाहनों का पंजीकरण निरस्त किया जाएगा, उनमें 15 साल पुराने पेट्रोल और 10 साल पुराने डीजल वाहन शामिल हैं। वाहन स्वामियों को दो माह पूर्व अनापत्ति प्रमाणपत्र लेने के लिए विभाग ने नोटिस जारी किया गया था, लेकिन लोग लापरवाह बने रहे। चेकिंग के दौरान ऐसे वाहन सड़कों पर फर्राटा भरते मिले तो उन्हें सीज किया जाएगा।
जिले में खटारा वाहनों से लगातार हादसे होते आ रहे हैं। ऐसे वाहन वायु प्रदूषण के लिए भी जिम्मेदार हैं। ऐसे वाहनों से मानक से अधिक धुआं निकलता रहता है। तमाम कोशिशों के बाद भी ऐसे खटारा वाहनों के संचालन पर काबू नहीं पाया जा सका। शहर से ग्रामीण अंचल तक आज भी खटारा वाहनों से ही लोग सफर कर रहे हैं। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए एनजीटी ने ऐसे वाहनों का पंजीयन रद्द करने का सुझाव दिया था।
15 साल पुराने उन वाहनों का पंजीयन निरस्त करने के लिए कहा गया था, जो उप संभागीय परिवहन कार्यालय से एनओसी नहीं ले रहे थे। ऐसे वाहनों की जांच भी कराई गई। इन वाहन स्वामियों को पंजीयन का नवीनीकरण कराना था। आदेश जारी होने के बाद 2,357 वाहन स्वामियों ने नवीनीकरण कराया।
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अब भी 11,580 दोपहिया वाहन और 2,776 चार पहिया वाहन स्वामियों ने पंजीयन का नवीनीकरण नहीं कराया है। जबकि विभाग द्वारा ऐसे वाहन स्वामियों को अंतिम नोटिस जारी किया जा चुका है। इसके बाद भी वाहन स्वामी बेफिक्र होकर खटारा वाहनों को सड़कों पर दौड़ा रहे हैं। अंतिम नोटिस भेजने के बाद अब ऐसे वाहनों का पंजीयन निरस्त करने की तैयारी है।
संचालन मिलने पर वाहन किए जाएंगे सीज
एआरटीओ प्रशासन सुशील मिश्र ने बताया कि 15 साल पुराने वाहनों के सड़कों पर फर्राटा भरने के दौरान विभागीय अफसरों और पुलिसकर्मियों द्वारा सीज करने की कार्रवाई की जाएगी। सीज करने के बाद वाहन को कबाड़ घोषित किया जाएगा।
व्यवसायिक वाहनों के लिए आदेश का इंतजार
सरकार ने पुराने वाहनों को कबाड़ घोषित करने की नीति बनाई जरूर है मगर अभी उसमे कई तकनीकि खामियां आ रहीं हैं। जिसकी वजह से अभी खटारा हो चुके व्यवसायिक वाहनों का पंजीयन निरस्त करने के लिए अधिकारियों के आदेश का इंतजार है।
15 साल पुराने वाहनों के स्वामियों को पंजीयन का नवीनीकरण कराने व दूसरे जनपद के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र ले जाने के लिए नोटिस जारी किए गए थे। अधिक समय व्यतीत होने के बाद भी वाहन स्वामी दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। ऐसी दशा में मानक पर खरे नहीं उतरने वाले सभी वाहनों का पंजीयन निरस्त करने की तैयारी चल रही है। सुशील मिश्रा, एआरटीओ प्रशासन
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जिले में खटारा वाहनों से लगातार हादसे होते आ रहे हैं। ऐसे वाहन वायु प्रदूषण के लिए भी जिम्मेदार हैं। ऐसे वाहनों से मानक से अधिक धुआं निकलता रहता है। तमाम कोशिशों के बाद भी ऐसे खटारा वाहनों के संचालन पर काबू नहीं पाया जा सका। शहर से ग्रामीण अंचल तक आज भी खटारा वाहनों से ही लोग सफर कर रहे हैं। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए एनजीटी ने ऐसे वाहनों का पंजीयन रद्द करने का सुझाव दिया था।
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15 साल पुराने उन वाहनों का पंजीयन निरस्त करने के लिए कहा गया था, जो उप संभागीय परिवहन कार्यालय से एनओसी नहीं ले रहे थे। ऐसे वाहनों की जांच भी कराई गई। इन वाहन स्वामियों को पंजीयन का नवीनीकरण कराना था। आदेश जारी होने के बाद 2,357 वाहन स्वामियों ने नवीनीकरण कराया।
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अब भी 11,580 दोपहिया वाहन और 2,776 चार पहिया वाहन स्वामियों ने पंजीयन का नवीनीकरण नहीं कराया है। जबकि विभाग द्वारा ऐसे वाहन स्वामियों को अंतिम नोटिस जारी किया जा चुका है। इसके बाद भी वाहन स्वामी बेफिक्र होकर खटारा वाहनों को सड़कों पर दौड़ा रहे हैं। अंतिम नोटिस भेजने के बाद अब ऐसे वाहनों का पंजीयन निरस्त करने की तैयारी है।
संचालन मिलने पर वाहन किए जाएंगे सीज
एआरटीओ प्रशासन सुशील मिश्र ने बताया कि 15 साल पुराने वाहनों के सड़कों पर फर्राटा भरने के दौरान विभागीय अफसरों और पुलिसकर्मियों द्वारा सीज करने की कार्रवाई की जाएगी। सीज करने के बाद वाहन को कबाड़ घोषित किया जाएगा।
व्यवसायिक वाहनों के लिए आदेश का इंतजार
सरकार ने पुराने वाहनों को कबाड़ घोषित करने की नीति बनाई जरूर है मगर अभी उसमे कई तकनीकि खामियां आ रहीं हैं। जिसकी वजह से अभी खटारा हो चुके व्यवसायिक वाहनों का पंजीयन निरस्त करने के लिए अधिकारियों के आदेश का इंतजार है।
15 साल पुराने वाहनों के स्वामियों को पंजीयन का नवीनीकरण कराने व दूसरे जनपद के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र ले जाने के लिए नोटिस जारी किए गए थे। अधिक समय व्यतीत होने के बाद भी वाहन स्वामी दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। ऐसी दशा में मानक पर खरे नहीं उतरने वाले सभी वाहनों का पंजीयन निरस्त करने की तैयारी चल रही है। सुशील मिश्रा, एआरटीओ प्रशासन