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जिला अस्पताल में मां की ममता का खून
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Tue, 07 Jul 2015 11:32 PM IST
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जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के वेड नंबर सात पर एक महिला नवजात बच्ची को छोड़कर फरार हो गई। कई घंटे तक बच्ची उसी वेड पर रोती रही। लंबा वक्त बीतने के बाद माजरा सबकी समझ में आ गया। स्वास्थ्य अफसरों ने नवजात को जिला महिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती करा दिया।
बताया गया कि एक महिला मंगलवार की भोर में जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंची। महिला ने बच्ची को सात नंबर बेड पर लेटा दिया। थोड़ी देर तक उसके पास बैठी रही। अचानक वहां से वह फरार हो गई। सुबह 10 बजे तक बच्ची उसी बेड पर लावारिस पड़ी रही। वह रोती रही, पर उसे देखने कोई नहीं आया। वहां मौजूद लोग अनुमान लगा रहे थे कि उसकी मां कहीं दवा या दूध लेने गई होगी। उसे रोते हुए लंबा वक्त बीता और महिला नहीं लौटी तो सभी माजरा समझ गए। खबर अफसरों व डॉक्टरों को लगी तो वे पहुंचे और नवजात बच्ची को जिला महिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती कराया। बच्ची स्वस्थ बताई जा रही है।
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बताया गया कि एक महिला मंगलवार की भोर में जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंची। महिला ने बच्ची को सात नंबर बेड पर लेटा दिया। थोड़ी देर तक उसके पास बैठी रही। अचानक वहां से वह फरार हो गई। सुबह 10 बजे तक बच्ची उसी बेड पर लावारिस पड़ी रही। वह रोती रही, पर उसे देखने कोई नहीं आया। वहां मौजूद लोग अनुमान लगा रहे थे कि उसकी मां कहीं दवा या दूध लेने गई होगी। उसे रोते हुए लंबा वक्त बीता और महिला नहीं लौटी तो सभी माजरा समझ गए। खबर अफसरों व डॉक्टरों को लगी तो वे पहुंचे और नवजात बच्ची को जिला महिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती कराया। बच्ची स्वस्थ बताई जा रही है।
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