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सड़कों के निर्माण में खत्म हो रही हरियाली
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Mon, 29 Jun 2015 11:52 PM IST
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हाइवे और जिले में सड़कों का निर्माण हरियाली का दुश्मन बन गया है। किनारे-किनारे लगे 11 हजार भारीभरकम पेड़ों को हाइवे का निर्माण चबा गया। निर्माण कार्य शुरू करने के लिए काटे गए इनमें से कुछ पेड़ लकड़हारे उठा ले गए। बाकी के कटे वृक्षों को सरकारी गोदाम में पहुंचा दिया गया। विकास की आंधी में बेल्हा की हरियाली सिकुड़ती जा रही है। काटे गए वृक्षों के अनुपात में पौधरोपण का काम नहीं हो सका। वन विभाग से प्राप्त रिकार्ड इस बात के उदाहरण हैं। विभागीय दस्तावेज पर कुंडा हाइवे का निर्माण शुरू हुआ। इसके लिए सड़क किनारे लगे चार हजार 623 भारीभरकम वृक्षों को ढहा दिया गया।
काटे गए इन वृक्षों की जगह दूसरे पौधे अब तक नहीं रोपित हुए। रायबरेली-वाराणसी मार्ग का निर्माण भी किनारे-किनारे लगे पांच हजार 490 पेड़ों के लिए आफत बन गया। वर्षों पुराने इन पेड़ों को भी कतर कर जिम्मेदारों ने ढहा दिया। बताया यह भी गया कि जौनपुर-वाराणसी मार्ग के निर्माण में 700 पेड़ बाधक बन रहे थे। इस लिए इन पेड़ों को काटकर रास्ते से हटा दिया गया। यहां गौर करने वाली बात ये है कि केवल हाइवे निर्माण के लिए 11 हजार से भी ज्यादा पेड़ काट दिए गए। काटे गए इन पेड़ों के एवज में पौधे रोपित कर उसकी परवरिश नहीं की जा रही। इस तरह सड़क किनारे की हरियाली विकास की कुल्हाड़ी से ढहा दी गई। सड़क और हाइवे निर्माण के नाम पर इसी तरह पेड़ करते रहे तो आने वाले दिनों में जिले की बची-खुची हरियाली भी गायब हो जाएगी।
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काटे गए इन वृक्षों की जगह दूसरे पौधे अब तक नहीं रोपित हुए। रायबरेली-वाराणसी मार्ग का निर्माण भी किनारे-किनारे लगे पांच हजार 490 पेड़ों के लिए आफत बन गया। वर्षों पुराने इन पेड़ों को भी कतर कर जिम्मेदारों ने ढहा दिया। बताया यह भी गया कि जौनपुर-वाराणसी मार्ग के निर्माण में 700 पेड़ बाधक बन रहे थे। इस लिए इन पेड़ों को काटकर रास्ते से हटा दिया गया। यहां गौर करने वाली बात ये है कि केवल हाइवे निर्माण के लिए 11 हजार से भी ज्यादा पेड़ काट दिए गए। काटे गए इन पेड़ों के एवज में पौधे रोपित कर उसकी परवरिश नहीं की जा रही। इस तरह सड़क किनारे की हरियाली विकास की कुल्हाड़ी से ढहा दी गई। सड़क और हाइवे निर्माण के नाम पर इसी तरह पेड़ करते रहे तो आने वाले दिनों में जिले की बची-खुची हरियाली भी गायब हो जाएगी।
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