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नवमी पर मंदिरों में उमड़ा रैला, हवन के साथ विदा हुईं देवी
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Wed, 21 Oct 2015 11:27 PM IST
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नवरात्र के अंतिम दिन बुधवार को नवमी पर देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं का रैला उमड़ पड़ा। मां बेल्हादेवी मंदिर, चंडिका धाम संडवा चंद्रिका, चौहरजन और ज्वाला देवी के दर्शनों के लिए हजारों की भीड़ रही। शक्तिपीठ बेल्हा देवी धाम में प्रज्जवलित हवन कुंड में हजारों भक्तों ने घंटा-घड़ियाल के बीच हवन-पूजन कर मां आदि शक्ति को विदा किया।
नौ दिन तक चलने वाले नवरात्र का बुधवार को समापन हो गया। नवमी के दिन श्रद्धालुओं ने मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना की। नवरात्र का अंतिम होने के नाते मां बेल्हा देवी सहित जिले के सभी देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ रही। बेल्हा देवी मंदिर में रात से ही श्रद्धालुओं की लाइन लगने लगी थी। भोर में पट खुला तो शृंगार के बाद दर्शन की आस लगाए भक्तों में माथा टेकने के लिए होड़ मच गई। लोग एक दूसरे के ऊपर गिरने लगे। इससे कुछ देर के लिए अव्यवस्था फैल गई थी। घरों में कलश स्थापना के साथ नौ दिन का व्रत रखने वाले भक्तों ने विधिवत हवन-पूजन के बाद मां भगौती की धूमधाम से विदाई की। कन्याओं को भोजन कराया गया। गरीबों को दान दिया गया। मां भगौती से आशीर्वाद मांगा। पंडालों में भी दिन भर हवन पूजन के बाद आरती और प्रसाद वितरण का कार्यक्रम चलता रहा।
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नौ दिन तक चलने वाले नवरात्र का बुधवार को समापन हो गया। नवमी के दिन श्रद्धालुओं ने मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना की। नवरात्र का अंतिम होने के नाते मां बेल्हा देवी सहित जिले के सभी देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ रही। बेल्हा देवी मंदिर में रात से ही श्रद्धालुओं की लाइन लगने लगी थी। भोर में पट खुला तो शृंगार के बाद दर्शन की आस लगाए भक्तों में माथा टेकने के लिए होड़ मच गई। लोग एक दूसरे के ऊपर गिरने लगे। इससे कुछ देर के लिए अव्यवस्था फैल गई थी। घरों में कलश स्थापना के साथ नौ दिन का व्रत रखने वाले भक्तों ने विधिवत हवन-पूजन के बाद मां भगौती की धूमधाम से विदाई की। कन्याओं को भोजन कराया गया। गरीबों को दान दिया गया। मां भगौती से आशीर्वाद मांगा। पंडालों में भी दिन भर हवन पूजन के बाद आरती और प्रसाद वितरण का कार्यक्रम चलता रहा।
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