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रसोइयों को कैबिनेट मंत्री ने पिलाई आश्वासन की घुट्टी
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Sun, 23 Aug 2015 11:01 PM IST
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केन्द्र सरकार पर हमला बोलते हुए रविवार को प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविन्द चौधरी ने मानदेय पर स्कूलों में तैनात रसोइयों को खूब आश्वासन की घुट्टी पिलाई। यहां शहर के जीआईसी परिसर में रसोइया कल्याणकारी समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में वह बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। सियासी पांसा फेंकते हुए दावा किया कि सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव प्रधानमंत्री बने तो रसोइयों का मानदेय पांच हजार रुपये होगा।
उन्होंने कहा कि रसोइयों का नाम बदल कर दूसरी मां होना चाहिए। क्योंकि स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को वह एक मां की तरह ही खाना खिलाती हैं। इसलिए ऐसी मां को कभी पैसे से नहीं तौला जा सकता। मुद्दे पर आते हुए उन्होंने कहा कि रसोइयों की तैनाती 500 रुपये के मानदेय पर हुई थी। सत्ता में आने के बाद सपा मुखिया ने उनकी तकलीफ को समझा और मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी कर एक हजार कर दिया।
हावी बिचौलियों के पर कतरते हुए पार्टी की सरकार ने मानदेय की रकम सीधे रसोइयों के खाते में भेजने का काम किया। दावा किया जब सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव प्रधानमंत्री होंगे तो रसोइयों का मानदेय पांच हजार कर दिया जाएगा। कहा कि अगली बार सपा की सरकार आई तो रसोइयों का मानदेय आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के बराबर होगा। मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि रसोइयों व शिक्षामित्रों की बात केन्द्र की बैठक में उन्होंने रखी, मगर उनकी सुनी नहीं गई। बताया कि हर बार नवीनीकरण की व्यवस्था केन्द्र सरकार ने की है। बहानेबाज शिक्षकों को भी उन्होंने नसीहत दी। कहा जो शिक्षक पढ़ाते नहीं वही ये कहते हैं कि एमडीएम की सब्जी लाएं या पढ़ाएं? पढ़ाने के लिए दिल और सोच की जरूरत है। भरोसा दिलाया कि लौटने के बाद वह यह प्रयास करेंगे कि रसोइयों को हटाया न जाए। रसोइयों के हक की लड़ाई लड़ने वाले दयाशंकर यादव की उन्होंने तारीफ की। कार्यक्रम को सदर विधायक नागेन्द्र सिंह यादव मुन्ना, जिलाध्यक्ष भइयाराम पटेल, जिला महासचिव इरशाद सिद्दीकी समेत तमाम नेताओं ने संबोधित किया। इस मौके पर वासिक खान, अनूप पांडेय, गौरव यादव, दिनेश तिवारी, हरीश शुक्ला, आजम, मो. अतीक आदि रहे।
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उन्होंने कहा कि रसोइयों का नाम बदल कर दूसरी मां होना चाहिए। क्योंकि स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को वह एक मां की तरह ही खाना खिलाती हैं। इसलिए ऐसी मां को कभी पैसे से नहीं तौला जा सकता। मुद्दे पर आते हुए उन्होंने कहा कि रसोइयों की तैनाती 500 रुपये के मानदेय पर हुई थी। सत्ता में आने के बाद सपा मुखिया ने उनकी तकलीफ को समझा और मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी कर एक हजार कर दिया।
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हावी बिचौलियों के पर कतरते हुए पार्टी की सरकार ने मानदेय की रकम सीधे रसोइयों के खाते में भेजने का काम किया। दावा किया जब सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव प्रधानमंत्री होंगे तो रसोइयों का मानदेय पांच हजार कर दिया जाएगा। कहा कि अगली बार सपा की सरकार आई तो रसोइयों का मानदेय आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के बराबर होगा। मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि रसोइयों व शिक्षामित्रों की बात केन्द्र की बैठक में उन्होंने रखी, मगर उनकी सुनी नहीं गई। बताया कि हर बार नवीनीकरण की व्यवस्था केन्द्र सरकार ने की है। बहानेबाज शिक्षकों को भी उन्होंने नसीहत दी। कहा जो शिक्षक पढ़ाते नहीं वही ये कहते हैं कि एमडीएम की सब्जी लाएं या पढ़ाएं? पढ़ाने के लिए दिल और सोच की जरूरत है। भरोसा दिलाया कि लौटने के बाद वह यह प्रयास करेंगे कि रसोइयों को हटाया न जाए। रसोइयों के हक की लड़ाई लड़ने वाले दयाशंकर यादव की उन्होंने तारीफ की। कार्यक्रम को सदर विधायक नागेन्द्र सिंह यादव मुन्ना, जिलाध्यक्ष भइयाराम पटेल, जिला महासचिव इरशाद सिद्दीकी समेत तमाम नेताओं ने संबोधित किया। इस मौके पर वासिक खान, अनूप पांडेय, गौरव यादव, दिनेश तिवारी, हरीश शुक्ला, आजम, मो. अतीक आदि रहे।
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