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कमीशनखोरी की भेंट चढ़ीं पीएमजीएसवाई की सड़कें

Sun, 26 Jul 2015 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ Updated Sun, 26 Jul 2015 11:20 PM IST
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जन सुविधाओं के लिए संचालित सरकारी योजनाओं का जिले में बुरा हाल है। सड़कों के निर्माण का काम ठेकेदारों व पीडब्ल्यूडी में तैनात अफसरों की कमाऊ नीति की भेंट चढ़ गया है। कमीशन का कीड़ा सड़कों की मजबूती को खोखला कर चुका है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना का हाल जिले में काफी खराब है। पीएमजीएसवाई से बनीं सड़कें तीन साल भी नहीं चल सकीं। उखड़ीं सड़कों के मरम्मत की जिम्मेदारी उसी ठेकेदार की है, जिसने निर्माण कराया था। मगर अफसरों की मिलीभगत के कारण यह नियम जिले में नेस्तनाबूत हो चुका है। जिले में इस बात के कई प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। जिस पर विभागीय अधिकारी मुंह खोलना तक मुनासिब नहीं समझ रहे।
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प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत तक जिले को करोड़ों रुपये सरकार ने दिए। सड़क बनवाने के लिए टेंडर हुआ और ठेकेदारों ने काम शुरू किया। विभागीय लोग बताते हैं कि यहां करीब 50 से भी ज्यादा सड़कें बनाई गईं। योजना में यह नियम है कि यदि पांच साल के बीच ये सड़कें टूटती हैं तो मरम्मत का काम वही ठेकेदार करेगा। अफसरों व ठेकेदारों की जुगलबंदी के बीच यह नियम जांत में घुन की तरह पिस गया। पीएमजीएसवाई से बनी कई सड़कें पूरी तरह ध्वस्त हैं। जिस पर यात्रियों का चलना दुश्वार है। जान जोखिम में डाल कर लोग इन सड़कों पर सफर करने को मजबूर हैं। कटरामेदनीगंज से कटरागुलाब सिंह तक की सड़क इसी योजना से बनाई गई थी। यह सड़क तीन साल भी यात्रियों का सलामती से साथ नहीं दे सकी। इतना ही नहीं कटरागुलाब सिंह से जेठवारा कानूपुर चौराहे तक बनी सड़क भी पीएमजीएसवाई की बताई जाती है।
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बताते हैं कि यह सड़क इतनी खराब है कि लोग इस पर चलने में भय खाते हैं। जेल रोड से दिलीपपुर को जाने वाली सड़क का भी निर्माण इसी योजना से हुआ था। यह सड़क भी कुछ ही सालों में खराब हो गई। खजोहरी से जलालपुर तक की सड़क भी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से बनी। क्षेत्रीय लोग व विभागीय कर्मी नाम न छापने की शर्त पर बताते हैं कि पांच साल के अंदर खराब इन सड़कों की मरम्मत दोबारा ठेकेदार नहीं करा रहे। समय पूर्व सड़कों के खराब होने की वजह लोग अफसरों व ठेकेदारों की कमाऊ नीति व कमीशनबाजी के खेल को मान रहे हैं। यह सड़कें तो सिर्फ उदाहरण हैं। योजना से बनी ऐसी तमाम सड़कें जिले मेें समय पूर्व उखड़ गईं और अफसर ठेकेदारों दबाव बना कर उनका रिपेयरिंग कराना मुनासिब नहीं समझ रहे। पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता पवन कुमार शनिवार को दफ्तर में मिले नहीं, उनका मोबाइल बंद बता रहा है।
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