{"_id":"5ec17a14fb6f116660543208","slug":"pratapgarh-father-looking-for-path-of-son-caught-in-lockdown-dies","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pratapgarh: लॉकडाउन में फंसे बेटे की राह देख रहे पिता काे ले गई मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pratapgarh: लॉकडाउन में फंसे बेटे की राह देख रहे पिता काे ले गई मौत
Sun, 17 May 2020 11:23 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 17 May 2020 11:23 PM IST
विज्ञापन
pratapgarh
- फोटो : pratapgarh
लॉकडाउन में फंसा गुजरात में रहने वाला युवक पैदल ही घर के लिए निकल पड़ा। उसकी राह देख रहा पिता श्रमिक स्पेशल ट्रेन की चपेट में आ गया। जिससे उसकी मौत हो गई। रेलवे लाइन पर सुबह उसकी लाश देख कोहराम मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मानधाता थाना क्षेत्र के बबुरहा निवासी धर्मपाल पटेल (46) पुत्र कांशीराम का बेटा विशाल पटेल गुजरात में किसी कंपनी में काम करता है। लॉकडाउन में वह गुजरात में ही फंस गया। परिवार के लोग उसे लेकर चिंतित रहते थे। पांच दिन पहले विशाल घर के लिए पैदल ही निकल पड़ा। कुछ दूर तक वाहन मिल जाता।
फिर पैदल चलते हुए अपने घर आ रहा था। वह लगातार परिवार के लोगों के संपर्क में था। शनिवार की रात विशाल ने अपने पिता धर्मपाल को बताया कि वह रात में घर पहुंच जाएगा। उसके पास रुपये खत्म हो गए हैं। वह दूसरों की मदद से घर आ रहा है। परेशान बेटे को दिलासा देते हुए धर्मपाल घर के करीब रेलवे लाइन पर बैठकर उसकी राह देखने लगा।
विज्ञापन
रविवार की सुबह रेलवे लाइन पर धर्मपाल की लाश पड़ी थी। यह देख परिजन रोने बिलखने लगे। सूचना मिलने पर पहले भुपियामऊ चौकी के पुलिसकर्मी पहुंचे, लेकिन घटनास्थल मानधाता होने के कारण वहां की पुलिस को जानकारी दी। कुछ देर बाद पहुंची मानधाता पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिवार के लोगों का कहना था कि आखिर बेटे विशाल की तकलीफ को जानने के बाद उनका दिल उसे देखने के लिए तड़प रहा था। बेटे को सबसे पहले गले से लगाने के लिए बेताब धर्मपाल दो रात से रेलवे लाइन पर बैठकर बेटे की राह देख रहा था।
विज्ञापन
मानधाता थाना क्षेत्र के बबुरहा निवासी धर्मपाल पटेल (46) पुत्र कांशीराम का बेटा विशाल पटेल गुजरात में किसी कंपनी में काम करता है। लॉकडाउन में वह गुजरात में ही फंस गया। परिवार के लोग उसे लेकर चिंतित रहते थे। पांच दिन पहले विशाल घर के लिए पैदल ही निकल पड़ा। कुछ दूर तक वाहन मिल जाता।
विज्ञापन
फिर पैदल चलते हुए अपने घर आ रहा था। वह लगातार परिवार के लोगों के संपर्क में था। शनिवार की रात विशाल ने अपने पिता धर्मपाल को बताया कि वह रात में घर पहुंच जाएगा। उसके पास रुपये खत्म हो गए हैं। वह दूसरों की मदद से घर आ रहा है। परेशान बेटे को दिलासा देते हुए धर्मपाल घर के करीब रेलवे लाइन पर बैठकर उसकी राह देखने लगा।
विज्ञापन
रविवार की सुबह रेलवे लाइन पर धर्मपाल की लाश पड़ी थी। यह देख परिजन रोने बिलखने लगे। सूचना मिलने पर पहले भुपियामऊ चौकी के पुलिसकर्मी पहुंचे, लेकिन घटनास्थल मानधाता होने के कारण वहां की पुलिस को जानकारी दी। कुछ देर बाद पहुंची मानधाता पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिवार के लोगों का कहना था कि आखिर बेटे विशाल की तकलीफ को जानने के बाद उनका दिल उसे देखने के लिए तड़प रहा था। बेटे को सबसे पहले गले से लगाने के लिए बेताब धर्मपाल दो रात से रेलवे लाइन पर बैठकर बेटे की राह देख रहा था।